UP: चंदौली के डॉ. धर्मेंद्र ने बढ़ाया देश का मान, दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों में हासिल की 375वीं रैंक

डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी ने 375वां रैंक हासिल किया है.
डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी ने 375वां रैंक हासिल किया है.

अमेरिका (America) की प्रकाशन संस्था प्लॉस बायोलॉजी (Ploss biology) ने दुनिया के शीर्ष 500 वैज्ञानिकों की रैंकिंग जारी की है. इसमें चंदौली के डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी (Dr. Dharmendra Tripathi) ने 375वां रैंक हासिल किया है.

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चंदौली. संय़ुक्त राज्य अमेरिका (America) की प्रकाशन संस्था प्लॉस बायोलॉजी (Ploss biology) ने दुनिया के शीर्ष 500 वैज्ञानिकों की रैंकिंग जारी की है. इसमें 375वीं रैंकिंग पर सदर तहसील के माटीगांव निवासी डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी (Dr. Dharmendra Tripathi) का नाम शामिल है. डॉ. त्रिपाठी वर्तमान में उत्तराखंड के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के प्रभारी कुलसचिव तथा डीन रिसर्च एंड कंसल्टेंसी के पद पर तैनात है. डॉ. त्रिपाठी के दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होने से जनपद के लोग काफी गौरवान्वित हैं.

माटीगांव निवासी सेवानिवृत्त संस्कृत के प्रवक्ता बैजनाथ त्रिपाठी के बड़े पुत्र डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही आदर्श इंटर कालेज में हुई है. इसके बाद वह आगे की पढ़ाई दूसरे शहरों की में की. डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी वर्तमान में उत्तराखंड के राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में प्रभारी कुलसचिव के पद पर तैनात है।.साथ ही वह संस्थान में डीन रिसर्च एंड कंसल्टेंसी (आरएसडी) भी है.

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अमेरिकी संस्थान ने जारी की रैंकिंग

संयुक्त राष्ट्र अमेरिका की प्रकाशन संस्था प्लॉस बायोलाजी ने दुनिया के शीर्ष 500 वैज्ञानिकों की रैंकिंग जारी की है. संस्था वैज्ञानिकों के शोध पत्र, इंपैक्ट फैक्टर और साइटेंशन (उद्धरण) के आधार पर रैंकिंग जारी करती है. इसमेंं यह भी देखा जाता है कि किस वैज्ञानिक के शोध पत्रों से कितने कम समय में कितने रिसर्च स्कालर्स ने उद्धरण लिया है. संस्था के 375वीं रैंकिंग पर माटीगांव के डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी का नाम शामिल है. वहीं भारत में उनका नाम छठें स्थान पर हैं. डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि उनके कामयाबी के पीछे परिवार के लोगों और गांव का सहयोग है. लोगों की प्रेरणा के चलते उन्हें यह मुकाम मिला है. वहीं गांव सहित जिले का नाम विश्व स्तर पर पहुंचाने के लिए डॉ. ‌त्रिपाठी के पैतृक आवास पर लोगों की भीड़ जुट रही है. जिले के लोग डॉ. त्रिपाठी के विश्व स्तर पर नाम रौशन करने से काफी गौरवान्वित हैं.
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