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UPPCL पीएफ घोटाला: गिरफ्तार सुधांशु द्विवेदी और पीके गुप्ता की 3 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 6, 2019, 3:47 PM IST
UPPCL पीएफ घोटाला: गिरफ्तार सुधांशु द्विवेदी और पीके गुप्ता की 3 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड
गिरफ्तार के बाद लॉकअप में बंद सुधांशु द्विवेदी और पीके गुप्ता

पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने यूपीपीसीएल (UPPCL) कर्मियों का पीएफ निजी कंपनी डीएचएफएल (DHFL) में जमा कराने वाले तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी और महानिदेशक पीके गुप्ता के खिलाफ FIR दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के कर्मचारियों की भविष्य निधि (PF) राशि निजी कंपनी डीएचएफएल (DHFL) में जमा कराने के मामले में गिरफ्तार सुधांशु द्विवेदी और पीके गुप्ता को कोर्ट ने 3 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर भेज दिया है. मामले की जांच कर रही ईओडब्ल्यू को बुधवार शाम 4 बजे से 9 नवंबर शाम 4 बजे तक की रिमांड मिली है. ईओडब्ल्यू ने वैसे इन दोनों की 7 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी लेकिन सिविल जज जूनियर डिविजन ने तीन दिन की रिमांड ही मंजूर की.

बता दें पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने यूपीपीसीएल कर्मियों का पीएफ डीएचएफएल में जमा कराने वाले तत्कालीन निदेशक वित्त सुधांशु द्विवेदी और महानिदेशक पीके गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. साथ ही सरकार ने DHFL में फंसे UPPCL कर्मियों के करीब 2268 करोड़ रुपए को निकालने के लिए भी प्रयास शुरू कर दिए.  सीएम योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा के निर्देश पर इस पूरे मामले की जांच नए सिरे से शुरू कर दी गई है. इसमें दोषी मिलने पर UPPCL के अन्य आला-अधिकारियों के खिलाफ भी जल्द कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.

अखिलेश सरकार में निवेश का फैसला
उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर इम्पलाइज ट्रस्ट में जमा UPPCL कर्मियों के पीएफ का 1600 करोड़ रुपया निजी कंपनी DHFL में निवेश किये जाने से फंस गया है. UPPCL कर्मियों के पीएफ का पैसा केंद्र सरकार की गाईडलाइन को दरकिनार कर निजी कंपनी DHFL में निवेश करने का फैसला अखिलेश सरकार में किया गया था. यह फैसला 21 अप्रैल 2014 को हुई उत्तर प्रदेश स्टेट पावर सेक्टर इम्पलाइज ट्रस्ट के बोर्ड आफ ट्रस्टीज की बैठक में किया गया था. इसके चलते मार्च 2017 से दिसंबर 2018 तक UPPCL कर्मियों के पीएफ का 2631.20 करोड रुपया DHFL में जमा किया गया. इस दौरान 1000 करोड़ रुपया तो वापस मिल गया, लेकिन इसी बीच मुम्बई हाईकोर्ट ने डीएचएफएल द्वारा किए जाने वाले सभी भुगतान पर रोक लगा दी, जिससे यूपीपीसीएल कर्मियों के पीएफ का करीब 1600 करोड़ रुपया डीएचएफएल में फंस जाने से हड़कंप मच गया है.

इसके बाद विभिन्न विद्युत कर्मचारी संगठन कर्माचारियों के PF के निवेश से जुड़ी जानकारी के साथ उसकी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त करने के लिए सरकार से श्वेत पत्र जारी कर, इस मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग कर रहे हैं.

प्रियंका गांधी के ट्वीट से चर्चा में आया मामला
ऐसे में DHFL के भुगतान पर मुम्बई हाईकोर्ट की रोक के बाद UPPCL के भी होश उड़ गए और फिर UPPCL नें आनन-फानन में बीते 10 अक्टूबर को तत्कालीन महाप्रंबधक वित्त और लेखा प्रमोद कुमार गुप्ता को निलंबित कर इस मामले में कार्रवाई की खानापूर्ति कर दी गई. लेकिन यह मामला उस वक्त फिर चर्चा में आ गया, जब बीते शुक्रवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मामले में ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधते हुए अपने ट्वीट में लिखा कि, ‘उ0प्र0 सरकार ने राज्य के पावर कार्पोरेशन के कर्मियों की भविष्य निधि का पैसा डीएचएफएल जैसी डिफाल्टर कंपनी में फंसा दिया है. किसका हित साधने के लिए कर्मिचारियों की 2000 करोड़ से भी ऊपर की गाढ़ी कमाई इस तरह की कंपनी में लगा दी गई? कर्मचारियों के भविष्य से ये खिलवाड़ जायज है?"
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किसी का कोई अहित न हो सुनिश्चित करेगी सरकार: श्रीकांत शर्मा
ऐसे में DHFL मामले पर शुरू हुई सियासत के चलते प्रियंका के ट्वीट के बाद यूपी के उर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी इस मामले पर ट्वीट किया. श्रीकांत शर्मा ने अपने ट्वीट में लिखा कि ‘DHFL में कर्मचारियों की भविष्य निधि के निवेश का मामला गंभीर है. इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. UPPCL के सभी कार्मिक मेरे परिवार के सदस्य हैं, किसी का कोई अहित न हो सरकार यह सुनिश्चित करेगी.’

चेयरमैन और एमडी की भूमिका पर खड़े हुए सवाल
ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा के इस ट्वीट के बाद ही इस मामले के जिम्मेदार तत्कालीन वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और महाप्रबंधक प्रमोद कुमार गुप्ता के खिलाफ न सिर्फ लखनऊ के हजरतगंज थाने में FIR दर्ज करा दी गई, बल्कि तत्कालीन वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी को लखनऊ से और तत्कालीन महाप्रबंधक वित्त प्रमोद कुमार गुप्ता को आगरा से गिरफ्तार भी कर लिया गया.

इनपुट: ऋषभ मणि त्रिपाठी

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First published: November 6, 2019, 2:18 PM IST
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