गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर केस: जांच में यूपी पुलिस के खिलाफ नहीं मिला साक्ष्य, कमेटी ने दी क्लीन चिट

गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर केस में पुलिस को मिली क्लीन चिट

गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर केस में पुलिस को मिली क्लीन चिट

Gangster Vikas Dubey Encounter Case: आठ महीने की जांच के बाद कमेटी को कोई गवाह नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि एनकाउंटर फर्जी था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 8:01 AM IST
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लखनऊ. कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिस वालों की हत्या कर सुर्ख़ियों में आए गैंगस्टर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) एनकाउंटर मामले में यूपी पुलिस (UP Police) को क्लीन चिट दे दी गई है. सूत्रों की मानें तो सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित जस्टिस बीएस चौहान कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में यूपी पुलिस को क्लीन चिट दी है. आठ महीने की जांच के बाद कमेटी को कोई गवाह नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि एनकाउंटर पुलिस की मंशा के अनुरूप और फर्जी था.

जांच के दौरान जस्टिस बीएस चौहान ने कई पुलिसकर्मियों से पूछताछ की, लेकिन कमेटी को एक भी पुख्ता सबूत नहीं मिले जिससे यह साबित हो सके कि एनकाउंटर फर्जी था. साक्ष्यों के आभाव में विकास दुबे एनकाउंटर मामले में पुलिस को क्लीन चिट दे दी गई है.

गौरतलब है कि 2 जुलाई 2020 की रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दबिश देने गई पुलिस टीम पर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी. इस शूटआउट में 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इसके बाद एक्शन में आई पुलिस ने उसके चार गुर्गों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया था, लेकिन मुख्य आरोपी विकास दुबे फरार चल रहा था. 9 जुलाई को विकास दुबे ने बड़े नाटकीय ढंग से उज्जैन के महाकाल मंदिर में सरेंडर कर दिया. इसके बाद उज्जैन से वापस लाते समय पुलिस की गाड़ी पलटने के बाद विकास दुबे पुलिस की पिस्टल लेकर भागा था, जिसके बाद पीछा करने पर उसने पुलिस पर फायरिंग की थी. पुलिस ने जवाबी फायरिंग की और विकास दुबे की मुठभेड़ में मौत हो गई थी. न्यायिक जांच में इस मुठभेड़ को भी सही माना गया है.
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