CPA भारत प्रक्षेत्र के 7वें सम्मेलन का ओम बिरला ने किया उद्घाटन, कहा- लोगों का लोकतंत्र में भरोसा बढ़ा है
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CPA भारत प्रक्षेत्र के 7वें सम्मेलन का ओम बिरला ने किया उद्घाटन, कहा- लोगों का लोकतंत्र में भरोसा बढ़ा है
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि भारत में राजनीतिक बहुलवाद मौजूद है. इसके अलावा धर्म, बोली, खान-पान इत्यादि की विविधता से उपजी अनेकता में एकता हमारे लोकतंत्र का प्रतीक है.

सम्मेलन में ओम बिरला (Om Birla) ने चुनावों में मतदान का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है, जो दर्शाता है कि लोगों का विश्वास लोकतंत्र में बढ़ा है.

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लखनऊ. राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (Commonwealth Parliamentary Association) भारत प्रक्षेत्र के सभापति और लोकसभा (Lok Sabha) के स्पीकर ओम बिरला (Om Birla) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा भवन में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत प्रक्षेत्र के 7वें सम्मेलन (CPA India Region Conference) का उद्घाटन किया.

मतदान प्रतिशत बढ़ना बताता है कि लोकतंत्र में भरोसा बढ़ा है

इस मौके पर ओम बिरला ने कहा कि लोकतंत्र हमारे राष्ट्र की आत्मा है. भारत लोकतंत्र के मूल्यों की स्थापना करते हुए विश्व का नेतृत्व कर रहा है. भारत का संविधान लोकतंत्र का रक्षक है. राज्यसभा, लोकसभा, विभिन्न राज्यों के विधानमंडल, निर्वाचन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को चुनना यह सब हमारे लोकतंत्र का प्रतीक हैं. चुनावों में मतदान का प्रतिशत लगातार बढ़ रहा है, जो दर्शाता है कि लोगों का विश्वास लोकतंत्र में बढ़ा है.



लोकसभा स्पीकर ने कहा कि भारत में राजनीतिक बहुलवाद मौजूद है. इसके अलावा धर्म, बोली, खान-पान इत्यादि की विविधता से उपजी अनेकता में एकता हमारे लोकतंत्र का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं को सदन के अन्दर नियमों तथा परम्पराओं के साथ प्रभावी ढंग से रखना चाहिए, ताकि लोगों को प्रभावी समाधान मिले. उन्होंने कहा कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है. यहां पर मिलने वाली वाक्स्वतंत्रता हमारे लोकतंत्र को मजबूत करती है. ऐसे में जनप्रतिनिधियों की यह जिम्मेदारी हैं कि वे संसदीय परंपराओं और नियमों का पालन करते हुए मर्यादित ढंग से अपने दायित्वों का निर्वाह करें.
CM योगी बोले- भारत का लोकतंत्र समय की कसौटी पर खरा उतरा है

इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ, राष्ट्रमंडल देशों में संसदीय लोकतंत्र के प्रस्तावक के रूप में उभरा है. दस दशकों से भी अधिक समय से विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से यह संघ राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देने तथा लोकतंत्र को सुसाध्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. यह हमारे लिए सुखद अनुभूति है कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की इस भूमिका को सभी ने एक मत से स्वीकार किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत राष्ट्रमंडल का ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है. भारत ने हमेशा राष्ट्रमंडल के लोकतांत्रिक मूल्यों, आदर्शों और सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है, क्योंकि भारतीय लोकतंत्र की मूल भावना भी राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की भावना के अनुरूप है जिसमें देश की एकता और अखंडता, स्वतंत्रता, पंथनिरपेक्षता, भाईचारा, समानता और न्याय समाहित है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का लोकतंत्र समय की कसौटी पर खरा उतरा है. जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदारी के साथ आमजन की खुशहाली के लिए काम करना होगा. अनेकता में एकता ही भारत की विशेषता है. यहां खान-पान, रहन-सहन, जाति, मत-पंथ, भाषा सहित अनेक क्षेत्रों में विभिन्नता पाई जाती है. ऐसे में 130 करोड़ से अधिक आबादी वाले इस देश में सभी को एक साथ लेकर चलना चुनौतियों से भरा है लेकिन हमारे देश ने सर्वसम्मति से तालमेल स्थापित करके अपनी अनेकता और विविधता को अपनी लोकतांत्रिक प्रणाली में बड़ी सफलतापूर्वक समायोजित कर लिया है और विश्व में शांति और सौहार्द का संदेश दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार की यह प्राथमिकता है कि ऐसी नीतियों और कार्यक्रमों का कार्यान्वयन हो जिनका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने और उनके जीवन को गरिमापूर्ण बनाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा निर्धारित सतत विकास लक्ष्यों के प्रति गंभीरता से कार्य कर रही है.

सम्मेलन को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारतीय संस्कृति का केंद्र है. भारत के संसदीय लोकतंत्र के विकास में इस क्षेत्र की विशिष्ट भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में बिहार में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत क्षेत्र के छठे सम्मेलन से प्रेरित होकर उत्तर प्रदेश में एसडीजी के क्रियान्वयन पर विधानसभा का विशेष सत्र 2 अक्टूबर, 2019 को आयोजित किया गया था, जो 36 घंटे तक अनवरत चला था. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रमंडल संसदीय संघ भारत क्षेत्र के 7वें सम्मेलन का आयोजित करने का अवसर उत्तर प्रदेश को मिला है. लखनऊ में आयोजित किया जा रहा यह सम्मेलन लोकतंत्र और संसदीय प्रणाली के विकास को नई दिशा प्रदान करने में सफल होगा.

इस अवसर पर राष्ट्रीय असेम्बली कैमरून की उपाध्यक्ष और राष्ट्रमंडल संसदीय संघ कार्यकारी समिति की सभापति एमिलिआ मोन्जोवा लिफाका, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन, राज्य विधान मंडलों से आए पीठासीन अधिकारीगण, राज्य निकायों के महासचिव और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. इस अवसर पर एक स्मारिका का भी विमोचन किया गया.

 

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