UP: योगी सरकार में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मूंछों का रौब पड़ा फीका, गुनाहों की जल्द मिलेगी सजा

योगी सरकार में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मूंछों का रौब पड़ा फीका (फाइल फोटो)

योगी सरकार में माफिया डॉन मुख्तार अंसारी की मूंछों का रौब पड़ा फीका (फाइल फोटो)

तीसरा मुकदमा गाजीपुर कोतवाली में धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर के तहत दर्ज किया गया था, जो प्रयागराज (Prayagraj Court) कोर्ट में विचाराधीन है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अपराधियों और बाहुबलियों पर योगी सरकार लगातार शिकंजा कसती जा रही है. सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का ही नतीजा है कि इन दिनों मुख्तार अंसारी (Mafia Don Mukhtar Ansari) जैसे गैंगस्टर से नेता बने हिस्ट्रीशीटर अपराधी मुख्तार अंसारी की मूंछों का रौब भी फीका पड़ गया है. पंजाब सरकार के भरोसे अपनी साख बचाने की कोशिश करने वाले मुख्तार अंसारी के सपनों पर पानी फिर गया है. ऐसे में अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मुख्तार अंसारी पर 15 विचाराधीन मुकदमों में जल्द से जल्द सजा दिए जाने के प्रयास में लगी है.

कहने को तो मुख्तार के गुनाहों की लिस्ट काफी लंबी है. लेकिन जो 15 गंभीर आपराधिक मुकदमे अभी कोर्ट में विचाराधीन है. उसका चिट्ठा भी योगी सरकार ने जारी कर दिया है. पहला मुकदमा गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने का है, जो धारा 467, 468, 420, 120बी के तहत 4 दिसंबर 1990 को दर्ज हुआ था, जोकि एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रयागराज में विचाराधीन है. दूसरा, वाराणसी के चेतगंज थाने में धारा 147, 178, 149, 302 के तहत दर्ज हुआ मुकदमा भी एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रयागराज में विचाराधीन है.

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तीसरा मुकदमा गाजीपुर कोतवाली में धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर के तहत दर्ज किया गया था, जो प्रयागराज कोर्ट में विचाराधीन है. चौथा मुकदमा गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में 302 के तहज दर्ज किया है, जो न्यायालय में विचाराधीन है. पांचवा मुकदमा वाराणसी के भेलूपुर में धारा 506 के तहत दर्ज हुआ था, जो एमपी-एमएलए कोर्ट में प्रयागराज में विचाराधीन है.
मुकदमों में खत्म हुई अड़चनें

यह उन मुकदमों की फेहरिस्त है जिन पर अभी फैसला आना बाकी है. ऐसे में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार मुख्तार के यूपी लाए जाने के बाद उसके खिलाफ विचाराधीन मामलों में जल्द जल्द से तमाम गवाह पेश कर उसे सजा दिलाने की तैयारी में है. जाहिर है ये वो मुकदमें जो मुख्तार के काले कारनामों का चिट्ठा खोलते है. पंजाब में होने की वजह से इन मुकदमों में कोर्ट में तलबी आदेशों के बावजूद पेशी नहीं होने के कारण सुनवाई में अड़चनें आ रही थीं, लेकिन उसके यूपी आने के साथ ही इन मुकदमों में तेजी आएगी और खास करके जो मामलों की सुनवाई आखिरी दौर में है उन मामलों में उसको सजा के अंजाम तक भी पहुंचाया जाएगा.
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