यूपी सरकार का आदेश - AQI मध्यम हो तभी बेचे और फोड़े जा सकते हैं ग्रीन पटाखे

जिन इलाकों में AQI बेहतर होगा, सिर्फ वहीं ग्रीन पटाखे बेचने और फोड़ने की इजाजत है. (फाइल फोटो)
जिन इलाकों में AQI बेहतर होगा, सिर्फ वहीं ग्रीन पटाखे बेचने और फोड़ने की इजाजत है. (फाइल फोटो)

जिन जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम या बेहतर है, सिर्फ वहीं ग्रीन क्रैकर बेचे और फोड़े जा सकते हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश की सरकार ने सभी तरह के पटाखे एनसीआर में बैन कर दिए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 10, 2020, 5:06 PM IST
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लखनऊ. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में बढ़ते वायु प्रदूषण (air pollution) के मद्देनजर दिल्ली और यूपी की सरकारों ने कई फैसले किए हैं. उत्तर प्रदेश की सरकार ने कहा है कि जिन जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) मध्यम या बेहतर है, सिर्फ वहीं ग्रीन क्रैकर बेचे और फोड़े जा सकते हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश की सरकार ने सभी तरह के पटाखे (crackers) एनसीआर में बैन कर दिए हैं. उसने निर्देश जारी किया है कि मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar), आगरा (Agra), वाराणसी (Varanasi), मेरठ (Meerut), हापुड़ (Hapur), गाजियाबाद (Ghaziabad), कानपुर (Kanpur), लखनऊ (Lucknow), मुरादाबाद (Moradabad), नोएडा (Noida), ग्रेटर नोएडा (Greater Noida), बागपत (Baghpat) और बुलंदशहर (Bulandshahr) में सभी तरह के पटाखों के बेचने और फोड़ने पर 9-10 नवंबर की आधी रात से 30 नवंबर से 1 दिसंबर की आधी रात तक प्रतिबंध कर दिया गया है.

एनसीआर में AQI गंभीर

दिल्ली में 35 निगरानी स्टेशनों में से 31 में रविवार को एक्यूआई ' गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया है. जिन स्टेशनों में एक्यूआई 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है, उनमें लोधी रोड (333), एनएसआईटी द्वारका (377) और पूसा (374) शामिल हैं. उत्तरी परिसर के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं. एनसीआर क्षेत्र में भी एक्यूआई 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया. गुड़गांव में एक्यूआई 434, गाजियाबाद में 456, नोएडा में 428 और ग्रेटर नोएडा में 440 दर्ज किया गया था.





एयर क्वॉलिटी इंडेक्स के मानक

आपको बता दें कि 0 और 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51 और 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 और 200 के बीच 'मध्यम', 201 और 300 के बीच 'खराब', 301 और 400 के बीच 'बेहद खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है.



सफर का अनुमान

कल ही सफर ने कहा था कि सतही हवाएं शांत हो गई हैं जो अब तक मध्यम थीं और अगले दो दिन तक इनके हल्का रहने का अनुमान है. यही कारण है कि हवा की गुणवत्ता में तेजी से सुधार होने की संभावना नहीं है और सुधार तभी हो पाएगी जब पराली जलाने की घटनाओं में कमी आए. सफर के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के इलाकों में शनिवार को पराली जलाने की घटनाएं 3780 थीं. दिल्ली के पीएम 2.5 में इसकी हिस्सेदारी रविवार को अनुमानित तौर पर करीब 29 प्रतिशत रही. यह अनुमानित तौर पर शनिवार को 32 फीसदी थी. सफर ने कहा कि वायु गुणवत्ता के मामूली रूप से और खराब होने और अगले दो दिन 'गंभीर' और 'बहुत खराब' श्रेणी में रहने की आशंका है.
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