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UPPCL पीएफ घोटाला: DHFL के चेयरमैन बोले- बिजली कर्मियों का पाई-पाई चुकाएंगे

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 10, 2019, 11:41 AM IST
UPPCL पीएफ घोटाला: DHFL के चेयरमैन बोले- बिजली कर्मियों का पाई-पाई चुकाएंगे
दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL)

श्रीकांत शर्मा का कहना है कि 'इस मामले में किसी को भी बख्शा नही जाएगा. कर्मचारियों के पीएफ पर डाका डालने वालों की संपत्ति जब्त की जाएगी. UPPCL के कर्मचारी हमारे परिवार के सदस्य हैं उन्हें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है, उनका पीएफ हम दिलाएंगे'.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के डीएचएफएल पीएफ घोटाला मामले में रविवार को DHFL के चेयरमैन कपिल वाधवान के हस्ताक्षर से जारी हुआ पत्र सामने आया है. इस पत्र में कपिल वाधवान ने दावा करते हुए कहा हैं कि हम बिजली कर्मियों का पाई-पाई चुकाएंगे. उन्होंने कहा कि DHFL ने 30 सितंबर 2019 तक का भुगतान किया है. वाधवान कहते हैं कि बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के कारण भुगतान रोकने को मजबूर है.

DHFL मामले के दोषियों की संपत्ति जब्त होगी!
इस मामले में विपक्ष के निशाने पर आए योगी सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से news 18 संवाददाता ने बात की तो ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि वो इसकी जांच कर रहे हैं. उनका कहना है कि मामला जैसे ही संज्ञान में आया वैसे ही उत्तर प्रदेश सरकार ने जो प्रथम दृष्टया दोषी हैं उन्हें गिरफ्तार किया. ऊर्जा मंत्री कहते हैं कि उन्होंने तुरंत ही 'मुख्यमंत्री को इस मामले की सीबीआई जांच के लिए भी लिख दिया था. क्योंकि इसमें पूर्व में जो फैसला हुआ उसकी भी जांच होगी'.

दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) ने जारी किया पत्र
दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) ने जारी किया पत्र


श्रीकांत शर्मा का कहना है कि 'इस मामले में किसी को भी बख्शा नही जाएगा. कर्मचारियों के पीएफ पर डाका डालने वालों की संपत्ति जब्त की जाएगी. UPPCL के कर्मचारी हमारे परिवार के सदस्य हैं उन्हें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है, उनका पीएफ हम दिलाएंगे'.

सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की
ये घोटाला कुछ दिनों पहले ही सामने आया था. इसके बाद विपक्ष ने बीजेपी और योगी सरकार को घेरना शुरू कर दिया. सबसे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार पर निशाना साधा, उसके बाद अखिलेश यादव ने सरकार को घेरा. योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने इसके बाद आनन फानन में जांच के निर्देश दिए. ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां की गईं. सबसे पहले यूपीपीसीएल डायरेक्‍टर (फाइनेंस) और ट्रस्‍ट के सदस्‍य सुधांशु द्विवेदी और जनरल मैनेजर और सचिव पीके गुप्‍ता को गिरफ्तार किया गया. राज्‍य सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की है, अब केंद्र की ओर से मंजूरी बाकी है.
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अखिलेश सरकार में किया गया था निवेश का फैसला
उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर एंप्लॉइज ट्रस्ट में जमा UPPCL कर्मियों के पीएफ का 1600 करोड़ रुपये निजी कंपनी DHFL में निवेश किए जाने से फंस गया है. UPPCL कर्मियों के पीएफ का पैसा केंद्र सरकार की गाईडलाइन को दरकिनार कर निजी कंपनी DHFL में निवेश करने का फैसला अखिलेश सरकार में किया गया था. यह फैसला 21 अप्रैल 2014 को हुई उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर एंप्लॉइज ट्रस्ट के बोर्ड आफ ट्रस्टीज की बैठक में किया गया था. इसके चलते मार्च 2017 से दिसंबर 2018 तक UPPCL कर्मियों के पीएफ के 2631.20 करोड़ रुपये DHFL में जमा किए गए. इस दौरान 1000 करोड़ रुपये तो वापस मिल गए, लेकिन इसी बीच मुम्बई हाईकोर्ट ने डीएचएफएल द्वारा किए जाने वाले सभी भुगतान पर रोक लगा दी, जिससे UPPCL कर्मियों के पीएफ के करीब 1600 करोड़ रुपये DHFL में फंस जाने से हड़कंप मच गया है.

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First published: November 10, 2019, 11:41 AM IST
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