खनन घोटाले में गायत्री प्रजापति सहित कई अफसरों पर ED ने भी किया केस

सीबीआई के बाद ईडी ने भी यूपी में हुए खनन पट्टे को लेकर डील और घोटाला मामले में केस दर्ज कर लिया है. अपने कार्यकाल में अखिलेश यादव खुद और उसके बाद प्रजापति खनन विभाग देख रहे थे, इसलिए जांच का दायरा बढ़ा हुआ है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 12, 2019, 7:28 PM IST
खनन घोटाले में गायत्री प्रजापति सहित कई अफसरों पर ED ने भी किया केस
सीबीआई के बाद ईडी ने दर्ज किया खनन घोटाला में मुकदमा. (फाइल फोटो)
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Updated: July 12, 2019, 7:28 PM IST
सीबीआई के बाद दूसरी जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी यूपी में हुए खनन पट्टे को लेकर डील और घोटाला मामले में केस दर्ज कर लिया है. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर को आधार बनाते हुए ईडी ने भी उस मामले को टेकओवर कर लिया है. ईडी निदेशक खुद इस मामले पर अपनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे इस मामले में भी तेजी से तफ्तीश हो सके. सीबीआई ने कुछ दिनों पहले ही खनन घोटाला से संबंधित दो नए एफआईआर दर्ज किए थे, जिसमें अनेक आईएएस अधिकारियों सहित एक ऐसे शख्स को आरोपी बनाया था जिसका उस मामले से सीधा संबंध था.

उसके बाद सीबीआई ने शुरुआती तफ्तीश करने के बाद अचानक 12 स्थानों पर छापेमारी की, छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूतों और दस्तावेजों को इकट्ठा किया गया और अब उन तमाम सबूतों और दस्तावेजों को खंगालने में सीबीआई की टीम जुटी हुई है. ईडी के सूत्रों की माने तो हाल में दर्ज मुकदमों में यूपी सरकार के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति सहित कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामले भी शामिल हैं.



पहले अखिलेश यादव और फिर गायत्री प्रजापति ने देखा खनन मंत्रालय
अवैध खनन का यह मामला 2012 से 2016 के बीच का है, हालांकि उस वक्त यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और उस वक्त मुख्यमंत्री अखिलेश यादव थे. अपने कार्यकाल में काफी समय तक अखिलेश यादव खुद खनन विभाग से जुड़ा मंत्रालय देख रहे थे, उसके बाद उस मंत्रालय को गायत्री प्रजापति को दे दिया गया था इसलिए जांच का दायरा काफी बढ़ा हुआ है. फिलहाल जांच एजेंसियों के राडार पर आईएएस अधिकारी से लेकर वे क्लर्क भी हैं जिसने इस फर्जीवाडे को अंजाम दिया था.

जल्द ही कई तत्कालीन अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ करेगी ईडी
हालांकि सीबीआई और ईडी धीरे-धीरे जांच का दायरा काफी बढ़ा रही हैं, जिसमें आने वाले दिनों में कई और नामों की घोषणा हो सकती है. सीबीआई के सूत्रों की अगर मानें तो जल्द ही इस मामले में कई अधिकारियों से पूछताछ होने वाली है उसके बाद उनमें से कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी भी संभव है. मामला दर्ज करने के बाद ईडी जल्द ही कई तत्कालीन आरोपी अधिकारियों को नोटिस भेजकर पूछताछ करेगी. उसके बाद उन लोगों के खिलाफ शिकंजा कसा जा सकता है.

इन प्रमुख लोगों पर दर्ज किए गए हैं मुकदमे
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सीबीआई सूत्रों की अगर मानें तो जल्द ही सीबीआई कई और एफआईआर दर्ज कर सकती है और उन मामलों को आधार बनाते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ छापेमारी भी कर सकती है. हाल में दर्ज मामलों में यूपी सरकार के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति सहित कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ दर्ज मामले भी शामिल हैं, जिसमें से प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

आईएएस अधिकारी अभय - यूपी कैडर, 2007 बैच
आईएएस अधिकारी संतोष कुमार - यूपी कैडर, 2005 बैच
हरि मोहन झा - तात्कालीन अंडर सेक्रेटरी, खनन विभाग
डॉ. विजय कुमार मौर्या - खनन अधिकारी, देवरिया
हंसराज - खनन विभाग, देवरिया
संजय यादव - देवरिया
शिव सिंह - फतेहपुर मूल के रहने वाले
सुखराज - फतेहपुर मूल में रहने वाले सरकारी अधिकारी
पंकज कुमार सिंह - खनन विभाग में इंस्पेक्टर, देवरिया

रिपोर्टर – शंकर आनंद 
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