खनन घोटाला: सपा नेता गायत्री प्रजापति, रमेश मिश्रा समेत अन्य के 22 ठिकानों पर CBI का छापा

अमेठी में पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति के तीन ठिकानों पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की. उधर सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के 11 ठिकानों पर सीबीआई की टीम साक्ष्य तलाशने में जुटी है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 12, 2019, 1:41 PM IST
खनन घोटाला: सपा नेता गायत्री प्रजापति, रमेश मिश्रा समेत अन्य के 22 ठिकानों पर CBI का छापा
हमीरपुर में छापेमारी करने पहुंची सीबीआई की टीम
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Updated: June 12, 2019, 1:41 PM IST
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के शासनकाल में हुए 900 करोड़ के खनन घोटाले को लेकर बुधवार को सीबीआई ने अमेठी, नोएडा, हमीरपुर और दिल्ली समेत 22 ठिकानों पर छापेमारी की. अमेठी में पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति के तीन ठिकानों पर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की. उधर सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के 11 ठिकानों पर सीबीआई की टीम साक्ष्य तलाशने में जुटी है. इसी तरह नोएडा और नयी दिल्ली में भी अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई चल रही है.

हमीरपुर में खनन माफिया राकेश दीक्षित, जगदीश राजपूत और दिनेश मिश्रा के घर भी छापा पड़ा है. दरअसल सीबीआई सपा शासनकाल में बांटे गए 62 अवैध खनन पट्टे की जांच कर रही है.



IAS बी चन्द्रकला के खिलाफ भी दर्ज है एफआईआर
बता दें 2012 से 2016 के बीच हमीरपुर में 62 मोरंग के पट्टे आवंटित किए गए. आरोप है कि सभी पट्टों को देने में नियमो को दरकिनार रखकर नेताओं और मंत्रियों के करीबियों को पट्टा दिया गया. साल के शुरुआत में इस मामले को लेकर सीबीआई ने तत्कालीन डीएम बी चन्द्रकला के लखनऊ स्थित फ्लैट पर भी छापेमारी की थी. इस मामले में सीबीआई ने सीबीआई ने चंद्रकला समेत हमीरपुर के तत्कालीन खनन अधिकारी मोइनुद्दीन, खनन क्लर्क रामआसरे प्रजापति, हमीरपुर से सपा एमएलसी रमेश मिश्रा, रमेश के भाई दिनेश मिश्रा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है. वहीं एफआईआर में हमीरपुर के अंबिका तिवारी, संजय दीक्षित, सत्यदेव दीक्षित का भी नाम है.

10 हजार करोड़ रुपए का वारा-न्यारा होने का अनुमान
हमीरपुर के जनहित याचिकाकर्ता अधिवक्ता विजय द्विवेदी के अनुसार अवैध खनन के धंधे में 10 हजार करोड़ रुपए का वार न्यारा होने का अनुमान है. बसपा व सपा शासनकाल में मोरंग सिंडीकेट का खेल शुरू हुआ जो 10 सालों में 10 गुना तक बढ़ा. अवैध वसूली की शुरुआत 1100 रुपए प्रति ट्रक से शुरू होकर 11 हजार रुपए तक पहुंच गई है. अधिवक्ता विजय का दावा है कि सिंडीकेट के नाम पर होने वाली इस वसूली का 70 फ़ीसदी धन प्रदेशस्तरीय नेताओं को जाता था. जबकि 30 फ़ीसदी अवैध वसूली करने वाले अपने पास रखते थे. उन्होंने कहा कि सीबीआई के पास ऐसे नामों की फेहरिस्त है. सिंडीकेट की लिस्ट में सपा के सहारनपुर से एमएलसी इक़बाल के अलावा, बसपा नेता रजा खान, सीरज ध्वज सिंह व प्रकाश द्विवेदी, विजय गुप्ता, शराब कारोबारी रहे पोंटि चड्ढा, सपा एमएलसी रमेश मिश्रा व सपा के पूर्व विधायक दीपनारायण यादव के नाम चर्चा में आ चुके हैं.

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