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2000 साल पुराना है दक्षिण कोरिया और अयोध्या कनेक्शन, कारक राजवंश से जुड़े हैं तार

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 6, 2018, 1:37 PM IST

राजकुमारी सूरीरत्न अयोध्या से थीं और करीब 2000 वर्ष पहले उन्होंने कोरिया की यात्रा की. उस दौरान उन्होंने वहां के नरेश किम सूरो से विवाह किया.

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राम नगरी अयोध्या दूसरे भव्य दीपोत्सव के लिए सज-धजकर तैयार है. यूपी व बिहार के राज्यपाल के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दक्षिण कोरिया की फर्स्ट लेडी किमजोंग सुक मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगी. किमजोंग सुक अयोध्या में जहां भव्य दीपोत्सव में शिरकत करेंगी. लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि दक्षिण कोरिया की फर्स्ट लेडी को ही मुख्य अतिथि क्यों बनाया गया है. इसके पीछे का इतिहास 2000 साल पुराना है.

दरअसल, अयोध्या से ताल्‍लुक रखने वाली दक्षिण कोरिया की रानी सूरीरत्न (हिव ह्वांग ओक) की याद में कोरियाई सरकार एक स्‍मारक अयोध्‍या में बनाना चाहती है. इस सिलसिले में दक्षिण कोरिया के राष्‍ट्रपति की पत्‍नी सूक रानी सूरीरत्न (हिव ह्वांग ओक) स्मारक के भूमि पूजन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी.

गौरतलब है राजकुमारी सूरीरत्न अयोध्या से थीं और करीब 2000 वर्ष पहले उन्होंने कोरिया की यात्रा की. उस दौरान उन्होंने वहां के नरेश किम सूरो से विवाह किया. उसके बाद उनका नाम बदलकर हिव ह्वांग ओक हो गया. कहा जाता है कि राजकुमारी सूरीरत्‍न 48 ईस्‍वी में कोरिया गई थीं. वहां पर उन्‍होंने एक स्‍थानीय राजा से शादी की और कराक राजवंश की स्‍थापना की.

इसका उल्लेख चीनी भाषा की कुछ प्राचीन पुस्‍तकों में भी मिलता है. दावा किया जाता है कि अयोध्‍या के राजा को स्‍वप्‍न में ईश्‍वर ने आदेश दिया कि वह अपनी 16 वर्षीया राजकुमारी को दक्षिण कोरिया के शहर गिमहेई भेजें ताकि उनकी शादी वहां के राजा किम सूरो से हो.

दक्षिण कोरिया की कई दंतकथाओं और मिथकों के मुताबिक राजकुमारी सूरीरत्‍न अयुता की थीं. इतिहासकारों के मुताबिक अयुता और अयोध्‍या एक ही नाम हैं. राजा किम सूरो और पत्‍नी सूरीरत्‍न के 10 बेटे हुए. कोरिया में किम बहुत ही आम सरनेम है और गिमहेई इलाके में राजा किम सूरो को ही इनका पूर्वज माना जाता है. इतिहासकारों के मुताबिक किम वंश के लोगों की आबादी दक्षिण कोरिया में तकरीबन 60 लाख है. ये दक्षिण कोरिया की कुल आबादी का 10 प्रतिशत है.

यही वजह है कि कोरियाई सरकार अपनी रानी की याद में अयोध्या में एक स्मारक बनवा रही है. साल 2000 में अयोध्‍या और गिमहेई को सिस्‍टर सिटीज के रूप में विकसित करने के लिए समझौता किया. उसके अगले साल 2001 में 100 इतिहासकारों और सरकारी प्रतिनिधियों ने अयोध्‍या में सरयू नदी के पश्चिमी तट पर महारानी हिव ह्वांग ओक के स्‍मारक का शिलान्‍यास किया. 2016 में एक कोरियाई डेलीगेशन ने यूपी सरकार को इस मेमोरियल को और विकसित करने का प्रस्‍ताव दिया. उसी कड़ी में दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला उस स्‍मारक को अपग्रेड करने के भूमि पूजन से जुड़े कार्यक्रम में आज शिरकत करेंगी.

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First published: November 6, 2018, 9:35 AM IST
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