कानपुर से लेकर थाइलैंड तक विकास दुबे और गुर्गों की अवैध संपत्तियों की होगी जांच, ED ने दर्ज किया केस
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कानपुर से लेकर थाइलैंड तक विकास दुबे और गुर्गों की अवैध संपत्तियों की होगी जांच, ED ने दर्ज किया केस
गत 10 जुलाई को यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में गैंगस्टर विकास दुबे को मार गिराया था. (फाइल फोटो)

ईडी (Enforcement Directorate) ने विकास दुबे (Vikas Dubey) से जुड़े लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) का मामला दर्ज किया है. ईडी ने यूपी पुलिस की एफआईआर को आधार बनाते हुए ये कार्रवाई शुरू की है.

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  • Last Updated: September 15, 2020, 1:43 PM IST
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नई दिल्ली. केन्द्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने उत्तर प्रदेश के गैंगस्टर रहे विकास दुबे (Vikas Dubey) से संबंधित कई लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) का मामला दर्ज कर लिया है. ईडी ने यूपी पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर को आधार बनाते हुए उस मामले की तफ्तीश करेगी, जिसमें विकास दुबे सहित उसके कई गुर्गों पर अवैध संपत्तियों बनाने का आरोप है.

हालांकि 10 जुलाई को यूपी पुलिस की कार्रवाई में विकास दुबे की मौत हो गई थी. लेकिन उस वक्त से ही जांच एजेंसियां काफी सक्रिय है. इस मामले में विकास दुबे की कई अवैध संपत्ति जांच एजेंसी के रडार पर आ गई है. इसके साथ ही विकास दुबे के साथ रहे कई बड़े कारोबारी, ठेकेदार सहित सरकारी अधिकारी व कर्मचारी भी अब जांच एजेंसी के रडार पर हैं. जिसकी तफ्तीश की जा रही है.

ईडी के सूत्रों की माने तो आरोपियों की लिस्ट में दिनेश तिवारी, शिवम दुबे, अनुराग दुबे, संजय दुबे सहित करीब तीन दर्जन से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ ईडी ने मामला दर्ज करने के बाद तफ्तीश शुरू कर दी है. ईडी की लखनऊ ब्रांच इस मामले की तफ्तीश कर रही है. तफ्तीश से जुड़ी तमाम रिपोर्ट दिल्ली मुख्यालय से साझा किया जा रहा है.



ईडी की तफ्तीश में यूपी सरकार भी कर रही मदद
विकास दुबे की मौत से पहले ही उसके खिलाफ यूपी में दर्जन भर मामले पहले से ही दर्ज थे. उन्हीं मामले को आधार बनाते हुए यूपी सरकार के निर्देश पर एक कमेटी का भी गठन किया गया था. उसी कमेटी द्वारा विकास दुबे सहित उसके साथ काम करने वाले कई गैंगस्टर, स्थानीय अपराधियों के खिलाफ इस मामले में तफ्तीश करवाई गई. जांच रिपोर्ट को देखने के बाद कमेटी के अधिकारियों के भी होश उड़ गए. क्योंकि जांच करने वाली कमेटी को कई सफ़ेदपोश आरोपियों की चल-अचल संपत्तियों की भी जानकारी मिली. जिसे केन्द्रीय जांच एजेंसी ईडी (ED) के साथ साझा किया गया.

ईडी के विशेष सूत्रों के मुताबिक अब जल्द ही इन लोगों के खिलाफ भी औपचारिक तौर पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी. समान्य तौर पर ऐसा देखा जाता है कि किसी भी आरोपी की मौत के बाद उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं होता है. लेकिन इस मामले में विकास दुबे के करीबियों पर कई संगीन आरोप हैं. लिहाजा मामला दर्ज किया गया है.

विकास दुबे के खजांची जय वाजपेई के खिलाफ जांच शुरू

ईडी के सूत्रों के मुताबिक विकास दुबे की तमाम अवैध उगाही, कई प्रोपर्टी पर बल पूर्वक कब्ज़ा करके उसको बेचने के बाद जमा पूंजी, धमकाने के बाद पैसों की उगाही, लूटपाट समेत कई अन्य गलत तरीके से जो लाखों-करोड़ों रुपये जमा किये गये थे. उस संपत्तियों की देखरेख का काम विकास दुबे का काफी करीबी रहे जय वाजपेई ही कर रहा था. विकास दुबे की मौत के बाद उसकी काफी संपत्तियों और नकदी के बारे में जय वाजपेई ही सबसे बड़ा राजदार है. लिहाजा उसके खिलाफ कार्रवाई और उससे पूछताछ ईडी के लिए सबसे महत्वपूर्ण होने वाला है. इसके साथ ही ईडी की टीम विकास दुबे के कई परिजनों से भी इस मामले में पूछताछ करने वाली है.

कानपुर से लेकर थाइलैंड तक है तफ्तीश का दायरा

विकास दुबे से संबंधित इस मामले में कई पुलिसकर्मियों और कानपुर में तैनात रह चुके नौकरशाहों से भी इस मामले में ईडी की टीम पूछताछ कर सकती है. क्योंकि शुरूआती दौर की तफ्तीश में यूपी सरकार की कमेटी को ये भी जानकारी मिली है कि कई स्थानीय पुलिसकर्मियों और कानपुर में तैनात रहे अधिकारियों के साथ विकास दुबे और उसके फाइनेंसर जय वाजपेई का काफी करीबी संबंध रहा है. जिसका फायदा उठाते हुए काफी अवैध संपत्तियों को अर्जित करने का आरोप है. इसके साथ ही थाईलैंड में भी प्रोपर्टी खरीदने की भी जानकारी ईडी की टीम को मिली है. ईडी की टीम को ये भी जानकारी मिली थी कि विकास दुबे अपने करीबी सहयोगियों के साथ करीब 10 देशों की यात्रा कर चुका है. लेकिन उन यात्राओं का मकसद क्या था? क्या कहीं कोई प्रोपर्टी से जुड़े निवेश या पैसों को छुपाने के लिए कोई योजना तो नहीं थी. लिहाजा यूपी से लेकर विदेश तक इस मामले में विस्तार से जांच एजेंसी तफ्तीश कर रही है.
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