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UP Panchayat Chunav: पंचायत चुनाव से पहले स्टांप की कालाबाजारी रोकने को बड़ा फैसला, उम्मीदवारों को मिलेगी राहत

योगी सरकार के एक फैसले से उम्मीदवारों को मिलेगी बड़ी राहत (File photo)

योगी सरकार के एक फैसले से उम्मीदवारों को मिलेगी बड़ी राहत (File photo)

यूपी में पंचायत चुनाव से पहले 10, 50, 100 और 500 रुपये मूल्य के स्टाम्प की बिक्री में स्टाम्प विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी पर अंकुश लगाएगी सरकार. ई-स्टाम्प (E-Stamp) किस मकसद से खरीदा जा रहा है, यह बताना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 27, 2021, 12:16 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव (Panchayat Elections 2021) की तैयारियां अंतिम दौर में हैं. यूपी में 10, 50, 100 और 500 रुपये मूल्य के स्टाम्प की बिक्री में स्टाम्प विक्रेताओं द्वारा की जा रही कालाबाजारी पर अंकुश लगने जा रहा है. प्रदेश के स्टाम्प व पंजीयन विभाग ने आनलाइन ई-स्टाम्पिंग सेल्फ प्रिंटिंग की व्यवस्था लागू की है. आगामी पंचायती चुनाव में कम मूल्य के ऐसे स्टाम्प पेपर की जबर्दस्त मांग को देखते हुए किसी भी तरह की अफरातफरी को रोकने में यह नई व्यवस्था काफी कारगर साबित हो सकती है. ऐसे में अब नामांकन के समय स्टाम्प पेपर के लिए मारामारी नहीं करनी होगी.

इस व्यवस्था के तहत पांच सौ रुपये तक के स्टाम्प को खुद जरूरतमंद व्यक्ति द्वारा स्टाक होल्डिंग कारपोरेशन आफ इण्डिया लि.(सीआए) की वेबसाइट पर ऑनलाइन शुल्क जमा कर के छाप सकेगा. इस बारे में जारी शासनादेश में कहा गया है कि कोई व्यक्ति जो अल्प धनराशि के स्टाम्प शुल्क का भुगतान करना चाहता है, वह स्टाक होल्डिंग कारपोरेशन आफ इण्डिया (सीआरए) की वेबसाइट www.shcilestamp.com पर ऑनलाइन ई-स्टाम्पिंग प्रणाली में भुगतान के लिए रजिस्टर करेगा.

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रजिस्ट्रेशन के बाद उसका सत्यापन होगा. फिर यूजर आईडी और पासवर्ड सृजित होगा. इस रजिस्टर्ड यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करते हुए लागइन किया जाएगा. लागइन के बाद प्रयोक्ता व्यक्ति द्वारा आवश्यक विवरण जैसे राज्य, अनुच्छेद, स्टाम्प शुल्क की राशि, पक्षकारों का विवरण (दोनों पक्षों का विवरण) दाखिल किया जाना अनिवार्य होगा.
ऑनलाइन भुगतान के विकल्प का चयन
इस विवरण में प्रयोग करने वाला स्पष्ट उल्लेख करेगा कि वह ई-स्टाम्प किस मकसद से खरीद रहा है. इस विवरण को दाखिल करने के बाद प्रयोग करने वाले के द्वारा ऑनलाइन भुगतान के विकल्प का चयन करके नेट बैंकिंग/डेबिट कार्ड/यूपीआई के जरिये अपेक्षित स्टाम्प शुल्क की धनराशि का भुगतान किया जाएगा। भुगतान के बाद ई-स्टाम्प सर्टीफिकेट का प्रयोक्ता /ई-स्टाम्प प्रमाण पत्र खरीदने वाले व्यक्ति द्वारा अपने कम्प्यूटर और प्रिंटर से उसे प्रिण्ट कर सकेगा या फिर साइबर कैफे से उसे प्रिंट करवा सकेगा. ई-स्टाम्प का यह प्रिंट 80 जीएसएम एग्जीक्यूटिव बांड के कागज पर ही लिया जा सकेगा.

धोखाधड़ी रोकने के लिए प्रस्तावित माड्यूल
यह प्रक्रिया केवल पांच सौ रुपये की अधिकतम सीमा तक के स्टाम्प शुल्क के भुगतान पर ही लागू होगी. शासनादेश में आगे कहा गया है कि स्वयं मुद्रण में किसी भी धोखाधड़ी या दुर्भावना को रोकने के लिए प्रस्तावित माड्यूल में मजबूत सुरक्षा सुविधाओं सहित प्रभावी निगरानी तंत्र की सुनिश्चित व्यवस्था स्टाक होल्डिंग कारपोरेशन आफ इण्डिया द्वारा की जाएगी. प्रदेश के स्टाम्प आयुक्त और सम्बंधित एजेंसी यह भी सुनिश्चत करेंगी कि राज्य को किसी भी तरह की वित्तीय क्षति न होने पाए.
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