अपना शहर चुनें

States

आपके लिए इसका मतलब: अब तक 15 अफसर यूपी की राजनीति में लगा चुके हैं छलांग, यहां चेक करें पूरी लिस्ट

नौकरशाही से यूपी की राजनीति में कदम रखने वाले अफसरों की लिस्ट  काफी लंबी है. 
नौकरशाही से यूपी की राजनीति में कदम रखने वाले अफसरों की लिस्ट  काफी लंबी है. 

गुजरात कैडर के IAS अरविंद शर्मा (Arvind Sharma) के नौकरी छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में खलबली मची है. उत्तर प्रदेश की राजनीति में ऐसे कई ऐसे आईएएस-आईपीएस (IAS-IPS) चेहरे हैं जिन्हेंने पॉलिटिक्स को चुना और सांसद से लेकर विधायक तक बने.

  • Share this:
लखनऊ. प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात रहे गुजरात कैडर के IAS अरविंद शर्मा (IAS Arvind Sharma) के नौकरी छोड़कर भाजपा (BJP) ज्वाइन करने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में खलबली मची है. तरह तरह से विपक्षी पार्टियां भाजपा पर हमले कर रही है. कांग्रेस के अध्यक्ष अजय लल्लू ने ट्वीट करके पूछा, 'भाजपा बताए कि शर्मा अफसर रहते पार्टी का काम करते रहे या फिर जनता का.' लेकिन यह सवाल पूछने का हक किसी भी पार्टी को नहीं है, क्योंकि कोई ऐसी पार्टी नहीं है जिसमें कोई नौकरशाह न हो.

वैसे, अफसर से पॉलिटिशयन बनने वाले चेहरों की लिस्ट काफी लंबी है. इन पर तंज कसने वालों को भाजपा सांसद और पूर्व डीजीपी बृजलाल ने कटघरे में खड़ा किया है. उन्होंने कहा कि नौकरशाही में रहते अफसर जनता का ही काम करते हैं. जब किसी पार्टी को ज्वाइन करते हैं तब भी जनता की सेवा ही करते हैं. इसलिए ये आक्षेप सही नहीं है. दूसरी ओर वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ने और राजनीति करने का सभी को हक है. इसलिए इस आधार पर सवाल उठाना जायज नहीं है. वो भी तब जब हर पार्टी में ऐसे नौकरशाह नेता हों.

तो आइए जानते हैं कि यूपी की नौकरशाही के कौन-कौन से बड़े चेहरों ने राजनीति में कदम रखा...
अहमद हसन - सपा - IPS अफसर रहे और पिछले कई सालों से या तो सपा सरकारों में मंत्री रहे या फिर विपक्ष में रहते विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष रहे. यानी हमेशा पावर कॉरीडोर में बने रहे.
पीएल पूनिया - कांग्रेस - 1970 बैच के IAS रहे. कांग्रेस से सियासी पारी शुरू की. मनमोहन सरकार में मंत्री रहे.  
श्याम सिंह यादव - बसपा - यूपी में पीसीएस अफसर रहे. कई विकास प्राधिकरणों में वीसी रहे. नौकरी के बाद बसपा ज्वाइन किया. फिलहाल जौनपुर से सांसद हैं.
बृजलाल - भाजपा - 1977 बैच के IPS रहे. मायावती सरकार में पुलिस महानिदेशक रहे. पिछले साल 2020 में भाजपा ज्वाइन किया और राज्यसभा के सांसद बने.
त्रिभुवन राम - पहले बसपा अब भाजपा- लोक निर्माण विभाग में चीफ इंजीनीयर के पद से रिटायर हुए त्रिभुवन राम ने बसपा ज्वाइन किया था. वे वाराणसी की अजगरा सीट से विधायक थे. बाद में भाजपा ज्वाइन कर लिया. 
चन्द्रपाल - खुद की पार्टी - IAS रहे. यूपी में कई अहम पदों पर रहने के साथ-साथ भारत सरकार में सचिव भी रहे. इन्होंने कोई पार्टी ज्वाइन नहीं की. आदर्श समाज पार्टी बनाकर खुद कई बार चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं रहे.
श्रीशचन्द्र दीक्षित - भाजपा - IPS रहे और साथ ही यूपी के पुलिस महानिदेशक भी रहे. बीजेपी ज्वाइन की थी और वाराणसी से बीजेपी से लोकसभा का चुनाव भी लड़ा और सांसद बने.
देवेन्द्र कुमार राय - भाजपा - पीपीएस थे लेकिन, प्रमोट होकर IPS बने. 1992 में बाबरी मस्जिद के ढ़हाये जाने के समय तत्कालीन फैज़ाबाद (अब अयोध्या) के एसएसपी थे. बाद में भाजपा से सांसद बने.
रामरतन - भाजपा - IAS रहे. बाद में बीजेपी से राज्यसभा सांसद भी बने. 
देवी दयाल - कांग्रेस - IAS रहे. भारत सरकार में पेट्रोलियम सचिव भी रहे. बाद में कांग्रेस से लोकसभा का चुनाव लड़े.
एसके वर्मा - रालोद - IAS रहे. यूपी के कई जिलों में डीएम और बस्ती, मुरादाबाद और अलीगढ़ में कमिश्नर रहे. बाद में वीआरएस लेकर बिजनौर से राष्ट्रीय लोकदल से चुनाव लड़े.
महेन्द्र सिंह यादव - सपा - IPS रहे. मुलायम सिंह सरकार में मुख्य सचिव रहीं नीरा यादव के पति हैं. सर्विस से VRS लिया और विधायक बने. मुलाय़म सिंह सरकार में राज्यमंत्री भी थे. 
आरपी शुक्ला - रालोद - यूपी के गृह सचिव थे. राष्ट्रीय लोकदल ज्वाइन किये. पार्टी में राष्ट्रीय महासचिव बनाये गये थे लेकिन, कभी चुनाव नहीं लड़े. 
तपेन्द्र प्रसाद - खुद की पार्टी - पहले PCS में नियुक्त हुए फिर प्रमोट होकर IAS बने. पहले सपा में गये, संगठन में रहे. टिकट नहीं मिलने के कारण चुनाव नहीं लड़े. आजकल अपनी सम्यक पार्टी बनाये हुए हैं. 
बीपी सिंघल - भाजपा - IPS रहे. विश्व हिन्दु परिषद के अध्यक्ष रहे दिवंगत अशोक सिंघल के सगे भाई भी. बीजेपी से राज्यसभा भेजे गये. 
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज