अखिलेश सरकार में हुए रिवर फ्रंट घोटाले में ED की कार्रवाई, 3 इंजीनियरों की 1 करोड़ की संपत्ति जब्त

ईडी का दावा है कि मामले में पहली बार रिश्वत लेने के साक्ष्य कड़ी-दर-कड़ी स्थापित हुए हैं. जिसकी वजह से घोटालेबाजों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 5, 2019, 7:56 AM IST
अखिलेश सरकार में हुए रिवर फ्रंट घोटाले में ED की कार्रवाई, 3 इंजीनियरों की 1 करोड़ की संपत्ति जब्त
गोमती रिवर फ्रंट की फाइल फोटो
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Updated: July 5, 2019, 7:56 AM IST
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सपा सरकार में हुए गोमती रिवर फ्रंट में पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन इंजीनियरों की लखनऊ, नोएडा और गाजियाबाद स्थित एक करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर ली हैं. इनमें पूर्व मंत्री शिवपाल सिंह यादव के करीबी और सिंचाई विभाग के रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता रूप सिंह यादव भी शामिल हैं.

ईडी का दावा है कि मामले में पहली बार रिश्वत लेने के साक्ष्य कड़ी-दर-कड़ी स्थापित हुए हैं. जिसकी वजह से घोटालेबाजों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी. ईडी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान तत्कालीन मुख्य अभियंता एसएन शर्मा, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता रूप सिंह यादव और अनिल यादव के घर से ठेकेदारों से रिश्वत लेने से जुड़े अहम साक्ष्य व दस्तावेज मिले थे.

ठेकेदारों ने दिया कमीशन

ईडी की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि गोमती रिवर फ्रंट के निर्माण में ठेकेदारों को तय लागत से ज्यादा का भुगतान किया गया. ठेकेदारों के जरिए ही इंजिनियरों को कमिशन पहुंचाया गया. कई ऐसे ठेकेदारों को भी टेंडर दे दिए गए जो सिंचाई विभाग में रजिस्टर्ड ही नहीं थे. टेंडर की आखिरी तारीख पर उनकी कंपनियों को सिंचाई विभाग में रजिस्टर करवाया गया. साथ ही ठेकेदारों को काम शुरू होने से पहले ही एडवांस भुगतान कर दिया गया.

इंजीनियरों ने रिश्वत के पैसे से ख़रीदे फ्लैट व प्लाट

ईडी के मुताबिक ठेकेदारों से मिली रिश्वत के पैसों से इंजीनियरों ने लखनऊ, गाजियाबाद व नोएडा में फ्लैट और प्लाट खरीदा. ईडी का कहना है कि रिश्वत के पैसों से एसएन शर्मा द्वारा गाजियाबाद में खरीदा गया फ्लैट, रूप सिंह यादव द्वारा नोएडा के जेवर में खरीदा गया प्लॉट और अनिल यादव द्वारा लखनऊ के आदिल नगर समेत दूसरे इलाकों में खरीदे गए तीन प्लॉट अटैच किए गए हैं.

गौरतलब है कि ईडी ने गोमती रिवर फ्रंट घोटाले में वर्ष 2018 में मनी लॉन्ड्रिंग ऐक्ट के तहत लखनऊ में केस दर्ज किया था. इसके लिए ईडी ने सिंचाई विभाग द्वारा गोमतीनगर थाने में दर्ज करवाई गई एफआईआर को आधार बनाया था.
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First published: July 5, 2019, 7:46 AM IST
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