रावण की रिहाई के बाद डीजीपी ने पश्चिमी यूपी में सतर्क रहने के दिए निर्देश

चंद्रशेखर का जन्म सहारनपुर में चटमलपुर के पास धडकूलि गांव में हुआ था. जिले के एक स्थानीय कॉलेज से उन्होंने कानून की पढ़ाई की. वो पहली बार 2015 में विवादों में घिरे थे.

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 14, 2018, 4:09 PM IST
रावण की रिहाई के बाद डीजीपी ने पश्चिमी यूपी में सतर्क रहने के दिए निर्देश
उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह. Photo: News 18
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Updated: September 14, 2018, 4:09 PM IST
भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की 15 माह जेल में रहने के बाद गुरुवार की देर रात रिहा हो गया है. रावण की रिहाई के बाद शुक्रवार को डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों के कप्तान को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. खासतौर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चंद्रशेखर रावण की रिहाई के बाद विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं. पुलिस ने चंद्रशेखर रावण की रिहाई के बाद होने वाले संगठनों के प्रदर्शन को लेकर भी चौकसी बढ़ा दी है. वहीं दिल्ली से सटे इलाकों में विशेष चौकसी बरती जा रही है.

बता दें कि जेल से रिहा होते ही रावण ने बीजेपी पर जमकर भड़ास निकाला. उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बीजेपी को सत्ता से उखाड़ फेंकना है. रावण ने समर्थकों से कहा, "न सोएंगे और न सोने देंगे जब तक कि 2019 में बीजेपी को सत्ता से उखाड़ न दें. कोई स्वागत समारोह नहीं होगा. अगर कोई सोच रहा है तो वह उसे मन से निकल दे. मैं जेल सेबाहर काम करने के लिए आया हूं."

भीम आर्मी है क्या?
भीम आर्मी एक बहुजन संगठन है, जिसे भारत एकता मिशन भी कहा जाता है. ये दलित चिंतक सतीश कुमार के दिमाग की उपज है. इसे 2014 में चंद्रशेखर आजाद 'रावण' और विनय रतन आर्य ने हाशिए वाले वर्गों के विकास के लिए स्थापित किया गया. भीम आर्मी का कहना है कि वह शिक्षा के माध्यम से दलितों के लिए काम कर रहा है.

(रिपोर्ट: ऋषभ मणि त्रिपाठी)

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