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DHFL केस: UPPCL ने PF वापसी के लिए RBI को लिखा पत्र, मुंबई High Court में पैरवी करेगी ये लॉ फर्म...

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 8, 2019, 8:18 PM IST
DHFL केस: UPPCL ने PF वापसी के लिए RBI को लिखा पत्र, मुंबई High Court में पैरवी करेगी ये लॉ फर्म...
शक्ति भवन लखनऊ (uppcl कार्यालय- फ़ाइल फोटो )

DHFL मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद PF वापस कराने में योगी सरकार जुट गई है, UPPCL ने PF वापसी के लिए RBI को इस पत्र लिखा है और कोई भी कसर न रह जाए इसलिए मुंबई हाईकोर्ट में भी पैरवी के लिए एक बड़ी लॉ फर्म को हायर किया गया है.

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लखनऊ. उर्जा विभाग में सामने आए DHFL घोटाले के जिम्मेदारों के खिलाफ योगी सरकार की ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. योगी सरकार ने एक ओर DHFL मामले के प्रथम दृष्टया दोषी अधिकारियों को जेल भेज दिया है वहीं अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करा रही है. वहीं मुम्बई हाईकोर्ट से DHFL के भुगतान पर लगी रोक के चलते फंसे पीएफ को वापस दिलाने के लिए  UPPCL ने सागर एसोसिएट नाम की एक नामी लॉ फर्म को हायर किया है.

योगी सरकार ने DHFL में फंसे UPPCL कर्मियों के 2267 करोड़ रुपयों के PF की ब्याज सहित वापसी के भी हर स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं. जिसके तहत आज प्रमुख सचिव उर्जा ने भारतीय रिजर्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक को एक पत्र भेजा है. जिसमें DHFL में निवेश किए गए UPPCL कर्मियों के PF के मूलधन और ब्याज को वापस कराने के लिये अविलंब कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है.

rbi, uppcl
प्रमुख सचिव उर्जा का भारतीय रिजर्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक को लिखा पत्र


पत्र में लिखी प्रमुख बातें

प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने भारतीय रिजर्व बैंक के मुख्य महाप्रबंधक अशोक नारायण को भेजे पत्र में सबसे पहले यह जानकारी दी है कि उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा अपने कार्मिकों के प्रोविडेंट फंड की धनराशि के प्रबंधन के लिए दो ट्रस्ट स्थापित किए गए हैं. तात्कालिक उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद के निगमीकरण से पूर्व कार्यरत कार्मिकों के संबंध में यूपी स्टेट पावर सेक्टर एम्पलाइज ट्रस्ट बनाया गया है और निगमीकरण के बाद भर्ती किए गए कार्मिकों के प्रोविडेंट फंड के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड सीपीएफ ट्रस्ट बनाया गया है.

इन दोनों ट्रस्टों द्वारा अन्य हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के साथ-साथ DHFL के फिक्स डिपॉजिट में काफी बड़ी धनराशि निवेश की गई थी. लेकिन इसी बीच मुम्बई हाईकार्ट ने अपने 30 सितंबर 2019 और 10 अक्टूबर 2019 को दिए गए आदेश में DHFL में प्रश्नगत निवेशित धनराशि के मूलधन तथा ब्याज की वापसी पर रोक लगा दी है. जिसके चलते DHFL में UPPCL कर्मियों का 2267 करोड़ फंस गया है.
प्रमुख सचिव उर्जा नें RBI को लिखे अपने इस पत्र में DHFL में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की भी जानकारी दी है.
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चुंकि हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेगुलेशन नेशनल हाउसिंग बैंक द्वारा किया जाता है और भारतीय रिजर्व बैंक नेशनल हाउसिंग बैंक की मुख्य प्रवर्तक है इसीलिए UPPCL ने अपने हजारों कर्मियों की पीएफ वापसी के लिए RBI को पत्र लिखकर मदद मांगी है. इस पत्र में UPPCL ने कार्मिकों के पीएफ की धन राशि की ब्याज सहित सुरक्षित वापसी के लिए RBI से अविलंब प्रभावी कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया है.

जबकि दूसरी ओर योगी सरकार नें UPPCL कर्मियों का पीएफ वापस कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने की भी पूरी तैयारी कर ली है. मुम्बई हाईकोर्ट से DHFL के भुगतान पर लगी रोक से फंसे पीएफ को वापस दिलाने के लिए  UPPCL ने सागर एसोसिएट नाम की एक नामी लॉ फर्म को हायर किया है. UPPCL ने सागर एसोसिएट को DHFL मामले से जुड़े सभी दस्तावेज भी सौंप दिए हैं. UPPCL की तरफ से अब जल्द ही सागर एसोसिएट मुम्बई हाईकोर्ट में केस फाईल कर UPPCL कर्मियो का पीएफ दिलाने की कानूनी लड़ाई लड़ेगी.

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First published: November 8, 2019, 8:14 PM IST
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