केंद्र और राज्य सरकार मत भूले, जनता अपनी दुर्दशा नहीं भुला पाएगी- मायावती
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केंद्र और राज्य सरकार मत भूले, जनता अपनी दुर्दशा नहीं भुला पाएगी- मायावती
मायावती ने योगी सरकार पर कसा तंज (File Photo)

मायावती ने कहा कि देश में पिछले 66 दिन से लाॅकडाउन के कारण घर पैदल लौट रहे मजदूरों (Workers) की दुर्दशा हो रही है. सरकार द्वारा दी गई इस वक़्त की पीड़ा और तिरस्कार को वह कभी नहीं भुला पाएगी.

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लखनऊ. लॉक डाउन (Lockdown) के समय में बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने ट्वीट करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को जमकर खरीखोटी सुनाई. मायावती ने लगातार 3 ट्वीट करते हुए लिखा कि देश में पिछले 66 दिन से लाॅकडाउन के कारण घर पैदल लौट रहे मजदूरों (Workers) की दुर्दशा हो रही है. हर प्रकार की उपेक्षा और तिरस्कार से पीड़ित जैसे-तैसे घर लौटने वाले लाखों प्रवासी श्रमिकों के लिए अन्ततः माननीय कोर्ट को कहना पड़ा कि रेल/बस से उन्हें फ्री घर भेजने की पूरी जिम्मेदारी सरकार की है. बीएसपी की इस माँग की सरकार अनदेखी करती रही है.

'रोजी मुहैया कराना राज्य सरकार की पहली जिम्मेदारी'

मायावती ने दूसरा ट्वीट करके कहा कि खासकर यूपी व बिहार में घर वापसी कर रहे इन बेसहारा लाखों प्रवासी श्रमिकों की रोजी-रोटी की मूलभूत समस्या का समाधान करना केन्द्र व राज्य सरकारों का अब पहला कर्तव्य बनता है. इन्हें इनके घर के आसपास स्थाई रोजगार उपलब्ध कराना ही सरकार की नीयत, नीति व निष्ठा की असली परीक्षा है.



मायावती ने एक और ट्वीट कर कहा कि वास्तव में केन्द्र ने देर से ही सही 20 लाख करोड़ रुपये का जो आर्थिक पैकेज घोषित किया है, उसके भी जनहित में उचित उपयोग की परीक्षा अब यहाँ होनी है. आम जनता अपनी इस अभूतपूर्व दुर्दशा व बदहाली के लिए सरकारों की उपेक्षा व तिरस्कार को आगे शायद ही भुला पाए. उन्हें जीने के लिए न्याय चाहिए.



मजदूरों को घरों तक सुरक्षित पहुंचाएं सरकार: सुप्रीम कोर्ट

बसपा प्रमुख मायावती लगातार श्रमिकों को उनके राज्यों में फ्री पहुंचाने के लिए साधनों की मांग करती रही है मगर केंद्र और राज्य सरकार ने उसकी अनदेखी की है. उनका कहना है कि अंततः सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में कहा कि सरकारों को इन मजदूरों की समस्याओं पर ध्यान देना होगा और उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुँचाने का प्रबंध करना होगा.

'मजदूरों को घरों के नजदीक देनी होगी नौकरी'

मायावती ने कहा कि लॉक डाउन ने प्रवासी मजदूरों की उनसे नौकरी और रोजगार छीन लिया है और इसी के चलते गरीबी और भूख से परेशान होकर बदतर हालतों में वे अपने राज्यों में लौटने को मजबूर हैं. उन्होंने कहा कि अब सरकारों को इनके घरों के अस्स्पास रोजगार मुहैया कराने के प्रयास करने होंगे. अपने ट्वीट में मायावती ने साफ़ शब्दों में सीधे सीधे उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार पर निशाना साधा है.

'राहत पैकेज का हो सदुपयोग'

मायावती का कहना है कि देर से ही सही केंद्र सरकार ने बीस हजार करोड़ के पैकेज की घोषणा तो कर दी है लेकिन उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि इस पैसे का उपयोग जनहित में हो. आम जनता सरकार द्वारा दी गई इस वक़्त की पीड़ा और तिरस्कार को कभी नहीं भुला पायेगी.



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First published: May 29, 2020, 1:23 PM IST
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