हाथरस कांड: UP में जातीय और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश की जांच करेगी STF की स्पेशल यूनिट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (File Photo)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (File Photo)

हाथरस कांड (Hathras Case) के बहाने उत्तर प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश का अंदेशा जाहिर किया गया है. अब इस मामले की जांच के लिए यूपी एसटीएफ की स्पेशल यूनिट (UP STF Special Unit) का गठन किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 16, 2020, 2:15 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) में गैंगरेप और हत्या (Gangrape and Murder Case) मामले के बाद यूपी में गरम हुई सियासत पर एक तरफ योगी सरकार (Yogi Government) विपक्ष का चौतरफा हमला झेल रही है. वहीं मामले में सरकार ने इस कांड के बहाने प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साजिश का अंदेशा जाहिर किया है. अब इस मामले की यूपी एसटीएफ की स्पेशल यूनिट (UP STF Special Unit) जांच करेगी.

ये जांचें चल रही एक साथ

बता दें हाथरस कांड को लेकर एक साथ कई जांचें चल रही हैं. एक तरफ यूपी सरकार द्वार गठित एसआईटी ने अपनी जांच पूरी कर ली है और माना जा रहा है कि आज शासन को एसआईटी रिपोर्ट सौंप देगी. वहीं दूसरी तरफ यूपी सरकार की सिफारिश के बाद सीबीआई ने भी जांच शुरू कर दी है और लगातार हाथरस में कैंप कर रही है. इसी मामले से जुड़ी पीएफआई के सदस्यों की मथुरा मे गिरफ्तारी हुई थी. उनसे पूछताछ ईडी कर चुकी है.




अंतर्राष्ट्रीय फंडिंग के मिले प्रमाण

अब हाथरस के बहाने प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे भड़काने की साज़िश की गहन जांच में एसटीएफ को लगाया गया है. हाथरस के चंदपा थाने में गंभीर धाराओं में दर्ज मामला एसटीएफ की स्पेशल यूनिट के हवाले किया जा रहा है. अब तक की जांच में योगी सरकार को बदनाम करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों और फंडिंग के प्रमाण मिलने के बाद साजिशों के पर्दाफाश के लिए एसटीएफ की स्पेशल यूनिट गठित की गई है.

पता चला है कि इस ममाले में पाकिस्तान, यूएई और बांग्लादेश समेत तमाम इस्लामिक देशों से योगी सरकार को बदनाम करने के लिए बड़ी फंडिंग और साजिशें की गईं. तमाम फर्जी सूचनाएं, एडिडेट तस्वीरों और अफवाहें फैलाने के साथ ही पीड़ित परिपार को भड़काकर प्रदेश में जातीय और सांप्रदायिक दंगे फैलाने की बड़ी कोशिश की गई.

ईडी पहले ही इस मामले में पीएफआई के गिरफ्तार सदस्यों से पूछताछ कर रही है. पीएफआई को पश्चिम के एक खनन माफिया से फंडिंग के प्रमाण मिलने की सूचना है.
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