कोरोना काल में ड्यूटी को लेकर शिक्षामित्रों ने सरकार से मांगा जून का मानदेय, सोशल मीडिया पर कैंपेन
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कोरोना काल में ड्यूटी को लेकर शिक्षामित्रों ने सरकार से मांगा जून का मानदेय, सोशल मीडिया पर कैंपेन
(सांकेतिक तस्वीर)

शिक्षामित्रों (Shikshamitra) की पूरे प्रदेश में अलग-अलग कोरोना (COVID-19) से लड़ाई में ड्यूटी लगाई गई है. कहीं वे क्वारेंटाइन सेंटर पर ड्यूटी दे रहे हैं तो कहीं डेटा फीडिंग का काम कर रहे हैं. उनका ये भी तर्क है कि हर साल एक महीने वे कोई दूसरा काम कर लेते थे, जिससे उनके परिवार का लालन-पालन हो जाता था लेकिन इस बार ये ऑप्शन भी नहीं है.

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लखनऊ. कोरोना (COVID-19) काल में ड्यूटी करने के बावजूद शिक्षामित्रों (Shikshamitra) को जून महीने का मानदेय नहीं मिलेगा. दरअसल यूपी सरकार के साथ उनका कॉन्ट्रैक्ट 11 महीने का होता है. हर साल उन्हें जुलाई से मई तक 11 महीने का मानदेय 333 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मिलता है. अभी तक जून में न वो ड्यूटी करते थे और न उन्हें मानदेय मिलता था. लेकिन इस साल शिक्षामित्रों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें जून महीने का भी मानदेय दिया जाए. इसके पीछे उन्होंने इस महीने में भी सेवा देने का तर्क दिया है.

शिक्षामित्रों की पूरे प्रदेश में अलग-अलग कोरोना से लड़ाई में ड्यूटी लगाई गई है. कहीं वे क्वारेंटाइन सेंटर पर ड्यूटी दे रहे हैं तो कहीं डेटा फीडिंग का काम कर रहे हैं. उनका ये भी तर्क है कि हर साल एक महीने वे कोई दूसरा काम कर लेते थे, जिससे उनके परिवार का लालन-पालन हो जाता था लेकिन इस बार ये ऑप्शन भी नहीं है. यूपी प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के अध्यक्ष कौशल किशोर ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर जून महीने के मानदेय के भुगतान की मांग की है.

सोशल मीडिया पर कैंपेन



वहीं शिक्षामित्रों ने सोशल मीडिया पर भी जून महीने का मानदेय देने के लिए अभियान चलाया है. ट्विटर पर #शिक्षामित्र_मांगे_जून_की_रोटी से अभियान चलाया गया है.



11 महीने बाद होता है कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू

बता दें कि शिक्षामित्र स्थायी कर्मी नहीं हैं और सरकार हर साल 11 महीने के बाद इनका कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करती है. हर महीने इन्हें 10 हजार रुपये मानदेय के रूप में 11 महीनों तक मिलता है. ये संयोग ही है कि जिस 12वें महीने में उन्हें मानदेय नहीं मिलता है, उस महीने में भी उन्हें ड्यूटी देनी पड़ रही है क्योंकि कोरोना संकट चल रहा है. बता दें कि यूपी के प्राथमिक स्कूलों में 1 लाख 59 हजार शिक्षामित्र पढ़ा रहे हैं. सभी को 10 हजार के हिसाब से 11 महीने का मानदेय सरकार देती है.



अधिकारियों ने साधी चुप्पी

दूसरी तरफ सरकारी महकमे में ये चर्चा चल रही है कि मार्च से स्कूल बंद हैं. ऐसे में शिक्षामित्रों को अप्रैल और मई के मानदेय बिना सेवा के ही सरकार ने दिया है. हालांकि अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है. फिलहाल इस मामले पर अभी तक स्कूली शिक्षा के किसी बड़े अधिकारी की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. इस मामले पर जैसे ही कोई प्रतिक्रिया आती है, उसे भी पब्लिश किया जाएगा.

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