Kisan Andolan: आंदोलन के 6 महीने पूरे होने पर किसान मना रहे 'काला दिवस', अखिलेश बोले- भाजपा के अहंकार से ‘हलधर’ बेहाल

समाजवादी पार्टी शुरू से ही किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है.

समाजवादी पार्टी शुरू से ही किसान आंदोलन का समर्थन कर रही है.

Kisan Andolan News: किसान आंदोलन के 6 महीने पूरे होने के अवसर पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज देशभर में किसान 'काला दिवस' मना रहे हैं. इस बीच यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने किसान आंदोलन के सहारे एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है.

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नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के 6 महीने पूरे होने के अवसर पर आज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशभर में किसान 'काला दिवस' मनानने के साथ जगह-जगह धरना-प्रदर्शन करेंगे. जबकि किसानों के इस 'काला दिवस' प्रोटेस्ट को देश की तमाम विपक्षी पार्टियों ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है. इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने किसान आंदोलन के सहारे एक बार फिर भाजपा सरकार पर हमला बोला है.

सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा कि बहाकर अपना खून-पसीना जो दाने पहुंचाता घर-घर, ‘काला दिवस’ मना रहा है, आज वो देश का ‘हलधर’.भाजपा सरकार के अहंकार के कारण आज देश में किसानों के साथ जो अपमानजनक व्यवहार हो रहा है उससे देश का हर नागरिक आक्रोशित है. हमारे हर निवाले पर किसानों का कर्ज़ है.

राकेश टिकैत ने किया ये दावा

काला दिवस को लेकर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि बुधवार को भारत सरकार का पुतला जलाया जाएगा. इसके अलावा ट्रैक्टर व घरों पर काला झंडे लगाए जाएंग. यह दिवस सुबह करीब 10 बजे से शुरू होगा. इसके साथ उन्‍होंने कहा कि हम सिर्फ काले झंडे लगाएंगे, लेकिन कोई जनसभा नहीं होगी. लोग जहां भी होंगे वहीं झंडे लगाएंगे. टिकैत ने साथ ही कहा कि किसान आंदोलन को अब 6 महीने हो गए हैं, लेकिन मोदी सरकार ने काला कानून वापस नहीं लिया है, इसीलिए किसानों द्वारा 'काला दिवस' मनाया जा रहा है. बता दें कि यूपी, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्‍यों के किसान दिल्‍ली बॉर्डर पर केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पिछले छह महीने से आंदोलन कर रहे हैं. हालांकि केंद्र और किसानों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है.

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