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UP में फिल्म सिटी अच्छी बात, लेकिन लखनऊ सहित प्रदेश के कलाकारों की कब ली जाएगी सुध?: संदीप यादव

एक्टर संदीप यादव
एक्टर संदीप यादव

यूपी में फिल्म सिटी: जाने-माने कलाकार संदीप यादव (Sandeep Yaadav) कहते हैं कि कभी ये क्यों नहीं पूछा जाता कि हम उत्तर प्रदेश के कलाकार क्या-क्या अधिकार, सुविधाएं चाहते हैं? क्या स्थानीय कलाकारों की फीस, सुविधाओं, अधिकार को लेकर कोई गाइडलाइन बनी है? यदि हो तो कृपया बताएं?

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2020, 1:57 AM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी (Film City in UP) निर्माण को लेकर योगी सरकार (Yogi Government) तेजी से प्रयास करती दिख रही है. खुद सीएम योगी इस पूरी कवायद का नेतृत्व कर रहे हैं. फिल्म सिटी को लेकर सीएम येागी का मुंबई दौरा चर्चा में है. मामले में महाराष्ट्र की शिवसेना और यूपी सरकार के बीच बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है. लेकिन तस्वीर का दूसरा पहलू ये है कि लखनऊ सहित प्रदेश के तमाम कलाकार यूपी में फिल्म सिटी के बारे में ज्यादा कुछ जानते ही नहीं है. फिल्म सिटी को लेकर तमाम चर्चाएं हैं लेकिन बतौर कलाकार उनसे अब तक किसी भी अफसर या सरकार के किसी बाशिंदे ने मुलाकात ही नहीं की है. वे ये समझ नहीं पा रहे हैं कि जब उनका दर्द किसी को पता ही नहीं तो आखिर ये फिल्म सिटी उन्हें कैसे फायदा दे सकेगी?

बाटला हाउस फिल्म (Batla House Movie) और आश्रम (Aashram) जैसी वेब सीरिज (Web Series) में अभिनय का लोहा मनवा चुके लखनऊ के जाने-माने कलाकार संदीप यादव (Sandeep Yaadav)  ने फेसबुक पर पोस्ट लिखी है. उन्होंने लिखा है, “यूपी में फ़िल्म सिटी को लेकर तमाम चर्चाएं हैं कि ये सुविधाएं दी जाएंगी वो सुविधाएं दी जाएंगी लेकिन किसे दी जाएंगी? क्या उन्हें जिनके पास करोड़ों रुपये और तमाम सुविधाएं पहले से हैं. प्रदेश के कलाकारों, टेक्नीशियनस, कास्टिंग डायरेक्टर्स, लाइन्स प्रोड्यूसर्स से फ़िल्म सिटी निर्माण योजना का कोई ज़िम्मेदार कभी बात क्यों नहीं करता? उनके साथ कोई मीटिंग क्यों नहीं रखी जाती कि उनको लखनऊ/यूपी में शूटिंग करते समय किन-किन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है?”

संदीप यादव कहते हैं कि कभी ये क्यों नहीं पूछा जाता कि हम उत्तर प्रदेश के कलाकार क्या-क्या अधिकार, सुविधाएं चाहते हैं? क्या स्थानीय कलाकारों की फीस, सुविधाओं, अधिकार को लेकर कोई गाइडलाइन बनी है? यदि हो तो कृपया बताएं? मेरे कलाकार दोस्त, सीनियर्स कृपया ज़रूर बताएं कि क्या कभी उनसे किसी अधिकारी ने कोई सुझाव मांगा या कोई मीटिंग बुलाई? या सिर्फ़ मैं इन सबसे अनभिज्ञ हूं.






यूपी के कलाकारों को क्या मिलेगा लाभ?: संदीप यादव

इस फेसबुक पोस्ट पर हमने संदीप यादव से बात की तो उन्होंने बताया कि मेरे संज्ञान में ऐसी कोई बात नहीं आई है, जिसमें ये पता चला हो कि जो फिल्म सिटी का निर्माण हो रहा है, उसमें उत्तर प्रदेश के कलाकारों को लेकर क्या सुविधाएं दी जा रही हैं? क्या हमारे किसी तरह के अधिकार होंगे? हमारे मानदेय, फीस आदि को लेकर क्या कोई योजना सरकार की है?

कलाकारों को मानदेय या फीस को लेकर क्या विचार होगा?

संदीप कहते हैं कि जो फिल्म मेकर्स फिल्म बनाने आते हैं, उनके पास पहले से करोड़ों रुपए का फंड रहता है. वो यूपी में आते हैं, बेहतरीन लोकेशन लेते हैँ, शूटिंग करते हैं. इसके बाद सरकार की तरफ से उन्हें करोड़ों की सब्सिडी दी जाती है. इसमें लखनऊ या प्रदेश के कलाकारों का क्या भला हो रहा है? संदीप कहते हैं कि थिएटर और फिल्मों में काम करते हुए मेरा 20 साल का अनुभव हो चुका है. इसी तरह 40 साल का अनुभव रखने वाले कलाकार, या 5 साल के अनुभव वाले कलाकारों को लेकर कोई गाइडलाइन बनाई जाएगी कि इस लेवल के कलाकार की ये मिनिमम फीस है, इससे कम में ये आपको नहीं मिलेंगे. ये तय किया जाएगा कि हमें घर से शूटिंग तक लाने-ले जाने के लिए क्या गाड़ी दी जाती है?

संदीप का कहना है कि हमारी स्थिति मुंबई और लखनऊ में एक ही जैसी है. हमें यहां भी पैसों के लिए झिक-झिक करनी पड़ती है. हमारी सुविधाएं, हमारे ट्रीटमेंट पर क्या कोई विचार करेगा? अगर सरकार धरोहर बचाने की बात करती है तो ये सुविधाएं हमें मिलनी चाहिए.

किसी अधिकारी, विभाग या सीएम दफ्तर से नहीं किया गया संपर्क

वह कहते हैं कि मेरी जानकारी में अब तक ये नहीं है कि किसी भी कलाकार से अब तक किसी अधिकारी, विभाग या मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कोई बात की गई हो. ये पूछा ही नहीं गया कि जब आप लखनऊ या यूपी में शूटिंग करते हैं तो आपको किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है. संदीप कहते हैं कि मैंने अपने तमाम लखनऊ के सीनियर कलाकारों से बात की, किसी से संपर्क तक नहीं किया गया है. तो हमारी स्थिति तो मुंबई में भी यही है कि हम चप्पलें घिसकर अपने स्तर से काम पा रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों बांट दे लेकिन हमें इसका क्या फायदा है.

संदीप कहते हैं कि पूर्व की सरकार में भी इसी तरह की कवायद हुई थी. उन्होंने भी कलाकारों से बात नहीं की थी, ये भी नहीं कर रहे हैं. मुंबई जाकर जब बात कर सकते हैं तो हमसे कोई क्यों नहीं बात करते? उन्होंने कहा कि लखनऊ से कलाकार नोएडा जाकर शूटिंग करेगा तो उसे क्या सुविधा दी जाएगी. वह वहां कैसे जाएगा? वहां कहां ठहरेगा? इसको लेकर क्या कोई विचार हो रहा है, हमें नहीं पता.
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