लाइव टीवी

हाई प्रोफाइल ड्रामा करने के बाद अस्पताल से जेल भेजा गया रेप का आरोपी गायत्री प्रजापति

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 18, 2020, 11:02 AM IST
हाई प्रोफाइल ड्रामा करने के बाद अस्पताल से जेल भेजा गया रेप का आरोपी गायत्री प्रजापति
अस्पताल से जेल भेजा गया रेप का आरोपी गायत्री (file photo)

केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने बताया कि गायत्री की सेहत में सुधार है. दवाओं से इलाज संभव है. लिहाजा अब गायत्री को इलाज जेल में हो सकता है. गायत्री ने प्राइवेट रूम का एक हफ्ते का किराया शनिवार को जमा करने का आश्वासन दिया है.

  • Share this:
लखनऊ. सपा सरकार में खनन मंत्री रहे रेप के आरोपी गायत्री प्रसाद प्रजापति (Gayatri Prasad Prajapati) करीब नौ महीने से केजीएमयू के प्राइवेट रूम में रहकर इलाज के नाम पर मौज काट रहे थे. शुक्रवार शाम परिजनों द्वारा हाई प्रोफाइल ड्रामा करने के बाद आखिरकार गायत्री प्रसाद प्रजापति को अस्पताल से डिस्चार्ज कर जेल भेज दिया गया. वजीरगंज पुलिस गायत्री को जबरन उठाकर लखनऊ जेल में डाल दिया.

गायत्री के समर्थकों ने किया हंगामा

दरअसल गायत्री प्रजापति को बीते साल मई के पहले हफते में जिला जेल के डॉक्टरों ने सिर्फ जांच के लिए केजीएमयू भेजा था. उसे पेशाब, कमर में दर्द, गुर्दे की दिक्क्त आदि दिक्कतें थी. डॉक्टरों ने जांच पड़ताल के बाद गायत्री को भर्ती कर लिया था. तबसे करीब नौ महीने से लगातार गायत्री केजीएमयू में भर्ती था. वहीं 6 डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड के निगरानी में गायत्री का इलाज चल रहा था. शुक्रवार को पुलिस गायत्री को केजीएमयू लेने गई थी. डॉक्टरों ने डिस्चार्ज की कार्रवाई शुरू की थी. उसी बीच गायत्री व उसके परिजनों ने पुलिस को शनिवार को एमआरआई कराने का हवाला देते हुए अगले दिन डिस्चार्ज कराने की बात कही.

सीएमएस की दलील

केजीएमयू के सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार ने बताया कि गायत्री की सेहत में सुधार है. दवाओं से इलाज संभव है. लिहाजा अब गायत्री को इलाज जेल में हो सकता है. गायत्री ने प्राइवेट रूम का एक हफ्ते का किराया शनिवार को जमा करने का आश्वासन दिया है.

झूठे केस में फंसाया

इससे पहले गायत्री प्रजापति की बेटी सुधा ने कहा, 'मेरे पिता निर्दोष हैं, उन्हें झूठे केस में फंसाया गया है. हमारे पास इसके सबूत भी हैं, लड़की ने खुद कहा है कि वह गायत्री प्रजापति को नहीं जानती और न ही उसने एफआईआर लिखवाई है.' परिवार की मांग है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मामले में हस्तक्षेप करें.इनपुट- मोहम्मद शबाब

ये भी पढ़ें:

बेहमई नरसंहार मामले में आज आ सकता है फैसला, 39 साल पहले फूलन देवी ने खेली थी खून की होली

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 18, 2020, 11:01 AM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर