लग्जरी कार चोरी मामलाः कबाड़ कारों के इंजन-चेसिस नंबर से चलता था गोरखधंधा, पुलिस भी नहीं पकड़ पाती थी
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लग्जरी कार चोरी मामलाः कबाड़ कारों के इंजन-चेसिस नंबर से चलता था गोरखधंधा, पुलिस भी नहीं पकड़ पाती थी
जैसी डिमांड वैसी कारों की चोरी (सांकेतिक फोटो)

हाईटेक गैंग का सरगना नासिर तीन भोजपुरी फिल्मों में काम कर चुका है. एक फिल्‍म में उसने पुलिस इंस्पेक्टर का रोल किया था, तब से उसे छोटी पुलिस के रूप में जाना जाने लगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 23, 2020, 12:07 AM IST
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लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) की पुलिस ने वाहन चोरों और जालसाजों के इंटरनेशनल गिरोह का खुलासा करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) किया है. इन आरोपियों से 5 करोड़ कीमत की 50 लग्जरी कारें बरामद हुई हैं. लखनऊ पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, 10 अन्य आरोपियों गिरफ्तारी के लिए दबिश जारी है. अभी कई और वाहन बरामद होने की भी उम्मीद है.

हाईटेक गैंग का सरगना है छोटी पुलिस

कार चोरों के इस हाईटेक गैंग का सरगना अमीनाबाद का नासिर उर्फ छोटी पुलिस है. आपको बता दें कि नासिर तीन भोजपुरी फिल्मों में काम कर चुका है. एक फिल्‍म में उसने पुलिस इंस्पेक्टर का रोल किया था, तब से उसे छोटी पुलिस के रूप में जाना जाने लगा. दूसरा गिरफ्तार आरोपी पुरानी कार खरीदने-बेचने का काम करने वाला रिजवान है. हैरानी की बात ये है कि वह चोरी की कमाई से बैंकॉक में एक होटल खरीद रहा है. वहीं, तीसरा गिरफ्तार आरोपी कानपुर का बड़ा कबाड़ कारोबारी श्यामजी जायसवाल है. इसके अलावा गिरफ्तार आरोपियों में लखनऊ का विनय तलवार और मोईनुद्दीन उर्फ पप्पू खान हैं.



कॉरपोरेट कंपनी की तरह काम करता था गिरोह
इस गिरोह के 10 लोगों को पुलिस तलाश रही है, जिसमें नई दिल्ली का बड़ा कारोबारी, खुद को एक राज्य मंत्री का ओएसडी बताने वाला युवक, नेपाल बॉर्डर के पलिया में रहने वाला कार बाजार चलाने वाला युवक शामिल है, जो कारों को नेपाल भेज देता था. ये गिरोह एक कॉरपोरेट कंपनी की तरह काम करता था. सबके काम बंटे हुए थे. ये गिरोह इंश्योरेंस कंपनियों में बैठे अपने आदमियों के जरिए एक्सीडेंट में बुरी तरह बर्बाद हुई कारों की डिटेल हासिल करता था. इंश्योरेंस कंपनी कार मालिक को कार बेचने का विकल्प देती है और ये गिरोह बड़े कबाड़ियों के जरिए एक्सिडेंटल कारों की कीमत लगाकर, एक्सिडेंटल कार को इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से खरीद लेता था. जिसके बाद ये गिरोह एक्सिडेंटल कार जैसे मॉडल और मेक की कार ऑनडिमांड चोरी करवाता था और चोरी वाली कार पर इस गिरोह के कबाड़ कारोबारी एक्सिडेंटल कार के डिटेल जैसे इंजन,चेसिस नंबर डाल देता था.

दूसरे राज्यों में भी बेची है कार

इंजन,चेसिस पर दूसरा नंबर डालना बहुत कठिन होता है. लेकिन इस गिरोह की यही खासियत थी कि इनके डाले गए नंबर कंपनी भी नहीं पकड़ पाती थी. लखनऊ पुलिस भी फॉरेंसिक टीम की मदद से इस राज को जान पाई. चोरी की कार में एक्सिडेंटल की डिटेल डालकर ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था. इस गिरोह ने नई दिल्ली, नॉर्थ ईस्ट, बिहार, झारखंड, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश तक कारें बेची हैं. अब पुलिस इस गिरोह में इंश्योरेंस कंपनियों और आरटीओ विभाग के लोगों की भूमिका की तलाश कर रही है.
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