नोएडा में CM योगी की 'डांट' से नाराज होकर छुट्टी मांगने वाले डीएम जांच में निर्दोष पाए गए

पिछले साल नोएडा डीएम पद से हटाए गए आईएएस बीएन सिंह के खिलाफ जांच पूरी हो गई है. (File Photo)

पिछले साल नोएडा डीएम पद से हटाए गए आईएएस बीएन सिंह के खिलाफ जांच पूरी हो गई है. (File Photo)

Lucknow News: उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार जांच के दौरान बीएन सिंह द्वारा दिए गए उत्तर और इस संबंध में प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा द़्वारा उपलब्ध कराई गई आख्या की जांच के बाद अनुशासनिक कार्यवाही समाप्त करने का निर्णय लिया गया है.

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लखनऊ. पिछले साल नोएडा (NOIDA) में अनुशासनहीनता और लापरहवाही में हटाए गए तत्कालीन डीएम बीएन सिंह (BN Singh) के खिलाफ विभागीय जांच पूरी हो गई है. उन्हें निर्दोष पाया गया है. बता दें पिछले साल नोएडा में हुई एक मीटिंग में सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने डीएम की क्लास लगा दी थी. कोरोना को लेकर नोएडा के हालात के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था. इस मीटिंग के बाद एक वीडियो वायरल हो गया था, जिसमें सीएम योगी डीएम से कह रहे थे कि अपनी बकवास बंद करो. इसी बकवास की वजह से यहां के हालात बिगड़े हैं. इसी के बाद डीएम ने नोएडा में काम करने से इंकार कर दिया था.

मामले में उस समय उत्‍तर प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने कहा था कि नोएडा में कोरोना वायरस के रोकथाम में फेल हुए बीएन सिंह ने तीन महीने की छुट्टी मांग अनुशासनहीनता का परिचय दिया. इतना ही नहीं इस बात को मीडिया में भी लीक किया, जिसकी वजह से उनका स्थान्तरण राजस्व परिषद में करते हुए विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है. जांच की ज़िम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी के चेयरमैन आलोक टंडन को दी गई है.

शासन द्वारा जारी पत्र के अनुसार जांच के दौरान बीएन सिंह द्वारा दिए गए उत्तर और इस संबंध में प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा द़्वारा उपलब्ध कराई गई आख्या की जांच के बाद बीएन सिंह के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही समाप्त किए जाने का निर्णय लिया गया है.

NOIDA bn singh
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश

सीज़फायर कंपनी के खिलाफ देरी से हुई कार्रवाई से थे खफा

बता दें पिछले साल मार्च में सीएम योगी ने नोएडा अधिकारियों संग मीटिंग की. नोएडा के हालात का जायज़ा लिया. डीएम ने बताया कि अभी तक 33 केस पॉजिटिव सामने आए थे. तीन ठीक होकर चले गए और बाकी अभी अलग-अलग अस्पताल में हैं. लेकिन 30 में से अकेले 19 केस सीज़फायर कंपनी से जुड़े कर्मचारियों के हैं. ऐसा दावा किया जा रहा है कि इसी कंपनी से पॉजिटिव केस बढ़ना शुरु हुए थे. इसी के चलते कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है. कुछ दिन पहले कंपनी के एमडी विदेश से लौटे थे. वहीं जॉन नाम का एक ऑडिटर भी ब्रिट्रेन से आया था.

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