उत्तर प्रदेश में SOTTO का गठन, अंग-प्रत्‍यारोपण का रास्ता होगा आसान

यूपी में स्‍टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्‍लांट ऑर्गेनाइजेशन (SOTTO) का गठन हुआ है. (चित्र Pixabay से साभार.)
यूपी में स्‍टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्‍लांट ऑर्गेनाइजेशन (SOTTO) का गठन हुआ है. (चित्र Pixabay से साभार.)

योगी सरकार ने किया प्रदेश में पहले सोट्टो केंद्र का गठन. एसजीपीजीआई को बनाया गया सोट्टो का केंद्र. यूपी के 26 सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल सोट्टो के अधीन काम करेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 8:42 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अब अंग प्रत्‍यारोपण (Organ transplantation) और अंगदान करने में आसानी होगी. दरअसल, यूपी में स्‍टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्‍लांट ऑर्गेनाइजेशन (SOTTO) का गठन हुआ है. इससे अब प्रत्‍यारोपण से जुड़ी सारी जानकारी एक जगह से मिल सकेगी. राजधानी का एसजीपीजीआई अस्‍पताल ऑगेन बैकिंग नोडल सेंटर के रूप में काम करेगा. यूपी सरकार के मार्गदर्शन में पहली बार प्रदेश में सोट्टो का गठन किया गया है. सोट्टो के गठन से अब यूपी में अंग प्रत्‍यारोपण करने वाले सरकारी और गैर सरकारी अस्‍पतालों को भी लाभ मिलेगा.

मरीजों को पहले अंग प्रत्‍यारोपण कराने में ढेर सारी अड़चनों का सामना करना पड़ता था. पर अब इसमें बहुत ज्यादा अड़चनों का सामना नहीं करना पड़ेगा. जिन लोगों के पास डोनर नहीं होंगे, उन्‍हें ब्रेन डेड मरीजों के अंगों से नया जीवन मिल सकेगा. अंग प्रत्‍यारोपण और उनके संरक्षण से जुड़े सरकार के जो नियम व नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्‍लांट ऑर्गेनाइजेशन (NOTTO) के जो दायित्‍व हैं, उनका पूरा पालन यूपी का ये सोट्टो केन्‍द्र करेगा.

सोट्टो का केन्‍द्र बना पीजीआई



केंद्र सरकार ने अंग प्रत्‍यारोपण और आर्गन बैंक की निगरानी के लिए यूपी में सोट्टो का गठन किया. इसका केंद्र राजधानी के पीजीआई को बनाया गया है. पीजीआई अस्‍पताल प्रशासन ने विभाग के प्रमुख डॉ राजेश हर्षवर्धन को सोटो का नोडल अफसर नामित किया है.
प्रदेश में अंग व ऊतक प्रत्‍यारोपण को मिलेगा बढ़ावा

ऊतक और मानव अंग प्रत्‍यारोपण करने वाले प्रदेश के सभी 26 सरकारी और गैर सरकारी अस्‍पताल सोट्टो के अधीन काम करेंगे. अस्‍पतालों को अंग प्रत्‍यारोपण करने वाले सभी नियमों का पूरी तौर पर पालन करना होगा. सोट्टो के नोडल अफसर डॉ राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि पीजीआई अब अंग प्रत्‍यारोपण सेंटर, टिशू बैंक और अस्‍पतालों के साथ तालमेल स्‍थापित करेगा. ब्रेन डेड मरीजों के अंगों की जहां जरूरत है, उनसे संपर्क भी करेगा.

अंगदान व प्रत्‍यारोपण के लिए जागरूक करेंगे

अस्‍पताल प्रशासन अब प्रदेश भर में जागरूकता अभियान के जरिए लीवर, गुर्दा, स्‍टेम सेल, कॉनिया, बोन मैरो प्रत्‍यारोपण समेत शरीर के अन्‍य अंगों के बारे में लोगों को जागरूक करेगा. इसके साथ ही सरकार द्वारा जारी अंग प्रत्‍यारोपण की गाइडलाइन का पालन करते हुए प्रदेश में इससे जुड़े प्रचार प्रसार अंग प्रत्‍यारोपण का फॉलोअप कर उसकी रिपोर्ट रोट्टो व नोट्टो को भेजी जाएगी.



प्रदेश के कई बड़े अस्‍पताल शामिल

प्रदेश के जाने माने सरकारी और गैर सरकारी अस्‍पताल को इसका लाभ मिलेगा. प्रदेश में अंग प्रत्‍यारोपण करने वाले 26 अस्‍पतालों में नोएडा, मेरठ, आगरा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, मुरादाबाद, कौशांबी के अस्‍पतालों को लाभ मिलेगा. इन अस्‍पतालों में अपोलोमेडिक्स सुपर स्‍पेशियलिटी हॉस्पिटल, सेंटर फॉर साइट, फोर्टिस अस्‍पताल, आईकेयर आई अस्‍पताल, केजीएमयू, चंदन हॉस्पिटल, आई बैंक, डॉ. राम मनोहर लोहिया मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेस, डिवाइन हार्ट एंड मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, सहारा हॉस्पिटल, कमांड हॉस्पिटल, मेदांता, यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, न्यू दिल्ली सेंटर फॉर साइट लिमिटेड, शारदा हॉस्पिटल, केके हॉस्पिटल, मैक्‍स समेत अन्‍य अस्‍पताल शामिल हैं.

31 अक्‍टूबर को पहली वेबिनार का आयोजन

पीजीआई में 31 अक्‍टूबर को सोट्टो पर पहली वेबिनार का आयोजन किया जा रहा है. जिसमें प्रदेश के 26 अस्‍पतालों के दिग्गज डॉक्‍टर हिस्‍सा लेंगे. वेबिनार में सोट्टो की कार्यप्रणाली, सोट्टो की भूमिका, प्रदेश में आर्गन टिशू हार्वेस्टिंगग, बैकिंग एंड ट्रांसप्‍लाटेशन समेत अंग व ऊतक प्रत्‍यारोपण से जुड़े मु्द्दों पर चर्चा की जाएगी. सोट्टो पर आयोजित होने वाली पहले वेबिनार पीजीआई निदेशक आरके धीमान के निर्देशन में आयोजित हो रही है.
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