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UP Politics: जानिए कब से है माफिया मुख्तार अंसारी और BSP का रिश्ता, ऐसे बहनजी के आर्शीवाद से शुरू हुआ था सफर

UP Politics: जानिए कब से है माफिया मुख्तार अंसारी और BSP का रिश्ता, ऐसे बहनजी के आर्शीवाद से शुरू हुआ था सफर

UP Politics: जानिए कब से है माफिया मुख्तार अंसारी और BSP का रिश्ता (File photo)

UP Politics: जानिए कब से है माफिया मुख्तार अंसारी और BSP का रिश्ता (File photo)

Mukhtar Ansari News: साल 2017 में मुख्तार ने अपनी पार्टी का बीएसपी (BSP) में विलय कर दिया और पांचवीं बार विधायक का चुनाव लड़ा. हाथी का साथ मिलने से वह लगातार पांचवीं बार और जेल में रहते हुए तीसरा चुनाव जीतने में कामयाब रहा.

  • News18Hindi
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लखनऊ. आगामी यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में मायावती ने जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी (Don Mukhtar Ansari) का टिकट काट दिया है. वैसे यह कोई पहली बार नहीं होगा, जब माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को बीएसपी (BSP) से बाहर का रास्ता दिखाया है. मुख्तार ने अपने सियासी करियर की शुरुआत बीएसपी से ही की थी. 1996 में वह हाथी की सवारी कर वह पहली बार विधानसभा पहुंचा था. हालांकि कुछ दिनों बाद ही मायावती ने उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया था. 2002 और 2007 का चुनाव वह निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीता.

2009 के लोकसभा चुनाव से पहले उसने दोबारा हाथी की सवारी की. उस चुनाव में बीएसपी ने उसने वाराणसी सीट से बीजेपी नेता डॉ मुरली मनोहर जोशी के खिलाफ उम्मीदवार बनाया था. लोकसभा के इस चुनाव में मुख्तार को हार का सामना करना पड़ा और थोड़े दिन बाद ही उसे फिर से बाहर कर दिया गया. साल 2012 में अंसारी ब्रदर्स ने अपनी अलग पार्टी कौमी एकता दल बनाई. मुख्तार अंसारी 2012 में अपनी घर की पार्टी से चुनाव लड़कर लगातार चौथी बार विधायक बना. साल 2017 में मुख्तार ने अपनी पार्टी का बीएसपी में विलय कर दिया और पांचवीं बार विधायक का चुनाव लड़ा. हाथी का साथ मिलने से वह लगातार पांचवीं बार और जेल में रहते हुए तीसरा चुनाव जीतने में कामयाब रहा.

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दरअसल मुख्तार का टिकट काटने और उससे दूरी बनाए जाने के बीएसपी सुप्रीमों मायावती के फैसले के पीछे उसका लम्बा-चौड़ा क्रिमिनल रिकॉर्ड और 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले उसके जेल से बाहर आने के सभी रास्ते बंद होना तो है ही, साथ ही पार्टी को यह भी लगता है कि पिछले तकरीबन सोलह सालों से लगातार जेल में रहने की वजह से मऊ सीट पर मुख्तार का दबदबा अब पहले जैसा रहा भी नहीं. मुख्तार अंसारी पिछ्ला तीन चुनाव सिर्फ 8 हजार या इससे भी कम वोटों से ही जीतने में कामयाब रहा है. योगी सरकार ने माफियाओं-बाहुबलियों और दूसरे अपराधियों के खिलाफ जिस तरह का अभियान चलाया है और इन ऑपरेशनों के चलते सूबे में संगठित अपराधों पर जैसा अंकुश लगा है, उसी के नतीजे के तौर पर ही मायावती अब मुख्तार से तौबा कर लिया है.

Tags: BSP MLA, BSP UP, CM Yogi, Mukhtar Ansari Case, Mukhtar Ansari News, Up crime news, UP Election 2022, UP police, Yogi government

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