कानपुर देहात में जहरीली शराब से मौत मामले में डीजीपी ने डीआईजी से मांगा स्पष्टीकरण

20 मई को कानपुर देहात के रूरा में जहरीली शराब के सेवन से 5 लोगों की मौत हो गई थीं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 14, 2018, 12:59 PM IST
कानपुर देहात में जहरीली शराब से मौत मामले में डीजीपी ने डीआईजी से मांगा स्पष्टीकरण
उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह. (File Photo)
News18 Uttar Pradesh
Updated: June 14, 2018, 12:59 PM IST
कानपुर देहात में जहरीली शराब से मौत मामले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने डीआईजी रतनकांत पांडेय से स्पष्टीकरण मांगा है. 20 मई को कानपुर देहात के रूरा में जहरीली शराब के सेवन से 5 लोगों की मौत हो गई थीं. मामले में डीजीपी ने डीआईजी सुरक्षा रतनकांत पांडेय से स्पष्टीकरण मांगा है. रतनकांत उसम कानपुर देहात में एसपी के पद पर तैनात थे. घटना के बाद उनका ट्रांसफर हो गया था.

बता दें कानपुर नगर और कानपुर देहात में सरकारी ठेकों से जहरीली शराब की सप्लाई मामले में 14 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. वहीं करीब 30 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे.
मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद कानपुर नगर और देहात के दो आबकारी निरीक्षक समेत 5 को निलंबित कर दिया गया था. वहीं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी कानपुर नगर और कानपुर देहात में सरकारी ठेके से जहरीली शराब की बिक्री और इससे हुई मौतों के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है.

यह भी पढ़ें: कानपुर में जहरीली शराब से मौत मामले में NHRC ने भेजा नोटिस

मामले में प्रदेश के मुख्य सचिव से चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है. आयोग के अनुसार मामले में सरकार ने दो लाख रुपए का मृतक आश्रितों को मुआवजे का ऐलान किया है लेकिन ये मुआवजा ​नकली शराब से निपटने का उपाय नहीं हो सकती. सरकारी एजेंसियों के लिए फौरन ऐसे कड़े और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है कि सरकारी ठेकों से अवैघ शराब की बिक्री न हो सके. साथ ही मामले में विस्तृत जांच करने की आवश्यकता है ताकि कारण सामने आ सके.

जहरीली शराब कांड: सपा नेता के रिश्तेदार का नाम आया सामने, फरार आरोपियों पर ईनाम घोषित

आयोग के अनुसार ये पहला मामला नहीं है, जब जहरीली शराब से लोगों की जान गई है. जिन राज्यों में शराब पर प्रतिबंध नहीं है, वहां की सरकार की ये जिम्मेदारी बनती है कि अवैध या जहरीली शराब की बिक्री पर रोक सुनिश्चित करें. ये भी देखें की सरकारी ठेकों पर ऐसी शराब तो नहीं बिक रही है.

 
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर