आपके लिए इसका मतलब! एक महीने में 'लव जिहाद' कानून के शिकार हुए 35 लोग, हर दिन एक की गिरफ्तारी

यूपी में लव जिहाद को लेकर बने कानून को राज्यपाल ने एक महीने पहले दी थी मंजूरी. (सांकेतिक तस्वीर)

यूपी में लव जिहाद को लेकर बने कानून को राज्यपाल ने एक महीने पहले दी थी मंजूरी. (सांकेतिक तस्वीर)

आपके लिए इसका मतलबः योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की सरकार की तरफ से लाए गए ‘उत्‍तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश-2020’ को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल (UP Governor) ने पिछले महीने 27 नवंबर को अपनी मंजूरी दी थी. कानून लागू होने के बाद इस पर सियासी दलों की तीखी प्रतिक्रिया आई.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में लगभग एक महीने पहले 'लव जिहाद' (Love Jihad) को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की सरकार ने कानून लागू कर दिया. राज्यपाल से मंजूरी मिलने के बाद पूरे प्रदेश में धर्मांतरण रोधी अध्यादेश (Conversion ordinance) के लागू होते ही सबसे पहले बरेली में गिरफ्तारी हुई. इसके बाद तो मानों ऐसे मुकदमों की झड़ी लग गई. एटा, ग्रेटर नोएडा, सीतापुर, शाहजहांपुर और आजमगढ़ जैसे कई जिलों में इस कानून का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई की. लखनऊ में अंतर-धार्मिक विवाह (Inter-Religious Marriage) रुकवाने तक की खबरें आईं. कानून के तहत औसतन हर रोज एक से अधिक लोगों की गिरफ़्तारी हुई है और अब तक 35 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

‘उत्‍तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्‍यादेश-2020’ को 27 नवंबर को राज्‍यपाल की मंजूरी मिलने के बाद से पुलिस ने एक दर्जन से ज्‍यादा मुकदमे दर्ज करते हुए राज्‍य में करीब 35 लोगों को गिरफ्तार किया है. आधिकारिक बयान के अनुसार प्रदेश के एटा से आठ, सीतापुर से सात, ग्रेटर नोएडा से चार, शाहजहांपुर और आजमगढ़ से तीन-तीन, मुरादाबाद, मुज़फ़्फरनगर, बिजनौर एवं कन्नौज से दो-दो तथा बरेली और हरदोई से एक-एक गिरफ्तारी हुई है. यूपी में लागू हुए इस कानून के बाद देश के अन्य राज्यों में भी 'लव जिहाद' को लेकर कानून बनाने की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.

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बरेली में दर्ज हुआ पहला मुकदमा

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