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लखनऊ: निमोनिया के मरीज की भी अब होगी COVID-19 जांच, ICMR ने बदली गाइडलाइन
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Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 26, 2020, 11:06 AM IST
लखनऊ: निमोनिया के मरीज की भी अब होगी COVID-19 जांच, ICMR ने बदली गाइडलाइन
सांकेतिक तस्वीर

विशेषज्ञ इस बात को मानते हैं कि कोरोना का बढ़ता प्रकोप निमोनिया से होकर ही गुजरता है. खासतौर से कम उम्र के बच्चों में अगर निमोनिया हो जाए तो उनको कोरोना की जांच जरूर कराना चाहिए.

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लखनऊ. कोरोनावायरस (Coronavirus) के बढ़ते प्रकोप के बीच मे इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने अपनी गाइडलाइन में बड़ा बदलाव किया है. आईसीएमआर की नई गाइडलाइन के मुताबिक जिस किसी को भी निमोनिया (Pneumonia) हो उसकी कोरोनावायरस की जरूर जांच करा ली जाए. विशेषज्ञ इस बात को मानते हैं कि कोरोना का बढ़ता प्रकोप निमोनिया से होकर ही गुजरता है. खासतौर से कम उम्र के बच्चों में अगर निमोनिया हो जाए तो उनको कोरोना की जांच जरूर कराना चाहिए. साथ ही बुजुर्गों में भी निमोनिया होने के चांसेस सबसे ज्यादा होते हैं. कुल मिलाकर अगर बुजुर्ग और बच्चों को निमोनिया हो जाए तो आईसीएमआर की नई गाइडलाइन के मुताबिक उन्हें कोरोना वायरस की जांच जरूर करानी चाहिए.

चिकित्सक और वैज्ञानिक कोरोनावायरस के जो लक्षण बताते हैं वह निमोनिया से काफी मिलताजुलता है. कई बार जिस बीमारी को आप निमोनिया समझ रहे हैं, वह कुछ दिनों के बाद आगे बढ़कर कोरोनावायरस साबित हो सकता है.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

लखनऊ में स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के रेस्पिरेट्री मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ सूर्यकांत का कहना है कि "अगर किसी बच्चे या बुजुर्ग में निमोनिया की शिकायत है तो सबसे पहले वह सतर्क हो जाएं. क्योंकि निमोनिया या सीनियर लंग इन्फेक्शन कई बार कोरोनावायरस के प्रकोप की वजह से हो सकता है." फेफड़े के रोग पर करीब तीन दशकों तक काम करने वाले डॉ सूर्यकांत मानते हैं कि "कोरोना के शुरुआती लक्षण हालांकि सर्दी, जुकाम या गले में खराश या पूरे बदन में दर्द हो सकता है. लेकिन आगे चलकर यही बीमारी फेफड़ों पर अटैक करती है. कोरोनावायरस सबसे ज्यादा फेफड़ों को ही डैमेज करता है. शायद इसीलिए लोगों को कोरोनावायरस की वजह से सांस लेने में काफी दिक्कत होने लगती है."



आईसीएमआर की नई गाइडलाइन लोगों को डराने के लिए नहीं

आईसीएमआर की नई गाइडलाइन लोगों को डराने के लिए नहीं है, बल्कि मौजूदा वक्त में चल रही वैश्विक विपत्ति के दौरान सजग करने के लिए है. किसी बुजुर्ग या बच्चे में अगर निमोनिया के लक्षण है तो वह घर पर इस बात को लेकर बेफिक्र न बैठे कि उनका मरीज ठीक हो जाएगा. फौरन कोरोना की जांच कराएं. यही नहीं नौजवान लोगों में भी अगर निमोनिया के लक्षण ज्यादा दिनों तक पाए जाते हैं तो चिकित्सक सलाह देते हैं कि उनकी जांच एक बार जरूर करा लें, क्योंकि अगर इस स्टेज पर कोरोना के संक्रमण की जानकारी मिल जाएगी तो इंसान बच जाएगा.

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First published: March 26, 2020, 11:06 AM IST
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