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पड़ताल: DHFL घोटाले में गिरफ्तार हुए UPPCL के पूर्व MD एपी मिश्रा कैसे बने अरबपति मिश्रा?

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 6, 2019, 7:33 PM IST
पड़ताल: DHFL घोटाले में गिरफ्तार हुए UPPCL के पूर्व MD एपी मिश्रा कैसे बने अरबपति मिश्रा?
यूपीपीसीएल पीएफ घोटाला केस में कोर्ट में पेश किए जाते समय पूर्व एमडी एपी मिश्रा.

एपी मिश्रा ने UPPCL के एमडी रहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर 'सिफर से शिखर तक' नाम की एक किताब भी लिखी. सपा सरकार में उन्हें 3 बार सेवा विस्तार भी मिला. कहते हैं कि 2017 के चुनाव में सपा की चर्चित टैग लाईन 'काम बोलता है' को भी एपी मिश्रा ने ही बनाया था.

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लखनऊ. UPPCL कर्मचारियों के पीएफ में हुए घोटाले (PF Scam) के मामले में पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने पूर्व एमडी एपी मिश्रा पर शिकंजा कसते हुए मंगलवार को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया था. आज उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां से पूछताछ के लिए एपी मिश्रा को रिमांड पर 3 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है. अब पुलिस और ईओडब्ल्यू के अधिकारी पीएफ घोटाले को लेकर अरबपति मिश्रा के नाम से चर्चित एपी मिश्रा से कड़ी पूछताछ में जुटे हैं.

सपा सरकार में UPPCL के एमडी रहे एपी मिश्रा के ही कार्यकाल में कुंभ, ट्रांसमिशन लाईन, कंस्ट्रक्शन व ट्रांसफार्मर घोटाला और मीटरिंग घोटाला होने के भी आरोप लगाए जाते हैं. बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चंद्र मोहन गुप्ता कहते हैं कि इन घोटालों के जरिए एपी मिश्रा ने हजारों करोड़ की अकूत संपत्ति बनाई है.

कौन हैं ये एपी मिश्रा? इस पर news 18 की ख़ास रिपोर्ट
बिजली विभाग में अरब पति मिश्रा के नाम से पहचान बनाने वाले एपी मिश्रा ने आखिर एक अवर अभिंयता से कैसे तय किया UPPCL के MD पद तक का सफर? जिस पद पर अधिकतर IAS अधिकारियों की ही तैनाती होती रही है. कैसे देखते ही देखते एपी मिश्रा अरबपति मिश्रा के नाम से चर्चित हो गए ?

एपी मिश्रा का पूरा नाम अयोध्या प्रसाद मिश्र (एपी मिश्र) है और इनके पिता का नाम पंडित मुन्ना मिश्रा. ये उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के निवासी हैं. इनका पैतृक गांव कोचवा खंसा है जो रुपईडीह ब्लॉक में आता है और थाना कौड़िया है. इन्होने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई गोंडा जनपद से ही की. हाईस्कूल जनता इंटर कालेज से तो इंटरमीडिएट शहीदे आजम भगत सिंह कालेज, गोंडा से उसके बाद इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कालेज गोरखपुर से की.

सांठ-गांठ में थे माहिर!
एपी मिश्रा नेंअपने करियर की शुरूआत 1976 में अवर अभियंता के पद से शुरू की थी. कहा जाता है कि एपी मिश्रा अपने करियर की शुरूआत से ही नेताओं व अधिकारियों से सांठ-गांठ में माहिर थे. जिसके चलते एपी मिश्रा यूपी की राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, प्रयागराज और नोएडा जैसे महत्वपूर्ण जिलों के मलाईदार पदों पर तैनात रहे. नोएडा में तैनाती के बाद एपी मिश्रा 22 नवंबर 2011 को कारपोरेशन के निदेशक (वाणिज्य) के पद पर पहुंच गए. फिर अपने रसूख के दम पर एपी मिश्रा पूर्वांचल विद्युत के एमडी भी बना दिए गए.
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भाजपा के आरोप
भाजपा प्रवक्ता डॉ. चंद्र मोहन गुप्ता कहते हैं कि इसी दौरान एपी मिश्रा सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के इतने प्रिय बन गए कि UPPCL MD के जिस पद पर अधिकतर IAS अधिकारियों की ही तैनाती होती थी उस पद पर तैनात कर दिया गया. सपा सरकार में एपी मिश्रा की UPPCL के MD पद पर ताजपोशी कर कई बार UPPCL के कई डिस्कामो के एमडी का भी चार्ज सौप दिया गया. बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता डॉ. चन्द्रमोहन कहते हैं कि एपी मिश्रा ने सपा सरकार से जुड़े नेताओं, अधिकारियों और पत्रकारों को खुश करने के लिए हर एक काम किया.

