गैंगरेप केस: गायत्री प्रजापति के खिलाफ गवाह न पेश करने पर लखनऊ जेल अधीक्षक को नोटिस

पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति  (file photo)
पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (file photo)

कोर्ट ने जेल अधीक्षक को लिखा है कि क्यों न आपके खिलाफ एफआईआर लिखी जाए? ये नोटिस एमपी/एमएलए कोर्ट ने जारी किया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 24, 2020, 6:59 AM IST
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लखनऊ. गैंगरेप केस (Gangrape Case) में जेल में बंद पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Former Minister Gayatri Prajapati) के मामले में लखनऊ जेल अधीक्षक (Lucknow Jail Superintendent) को कोर्ट ने नोटिस भेजा है. दरअसल कोर्ट ने गायत्री प्रजापति के खिलाफ गवाह को कोर्ट न भेजने पर ये नोटिस भेजा है. जानकारी के अनुसार राम सिंह गैंगरेप केस में गायत्री प्रजापति के खिलाफ गवाह है. वह एक अन्य मामले में जेल में बंद है.

8 दिन में जेल अधीक्षक को देना है जवाब
दरअसल अदालत के आदेश के बावजूद जेल अधीक्षक ने रामसिंह को कोर्ट नहीं भेजा. इस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. कोर्ट ने 8 दिन में जेल अधीक्षक से मामले में जवाब तलब किया है. कोर्ट ने जेल अधीक्षक को लिखा, क्यों न आपके खिलाफ एफआईआर लिखी जाए? ये नोटिस एमपी/एमएलए कोर्ट ने जारी किया है.

पूर्व मैनेजर ने ईडी के सामने उगले कई राज
उधर दूसरी तरफ गायत्री प्रजापति की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. गायत्री प्रजापति के पूर्व मैनेजर बृजभवन चौबे ने प्रवर्तन निदेशालय की पूछताछ के दौरान गायत्री से जुड़ी अहम जानकारियां ईडी को दी हैं. इसमें करोड़ों की कई संपत्तियों को जिक्र किया गया है. जानकारी के अनुसार पूर्व मैनेजर ने बताया है कि गायत्री प्रजापति ने अपने ड्राइवर, नौकर से लेकर रसोइए तक के नाम संपत्तियां ले रखी हैं. इनकी डिटेल मिलने के बाद ईडी ने जांच की तैयारी शुरू कर दी है.



बता दें कई दिनों से ईडी बृजभवन चौबे के बयान दर्ज कर रही है. बता दें प्रदेश में खनन घोटाले और मनी लांड्रिंग से जुड़े मामलों की ईडी जांच कर रही है. पूर्व में गायत्री के बेटे से भी ईडी ने पूछताछ की थी. सूत्रों के मुताबिक ईडी ये सभी जानकारी हलफनामे के माध्यम से लेकर मामले को मजबूत करेगी.

एमपी/एमएलए कोर्ट से गायत्री को मिली ये राहत
वहीं पिछले दिनों गायत्री प्रजापति को एक राहत मिली थी. एमपी/एमएलए कोर्ट ने स्वस्थ होने तक गायत्री को केजीएमयू में रहने का आदेश जारी कर दिया है. बीते दिनों गायत्री को केजीएमयू से जेल शिफ्ट करने को लेकर लिखा-पढ़ी चल रही थी. पिछले महीने रेप के आरोप में ज़मानत मिलने के बाद गायत्री केजीएमयू से जाने वाला था लेकिन ज़मानत के अगले ही दिन उसे दूसरे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया था. तभी से पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति न्यायिक अभिरक्षा में केजीएमयू में भर्ती है.
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