अगर मॉब लिंचिंग में मौत हुई तो दोषियों को होनी चाहिए उम्र कैद

मॉब लिंचिंग की घटना के दौरान पीड़ित की मौत हो जाती है तो दोषियों को भारी जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई जानी चाहिए.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 11, 2019, 11:56 PM IST
अगर मॉब लिंचिंग में मौत हुई तो दोषियों को होनी चाहिए उम्र कैद
मॉब लिंचिंग की घटना के दौरान पीड़ित की मौत हो जाती है तो दोषियों को भारी जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई जानी चाहिए.
News18 Uttar Pradesh
Updated: July 11, 2019, 11:56 PM IST
मॉब लिंचिंग की घटना के दौरान पीड़ित की मौत हो जाती है तो दोषियों को भारी जुर्माने के साथ आजीवन कारावास की सजा सुनाई जानी चाहिए. इस बात की संस्तुति यूपी के लॉ कमीशन ने की है. यूपी लॉ कमीशन के चेयरमैन रिटायर्ड जस्टिस एएन मित्तल ने अपनी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है.

जस्टिस एएन मित्तल ने कहा है कि मॉब लिंचिंग की घटनाएं देश में बढ़ रही हैं. हमने इसे लेकर काफी अध्ययन किया और अपनी रिपोर्ट सीएम योगी आदित्यनाथ को सौंप दी है. हमारा उद्देश्य न सिर्फ घटनाओं को रोकना बल्कि दोषियों को कड़ी सजा दिलवाने का भी है.



मणिपुर के बाद दूसरा राज्य होगा यूपी
ऐसा कानून इस समय देश में सिर्फ मणिपुर में लागू है. यूपी दूसरा राज्य होगा जो ऐसे कानून को अपने प्रदेश में लागू करेगा.



हिंसा के कारण
कमीशन का मानना है कि मॉब लिंचिंग की घटनाएं गोहत्या के शक में ही नहीं हो रही हैं बल्कि चोरी, रेप के विरोध और अंधविश्वास के चक्कर में भी हो रही हैं. हमारे समाज में महिलाओं पर आरोप लगाकर भी मॉब लिंचिंग की घटनाएं होती रही हैं.
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यूपी में बढ़ती घटनाएं
उत्तर प्रदेश के नोएडा में अखलाक की मॉब लिंचिंग के मामले ने खूब तूल पकड़ा था. उसे लेकर केंद्र की मोदी सरकार और बीजेपी पर निशाने साधे गए थे. कमीशन का मानना है कि ऐसे मामलों में पुलिस का देर से पहुंचना भी एक कारण है. इसके लिए हमें अपनी पुलिस व्यवस्था को भी ठीक करना होगा.
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