एपी मिश्रा ने UPPCL के एमडी रहते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर 'सिफर से शिखर तक' नाम की एक किताब भी लिखी. जिसका तत्कालीन सीएम अखिलेश ने खुद विमोचन भी किया. आरोप यह भी है कि एपी मिश्रा ने सपा से जुड़े नेताओं और अधिकारियों के करीबियों को UPPCL के कार्यों का ठेका देकर और उनकी सिफारिश पर इंजीनियरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग करके न सिर्फ उन्हे बड़ा फायदा पहुंचाया. भाजपा प्रवक्ता का आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान हुए DHFL, कुंभ, ट्रांसमिशन लाईन, तार खरीद, कंस्ट्रक्शन, ट्रांसफार्मर और मीटरिंग जैसे तमाम घोटालों के जरिए एपी मिश्रा बिजली विभाग के धन कुबेर बनकर अरब पति मिश्रा के नाम से चर्चित हो गए.

एपी मिश्रा को सपा सरकार में मिला 3 बार सेवा विस्तार
सपा सरकार में UPPCL के एमडी एपी मिश्रा का कद इस तरह बढ़ा कि एपी मिश्रा को अखिलेश सरकार के दौरान नियमों को ताक पर रख रिटायरमेंट के बाद भी एक नहीं बल्कि 3 बार सेवा विस्तार से नवाजा गया जिसके बाद एपी मिश्र का तीन वर्ष का कार्यकाल 21 नवंबर 2015 को पूरा होने पर अखिलेश सरकार ने उन्हे पहली बार 2 वर्ष का सेवा विस्तार देते हुए उन्हें 62 वर्ष की उम्र यानी 12 फरवरी तक पद पर बनाए रखने का निर्देश जारी कर दिया. एपी मिश्रा के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें अखिलेश सरकार ने नियमों को ताक पर रख न सिर्फ दोबारा 2 वर्षो का 64 वर्ष की आयु (12 फरवरी 2017) तक दूसरा सेवा विस्तार दिया यही नहीं अपने कार्यकाल के अंत में भी सपा सरकार ने एक बार फिर एपी मिश्रा को तीसरी बार 2 वर्षो का सेवा विस्तार दे दिया.

एपी मिश्रा के बारे में कहा जाता है कि सपा सरकार के दौरान एपी मिश्रा सपा मुखिया के पारिवारिक सदस्यों के अलावा किसी को भी कुछ नहीं समझते थे. सपा सरकार में एपी मिश्रा का एक अलग दरबार लगता था. जिसमें नेता, अधिकारी और कार्यकर्ता अपनी फरियाद लेकर पहुंचते थे. एपी मिश्रा पर यह भी आरोप लगाया जाता है कि उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा को जिताने के लिए सपा सरकार के कार्यों के प्रचार-प्रसार में भी बड़ी भूमिका निभाई थी. कहते हैं कि 2017 के चुनाव में सपा की चर्चित टैग लाईन 'काम बोलता है' को भी एपी मिश्रा ने ही बनाया था.

एपी मिश्रा की गिरफ्तारी से खुलेंगे कई अन्य राज!
सूत्रों के मुताबिक DHFL में UPPCL कर्मियों के PF को DHFL में जमा कराने के फैसले और फिर किए गए निवेश के दौरान भी एपी मिश्रा ही UPPCL के MD थे. इन्हीं के कार्यकाल में 17 मार्च 2017 को DHFL में पहली बार निवेश किया गया और फिर 19 मार्च को योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद भले ही एपी मिश्रा नें अपने पद से इस्तीफा दे दिया हो लेकिन 24 मार्च को हुई बोर्ड बैठक तक एपी मिश्रा UPPCL के MD पद पर बने रहे जिसके चलते ही DHFL मामले में एपी मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है. एपी मिश्रा की गिरफ्तारी के बाद इस घोटाले से जुड़े कई अन्य राज खुलने की भी उम्मीद जताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक़ जल्द ही DHFL घोटाले में शामिल UPPCL के पूर्व चेयरमैन संजय अग्रवाल समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है.

DHFL मामले के दोषियों की संपत्ति जब्त होगी!
इस मामले में विपक्ष के निशाने पर आए योगी सरकार के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा से news 18 संवाददाता ने बात की तो ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि वो इसकी जांच कर रहे हैं. उनका कहना है कि मामला जैसे ही संज्ञान में आया वैसे ही उत्तर प्रदेश सरकार ने जो प्रथम दृष्टया दोषी हैं उन्हें गिरफ्तार किया. ऊर्जा मंत्री कहते हैं कि उन्होंने तुरंत ही 'मुख्यमंत्री को इस मामले की सीबीआई जांच के लिए भी लिख दिया था. क्योंकि इसमें पूर्व में जो फैसला हुआ उसकी भी जांच होगी'. आगे बोलते हुए श्रीकांत शर्मा ने कहा कि वर्तमान में जो भी कमियां हैं इसकी भी जांच होगी तो दूध का दूध पानी का पानी सामने होगा.

श्रीकांत शर्मा का कहना है कि 'इस मामले में किसी को भी बख्शा नही जाएगा. कर्मचारियों के पीएफ पर डाका डालने वालों की संपत्ति जब्त की जाएगी. UPPCL के कर्मचारी हमारे परिवार के सदस्य हैं उन्हें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है, उनका पीएफ हम दिलाएंगे'.

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First published: November 6, 2019, 7:18 PM IST
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