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आपके लिए इसका मतलब: बर्ड फ्लू का नया वायरस इंसानों को नहीं मार रहा तो फिर मुर्गियों पर प्रतिबंध क्यों? जानें पूरा सच

बर्ड फ्लू का नया वायरस अब तक भारत के कई राज्‍यों में फैल चुका है.
बर्ड फ्लू का नया वायरस अब तक भारत के कई राज्‍यों में फैल चुका है.

Bird flu Virus: बर्ड फ्लू के नए वायरस को लेकर बरेली के भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के पूर्व निदेशक और वीसी डॉ. आर के सिंह ( Dr. RK Singh) ने कई अहम खुलासे किए हैं. उनका कहना है कि यह वायरस इंसानों को नहीं मारता, बल्कि इसका असर चिड़ियों पर ही दिखाई देता है.

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लखनऊ. बर्ड फ्लू (Bird Flu) का नया वायरस इंसानों को नहीं मारता. यही नहीं, पूरी दुनिया में अभी तक एक भी ऐसा केस सामने नहीं आया है जिसमें वायरस एच5एन8 (Virus H5N8) की वजह से किसी इंसान की जान गयी हो. ये वायरस आज का नहीं बल्कि पिछले कई सालों से पूरी दुनिया में चिड़ियों (Hummingbird) की जान ले रहा है, लेकिन इंसान अभी तक इससे बचे हुए हैं. उनमें न तो इसका संक्रमण पाया गया है और न ही किसी की इससे जान गयी है. बरेली के भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के पूर्व निदेशक और वीसी डॉ. आर के सिंह ने इस बारे में न्यूज़ 18 से खास बातचीत की.

सवाल - बर्ड फ्लू वायरस का नया स्ट्रेन इंसानों के लिए कितना खतरनाक है ?
जवाब - देखिये इस बार का बर्ड फ्लू का वायरस एच5एन8 इंसानों में बहुत कम रोगजनक (Least Pathogenic) है. हालांकि अब एच5एन8 का नया वैरिएंट का आ गया है. इसे 2.3.4.4b H5N8 नाम दिया गया है. ये साल 2020 में ही दुनिया के कई देशों में चिड़ियों में पाया गया है जिससे उनकी मौत हुई है, लेकिन इसका अभी इंसानों में फैलने का कोई केस पूरी दुनिया में अभी तक सामने नहीं आया है. इस साल वायरस का ये नया स्ट्रेन केरल में डिटेक्ट किया गया है.


सवाल - एच5एन8 वायरस इनसानों के लिए कितना खतरनाक है ?


जवाब - वायरस H5N8 वायरस वाइल्ड पक्षियों और पोल्ट्री (मुर्गे-मुर्गियों) के लिए जानलेवा होता है, लेकिन इंसानों में ये कहीं भी रिपोर्ट नहीं हुआ है. इसके उलट बर्ड फ्लू के पहले के वायरस H5N1 के इंसानों में संक्रमण और उनकी मौत की घटनाएं हुई हैं.

सवाल - बर्ड फ्लू का नया स्ट्रेन 2.3.4.4b H5N8 क्या पहले के मुकाबले ज्यादा जानलेवा है ?
जवाब - यह बिल्कुल नया वायरस है. इसके मामले भी पूरी दुनिया में सामने आये हैं और अपने देश में केरल में भी, लेकिन इसके इंपैक्ट पर अभी स्टडी चल रही है. हालांकि बड़े पैमाने पर पक्षियों की इससे जान गयी है.

सवाल - बर्ड फ्लू फैलता कैसे है ?
जवाब - मान लीजिए पोल्ट्री फार्म में किसी इंफेक्टेड चिड़िया ने बीट कर दी. फिर वो बीट उसके परों पर लग गया और उसने पर फड़फड़ा दिये तो वायरस हवा में पहुंच जाता है. अब वहां काम करने वाले इससे इंफेक्टेड हो सकते हैं. वायरस हाथ के जरिये नाक और मुंह के रास्ते इनसानी शरीर में पहुंच जायेगा. इसके अलावा मुर्गे को काटते समय यदि उसकी आंतें कट गयीं तो वायरस मांस तक पहुंच जायेगा और फिर उसके जरिये इंसानों में.

सवाल - पोल्ट्री फार्म में मुर्गियों तक कैसे पहुंच रहा है ये वायरस, जबकि उन्हें तो क्लोज एनवायरमेंट में रखा जाता है ?
जवाब - देखिये ये वायरस प्रवासी पक्षियों के जरिये ही पहले फैलता है. मान लीजिये ऐसा कोई पक्षी उड़कर जा रहा है और उसकी बीट पोल्ट्री फार्म के पास गिर गयी और किसी तरह फार्म के अंदर पहुंच गयी तो इससे वायरस फैल जाता है.

अब सवाल उठता है कि बर्ड फ्लू के वायरस H5N8 का इंसानों पर अभी तक कोई असर रिपोर्ट नहीं हुआ है तो फिर मुर्गियों को लेकर इतनी दहशत क्यों है. यूपी के पशुपालन विभाग में रोग नियंत्रक निदेशक डॉ. रामपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश में कहीं भी मुर्गियों की बिक्री प्रतिबन्धित नहीं की गयी है. सिर्फ बाहर से लायी जाने वाली मुर्गियों को बैन किया गया है. प्रदेश के अंदर पोल्ट्री फार्म की मुर्गियों के लिए कोई प्रतिबन्ध नहीं लगाया गया है.

बता दें कि बरेली का भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान देश के गिने चुने उन संस्थानों में शामिल है जहां जानवरों और पक्षियों में होने वाले रोग पर शोध किया जाता है.
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