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जवाहर पंडित हत्याकांड की सुनवाई पूरी, इस दिन आएगा कोर्ट का फैसाल

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 19, 2019, 2:40 PM IST
जवाहर पंडित हत्याकांड की सुनवाई पूरी, इस दिन आएगा कोर्ट का फैसाल
जवाहर पंडित हत्याकांड में कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है.

कोर्ट ने जवाहर पंडित हत्याकांड (Jawahar Pandit Murder case) की सुनवाई पूरी कर ली है. कोर्ट 31 अक्टूबर को फैसला सुनाएगी.

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लखनऊ. बहुचर्चित सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड (Jawahar Pandit Murder case) मामले में ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. एडीजे कोर्ट ने फैसला सुनाने के लिए 31 अक्टूबर की तारीख को तय किया है. दरअसल,  झूंसी विधानसभा से विधायक जवाहर यादव पंडित पर 23 साल पहले 13 अगस्त 1996 को सिलिव लाइंस (Silive lines) में पैलेस सिनेमा और काफी हाउस के बीच एके 47 रायफल (47 rifle) से गोलियां बरसाई गई थी. जिससे उनकी मौत हो गई थी.

इस हत्याकांड में पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, उनके भाई व पूर्व विधायक उदय भान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया और राम चंद्र त्रिपाठी आरोपी हैं. बता दें कि इस हमले में सपा विधायक जवाहर पंडित के साथ ही उनके ड्राइवर गुलाब यादव और एक राहगीर कमल कुमार दीक्षित की भी गोली लगने से मौत हो गई थी. जबकि पंकज कुमार श्रीवास्तव और कल्लन यादव घायल हो गए थे. इस मामले में सुनवाई पूरी होने और फैसला सुरक्षित होने के बाद जवाहर पंडित की पत्नी और पूर्व विधायक विजमा यादव ने कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है और उन्हें न्याय जरुर मिलेगा. हांलाकि, 23 सालों तक अदालत में चली लम्बी कानूनी लड़ाई और अपने संघर्षों को याद करते हुए उनकी आंखें भी नम हो गईं.

सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज था
बताते चलें कि विजमा यादव की ओर से सिविल लाइंस थाने में करवरिया बंधुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था. सिविल लाइंस थाने के बाद मुकदमे की विवेचना सीबीसी आईडी ने भी की और आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया. मुकदमे के दौरान कुछ साल तक हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के चलते मुकदमे की सुनवाई भी नहीं हो सकी थी. इस बीच प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सरकार ने करवरिया बंधुओं से मुकदमा वापस ले लिया था. जिसका विरोध पूर्व विधायक विजमा यादव ने किया और अदालत में कानूनी लड़ाई भी लड़ी.

18 गवाहों के बयान दर्ज
इसके बाद कोर्ट ने सरकार के फैसले को यह कहते हुए वापस लौटा दिया था कि ट्रायल कोर्ट में चल रहे मुकदमें की सुनवाई फैसले के करीब है. मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन की तरफ से जहां 18 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए थे. वहीं, करवरिया बंधुओं को निर्दोष साबित करने के लिए बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया था. इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और मौजूदा समय में राजस्थान के गवर्नर कलराज मिश्रा की भी गवाही हो चुकी है. फिलहाल, दोनों ही पक्षों को 23 साल चली इस लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद अब फैसले का बेसब्री से इंतजार है.

रिपोर्ट- सर्वेश दुबे
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First published: October 19, 2019, 2:36 PM IST
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