कोरोना काल में UP के इस गांव का बेटा बना इंटरनेट उद्यमी, शुरू की अपनी कंपनी और...

कोराेना काल में अपने पैरों पर खड़े होकर सफलता तक पहुंचने वाला युवक इन दिनों प्रेरणा बना हुआ है.

उत्तर प्रदेश के गांव भिदौनी में जन्मे एक किसान का बेटा डिजिटल दुनिया में अपनी सेवाएं दे रहा है. कोरोना काल के दौरान युवक की कंपनी बंद हो गई लेकिन फिर भी हिम्मत नहीं हारी और अब फिल्मी दुनिया में अपना नाम किया.

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    लखनऊ. कोरोना के इस काल में जब लोग रोजगार के लिए परेशान हैं और हजारों लोग अपनी नौकरियां गवां रहे हैं, वहां पर एक किसान का बेटा ऐसा भी है जो सभी के लिए प्रेरणा बन गया है. भिदौनी में जन्मा बबलू बघेल नामक ये युवक डिजिटल उद्यमी और फिल्म डायरेक्टर है. डिजिटल काम में बबलू को महारत हासिल है और वह कई संस्थान और कंपनियों में अपनी सेवाएं दे चुका है.

    कई साल नौकरी करने के बाद बघेल ने पीएम मोदी के स्टार्टअप मॉडल से प्ररित होकर अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर एक कंपनी की शुरुआत की जो एक साल बाद लॉक डाउन दौरान बंद हो गई. फिल्मों के काम में जुड़े होने से इन्हें फिल्मों के ऑनलाइन प्रमोशन का काम मिला. साल 2021 के शुरुआत में ही इन्होंने फिल्मी लाइन मीडिया एंटरटेनमेंट कंपनी की शुरुआत की जो फिल्मों से लेकर हर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोगों का काम प्रमोट करती है. बबलू बघेल उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई बड़े कलाकारों के साथ काम कर रहे हैं.

    बबलू बघेल कहते हैं कि भोजपुरी कलाकार मनोज पंडित और उनकी पत्नी अनिता पंडित का उनके इस सफर में विशेष योगदान रहा है. बघेल निर्देशन के काम मे जुड़े. साल 2019 में दोस्त के साथ मिलकर एक शार्ट फिल्म (किस्मत) का निर्माण किया. दिल्ली में बनी एक और फिल्म अतिथि कब आओगे शमसान में स्टिल फोटोग्राफर और निर्देशन के काम में हाथ आजमाया. प्रकृति को बचाने के संघर्षों और वन को बचाने के कार्य से जुड़ी पद्मश्री जमुना टुडू की जीवनी पर आधारित फिल्म में डायरेक्टर सी एल प्रसाद और लेखक धर्मेंद्र बघेल के साथ काम कर रहे हैं.