यूपी में भी सामने आया TRP घोटाला, लखनऊ में दर्ज हुई FIR, सीबीआई जांच की सिफारिश

एफआईआर लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज करवाई गई है. (फाइल फोटो)
एफआईआर लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज करवाई गई है. (फाइल फोटो)

ये एफआईआर राज्य सरकार के सूचना विभाग की तरफ से दर्ज कराई गई है. इसमें चैनलों की टीआरपी (TRP) में घपले की बात है. यही नहीं यूपी गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विभाग ने इस संबंध में सीबीआई (CBI) से जांच कराने का संस्तुति पत्र भी भेज दिया है.

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  • Last Updated: October 20, 2020, 6:33 PM IST
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लखनऊ: महाराष्ट्र (Maharashtra) में ‘टेलीविजन रेटिंग पॉइंट’ (Telivision Rating Point) टीआरपी घोटाला (TRP Scam) की आने के बाद अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी ऐसा ही मामला सामने आया है. जानकारी के अनुसार गोल्डन रैबिट कंपनी के सीईओ कमल शर्मा ने लखनऊ (Lucknow) के हजरतगंज थाने में ये एफआईआर दर्ज कराई है. अज्ञात के खिलाफ आपराधिक साजिश, कूटरचित डिवाइस के जरिए धोखाधड़ी, आपराधिक अमानत में ख़यानत मुकदमा दर्ज किया गया है. इसमें टेलिविजन रेटिंग प्वाइंट टीआरपी में हेरफेर का आरोप लगाया गया है. यूपी के गृह विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विभाग ने इस संबंध में सीबीआई से जांच कराने का संस्तुति पत्र भी भेज दिया है.

मुंबई पुलिस ने गिरोह के पर्दाफाश का किया दावा

बता दें पिछले दिनों महाराष्ट्र में मुंबई पुलिस ने टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (Telivision Rating Point) से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया और कहा कि इस मामले के संबंध में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. टीआरपी (TRP) के आधार पर यह फैसला किया जाता है कि कौन सा टीवी कार्यक्रम सबसे ज्यादा देखा गया. यह दर्शकों की पसंद और किसी चैनल की लोकप्रियता भी इंगित करती है.



मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि एक राष्ट्रीय टीवी चैनल रिपब्लिक टीवी भी टीआरपी गिरोह में शामिल है. इस चैनल द्वारा सुशांत सिंह राजपूत के मामले में मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार की आलोचना की गई थी.
टीआरपी गिरोह का पर्दाफाश करने वाली मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने दो मराठी चैनलों के मालिकों को दर्शकों की संख्या की रेटिंग से छेड़छाड़ करने के लिए गिरफ्तार किया है. पुलिस आयुक्त ने कहा कि टीआरपी गिरोह में एक राष्ट्रीय समाचार चैनल भी शामिल है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा चाहे वह निदेशक, प्रवर्तक हो या चैनल का कोई अन्य कर्मचारी.
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