लाइव टीवी

रामलला के साथ उनके पुजारियों के दिन भी बहुरेंगे, 29 फरवरी को ट्रस्ट की बैठक में होगा तय
Ayodhya News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 28, 2020, 12:18 PM IST
रामलला के साथ उनके पुजारियों के दिन भी बहुरेंगे, 29 फरवरी को ट्रस्ट की बैठक में होगा तय
राम मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट की होने वाली बैठक में पुजारियों के भविष्य पर भी निर्णय होगा.

लखनऊ और फिर अयोध्या में होने वाली बैठकों में नृपेन्द्र मिश्र मंदिर के भवन निर्माण के लिए मॉडल, डिजाइन, निर्माण की अवधि और लागत बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे.

  • Share this:
लखनऊ. राम मंदिर निर्माण (Ram Mandir) को लेकर मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्रा (Nripendra Mishra) की शुक्रवार (28 फरवरी) को लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से मुलाकात है. नृपेन्द्र मिश्रा शनिवार को अयोध्या जाएंगे. यहां महंत नृत्य गोपाल दास समेत दूसरे सदस्य भी मौजूद होंगे. शनिवार को तय होगा कि 3-4 मार्च को होने वाली दूसरी बैठक होगी या फिर दूसरी तारीख निर्धारित की जाएगी. अयोध्या में ट्रस्ट के अध्यक्ष नित्य गोपाल दास और अन्य साधू संतों से मुलाकात कर मंदिर का खाका तैयार करेंगे.

सूत्रों के मुताबिक लखनऊ और फिर अयोध्या में होने वाली बैठकों में नृपेन्द्र मिश्र मंदिर के भवन निर्माण के लिए मॉडल, डिजाइन, निर्माण की अवधि और लागत बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे. उधर बैठक को लेकर चर्चा तेज है कि अयोध्या में राम मंदिर के साथ पुजारियों के दिन बहुरने वाले हैं. राम लला के मुख्य पुजारी सतेन्द्र दास के साथ हनुमान गढ़ी से लेकर लेकर मंदिरों के पुजारियों में भी चर्चाएं आम हैं.

अभी तक रामलला के साथ अन्य पुजारियों को भी बेहद कम परिश्रामिक मिलता है. यहां तक कि पुजारियों का गुजारा अन्य कर्मकांड में मिलने वाले चढ़ावे और पैसे से ही चलता है. यहां तक कि कई बार कमिश्नर को अर्जी देने के बाद भी उनेक वेतन में कोई इजाफा नहीं हुआ है. अब तक राम मंदिर मामले का कोर्ट में होने की वजह से सरकारी महकमा और नेता कोई इस मामले में हाथ डालने से बच रहा था लेकिन चूंकि राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो चुका है और अब रामलला को बुलेट प्रूफ फाइबर के अस्थाई भवन में रखा जाना है. बाकि व्यवस्थाओं को भी दुरूस्त करने को लेकर ट्रस्ट के सदस्यों ने रूचि दिखाई है. माना जा रहा है कि पुजारियों के वेतन को लेकर भी जल्द ही कोई सकारात्मक कदम उठाया जाएगा.

राममंदिर के पुजारियों की व्यवस्था भी अब ट्रस्ट नये सिरे से करेगा. अब तक कोर्ट के निर्देशानुसार साल दर साल से तुलना करके बजट बनाना पड़ता था. रामलला के मुख्य पुजारी सतेन्द्र दास कहते हैं कि हनुमान गढ़ी, कनक भवन, नागेश्वरनाथ और किसी भी मंदिर के आगे राम लला के चढ़ावे का खर्च बेहद कम है. जैसे तैसे राम भोग और पुजारियों का जीवन व्यापन होता रहा है.



सतेन्द्र दास ने ये भी जानकारी दी कि रामलला के मुख्य पुजारी होने के नाते उन्हें 13,000 रुपये और बाकी 4 अन्य पुजारियों को 8000 का मासिक वेतन दिया जाता रहा है. मंहगाई के लिहाज से ये राशि बेहद कम है. यहां तक राम भोग के लिए हर सरकार की तरफ से हर महीने 35000 रूपये दिये जाते हैं, जबकि पिछले साल राम नवमी के मौके पर राम लला के वस्त्र के लिए 51000 दिए गए हैं. वहीं खर्चा 56000 से भी ज्यादा हो गया.

हालांकि अब ट्रस्ट की अयोध्या में होने वाली 29 फरवरी की बैठक में इस बाबत विचार किया जायेगा उन्हे उम्मीद है कि जैसे जल्द राम लला के लिए भव्य मंदिर के निर्माम क लिए तारीख का ऐलान होगा, वैसे ही राम लला के पुजारियों के भी अच्छे दिन आएंगे.

ये भी पढ़ें:

कोरोना वायरस को लेकर सऊदी अरब में उमरा पर रोक, लखनऊ एयरपोर्ट से लौटाए गए 128 यात्री

चिन्मयानंद मामला: लॉ स्टूडेंट ने SC में लखनऊ से केस ट्रांसफर की लगाई अर्जी, जान का खतरा जताया

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अयोध्या से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: February 28, 2020, 12:18 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर