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सिंचाई विभाग में इंजीनियर के 20 ठिकानों पर IT विभाग का छापा

सिंचाई विभाग में इंजीनियर के 20 ठिकानों पर IT विभाग का छापा

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एटीएस सोसाइटी में भी हो रही है छापेमारी

नोएडा में तैनात सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव के यहां शुक्रवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सात शहरों में 20 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है.

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नोएडा में तैनात सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव के यहां शुक्रवार को आयकर विभाग ने छापेमारी की है. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने सात शहरों में 20 ठिकानों पर एक साथ छापा मारा है.

कहा जा रहा है कि नोटबंदी के बाद राजेश्वर सिंह यादव ने नोएडा के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह और यूपी के दो बड़े राजनेताओं के पैसे को मैनेज किया था.

दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, गाजियाबाद, एटा और आगरा में राजेश्वर सिंह यादव और उनके करीबियों के 20 ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.

गाजियाबाद के इंदिरापुरम में एटीएस सोसाइटी में बांके बिहारी गोयल के यहां पर इनकम टैक्स विभाग की छापेमारी चल रही है. कहा जा रहा है कि गोयल राजेश्वर सिंह यादव के बेहद करीबियों में से एक है.

नोएडा के सेक्टर 44 स्थित ओमेक्स प्लाजा में भी छपे मारी चल रही है. 16 लोगों की टीम ने आगरा के लॉयर्स कॉलोनी स्थित शिवालिक रेजीडेंसी में उनके ससुर रणबीर सिंह के फ्लैट में छापा मारा है.

बता दें एटा के मारहैरा इलाके के मैनी गांव में इंजीनियर का घर है. राजेश्वर सिंह आगरा कैनाल ओखला ऑफिस में तैनात हैं. राजेश्वर सिंह पर बड़े पैमाने पर प्रॉपर्टी और अवैध संपत्ति कमाने का शक है. इतना ही नहीं कहा जा रहा है कि उनका यूपी के कई बड़े राजनेताओं से संबंध हैं.

जानकारी के मुताबिक, राजेश्वर सिंह अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दे पाए. करोड़ों की कीमत में चांदी, गोल्ड ज्वैलरी, कई रिश्तेदारों के नाम से बैंक अकाउंट्स ओपन कराए हैं.

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Lucknow को पहले बारिश ने डूबोया, अब नई परेशानी, Videos से फैल रही सोशल मीडिया पर अफवाहें

Lucknow को पहले बारिश ने डूबोया, अब नई परेशानी, Videos से फैल रही सोशल मीडिया पर अफवाहें

Fake Videos of Hailstorm: लखनऊ में अब बारिश के बीच कुछ लोगों ने ओले गिरने के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने शुरू कर दिए हैं. ये सभी वीडियोज फेक हैं और मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल की स्थितियों में भारी बारिश की संभावन है लेकिन ओले गिरने की कोई संभावना नहीं है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मौसम की मार दो दिनों से लोगों को परेशान किए थी. खासकर राजधानी लखनऊ में बारिश कहर बनकर बरपी और दो मासूमों की जान ले ली. अब हालात ये हैं कि लोग बारिश से बचने में लगे थे कि अब एक नई परेशानी ने लोगों को घेर लिया है. राजधानी में गुरुवार को लगातार हो रही बारिश के बीच अब सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने ओले गिरने के वीडियो पोस्ट करने शुरू कर दिए हैं. इन वीडियो में हजरतगंज और लालबाघ इलाके में ओले गिरने को लेकर कुछ पुराने वीडियो वाट्सएप, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाले जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि अब ओले गिरने के कारण गाड़ियों और घरों को नुकसान हो रहा है और लोग घायल हो रहे हैं. लेकिन ये सभी वीडियो फेक हैं और इनमें सत्यता नहीं है. लखनऊ में तेज बारिश जरूर हुई है लेकिन ओले नहीं गिरे हैं.

ओले गिरने की संभावना कम
वहीं इस पर मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल की स्थितियों को देखते हुए तेज बारिश होने की अगले 24 घंटे में संभावना है लेकिन ओले गिरने की संभावना न के बराबर है. मौसम ‌विज्ञानियों के अनुसार फिलहाल हवा के दबाव और बादलों की स्थिति को देखते हुए ये साफ है कि ओले गिरने की स्थितियां अभी नहीं बनी हैं. ऐसे में लोगों को अतिवृष्टि के लिए तैयार रहना चाहिए लेकिन ओलों का खतरा नहीं है.

रिकॉर्ड तोड़ने पर तुली बारिश
राजधानी में गुरुवार सुबह 8.30 बजे से लेकर शाम को 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश लखनऊ में दर्ज की गई है. जानकारी के अनुसार इस साल 28 जुलाई को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. उस दौरान 24 घंटे में कुल 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इससे पहले 2012 में 24 घंटे के दरम्यान कुल 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी.

Social Media पर ट्रेंड हुआ Lucknow Rains, वीडियो-फोटो पोस्ट कर लोग बता रहे हालात

Social Media पर ट्रेंड हुआ Lucknow Rains, वीडियो-फोटो पोस्ट कर लोग बता रहे हालात

Heavy Rains in Lucknow: लखनऊ में बुधवार से लगातार हो रही बारिश ने अब हालात बद से बदतर कर दिए हैं. ऐसे में अब लोग राजधानी के खराब होते नजारों के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 20:45 IST
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लखनऊ. लखनऊ में बुधवार से लगातार हो रही बारिश ने राजधानी के हाल खराब कर दिए हैं. हर तरफ भरा पानी, घरों की टूटी दीवारें और गिरे हुए पेड़ हालात को सही से बयां कर रहे हैं. घरों और दुकानों में पानी भर गया है, लोग परेशान हैं. वहीं बारिश से पहले जलभराव न होने की बात को लेकर किए गए नगर निगम के दावों की भी पोल खुलती नजर आ रही है. हालात ये हैं कि नगर निगम के दफ्तर में ही पानी भर गया है जिसे निकालने की मशक्कत की जा रही है.

वहीं अब लखनऊ में हुई भारी बारिश सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है. बड़ी संख्या में लखनऊ निवासी सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो पोस्ट कर के बता रहे हैं कि बारिश के बाद राजधानी के क्या हाल हैं. ऐसे में कुछ वीडियो वायरल हो गए हैं. वहीं कुछ फोटोज को भी काफी लाइक और शेयर किया जा रहा है.

दिखा बुरा हाल
फोटोज और वीडियोज में साफ देखा जा सकता है कि राजधानी में लोगों का कितना बुरा हाल है. कई इलाकों में पानी इतना भर गया है कि लोग उसमें तैरते दिख रहे हैं. वहीं पेड़ाें के गिरने के कारण कई वाहन और बिजली के तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं. जिसके चलते कई इलाकों में बिजली नहीं आ रही है. कई दुकानों और घरों में पानी भर जाने के कारण लोग परेशान हैं.

दो मासूमों की मौत
वहीं बारिश के बाद गड्ढे में भरे पानी में डूब जाने के कारण दो मासूमों की भी मौत हो गई. दोनों अपने घर से सुबह निकले थे लेकिन दिन तक नहीं लौटने पर परिजन ने तलाश शुरू की और पुलिस से संपर्क किया गया. बाद में दोनों मासूमों के शव पानी में तैरते हुए मिले.

रिकॉर्ड तोड़ने पर आई बारिश
राजधानी में गुरुवार सुबह 8.30 बजे से लेकर शाम को 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश लखनऊ में दर्ज की गई है. जानकारी के अनुसार इस साल 28 जुलाई को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. उस दौरान 24 घंटे में कुल 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इससे पहले 2012 में 24 घंटे के दरम्यान कुल 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी.

लगातार जारी है बारिश
राजधानी में बुधवार से ही भारी बारिश का दौर गुरुवार को भी जारी है. लखनऊ में इस सीजन में हुई सबसे ज्यादा बारिश के रिकॉर्ड की बराबरी तो हो चुकी है. अब नये रिकॉर्ड बनने बाकी हैं. रात में बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो शुक्रवार की सुबह नया रिकॉर्ड बनेगा. ऐसा लग रहा है कि शुक्रवार की सुबह होते-होते 2012 में हुई बारिश का रिकॉर्ड टूट जाएगा. यदि शुक्रवार की सुबह तक मात्र 23 मिलीमीटर बारिश भी हुई तो 9 सालों का रिकॉर्ड टूट जाएगा. इस बात की भी आशंका बढ़ गई है कि कहीं बारिश ऑल टाइम रिकॉर्ड न बना दे.

UP News: 25 PCS अफसर प्रोन्नत होकर बने IAS, देखिए पूरी लिस्ट

UP News: 25 PCS अफसर प्रोन्नत होकर बने IAS, देखिए पूरी लिस्ट

उत्तर प्रदेश के 25 पीसीएस अफसर प्रमोट होकर आईएएस बना दिए गए. पीसीएस की आईएएस संवर्ग में पदोन्नति आज दिल्ली में संपन्न गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के 25 पीसीएस अफसर प्रमोट होकर आईएएस बना दिए गए. पीसीएस की आईएएस संवर्ग में पदोन्नति आज दिल्ली में संपन्न गई है. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की बैठक में शामिल होने के लिए प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह, अवनीश अवस्थी, अपर पुलिस महानिदेशक कार्मिक सहित आला अफसर दिल्ली में मौजूद रहे.

IAS प्रमोट होने वाले अफसर

PCS से IAS में प्रमोट हुए अफसरों में पवन गंगवार, धनंजय शुक्ला, ब्रजेश कुमार, ऋषिकेश चौरसिया, महेंद्र सिंह, श्याम बहादुर सिंह, रवींद्र पाल सिंह, अनिल कुमार, अशोक कुमार, महेंद्र प्रसाद, गौरव वर्मा, रजनीश चंद्रा, मनोज राय, निधि श्रीवास्तव, खेमपाल सिंह, संजय चौहान, सुनील चौधरी, संतोष शर्मा, अरुण कुमार, समीर, वंदना त्रिपाठी, अर्चना गहरवार, कुमार विनीत, विशाल सिंह और कपिल सिंह हैं.

1992 बैच के 12 पीपीएस अफसर बने IPS

इससे पहले गुरुवार को ही उत्तर प्रदेश के पुलिस महकमे में तैनात 1992 बैच के 12 पीपीएस अफसरों (12 PPS Officers) की आईपीएस (IPS) संवर्ग में पदोन्नति की डीपीसी आज दिल्ली में संपन्न हुई थी. डीपीसी के दौरान 1992 बैच के पीपीएस अफसरों को आईपीएस में प्रमोशन मिल गया है.

ये अफसर बने IPS

इन अफसरों में राजेश द्विवेदी, राजेश कुमार श्रीवास्तव, जय प्रकाश सिंह, दिनेश त्रिपाठी, त्रिभुवन सिंह के नाम शामिल हैं. इनके अलावा शशिकांत, रामसेवक गौतम, अजीत कुमार सिन्हा, अवधेश सिंह, पंकज कुमार पांडे, श्रवण कुमार सिंह और सदानंद सिंह यादव पीपीएस से आईपीएस प्रमोट हो गए हैं.

UPPSC Polytechnic Recruitment : शैक्षिक योग्यता, भर्ती के नियम और सैलरी में भी हुए ये बदलाव

UPPSC Polytechnic Recruitment : शैक्षिक योग्यता, भर्ती के नियम और सैलरी में भी हुए ये बदलाव

UPPSC Polytechnic Recruitment : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा नियमावली में संशोधन करने के कारण तीन साल पहले जारी किया गया भर्ती विज्ञापन रद्द कर दिया था.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 20:14 IST
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नई दिल्ली. UPPSC Polytechnic Recruitment : उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने टेक्निकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के अंगर्गत राजकीय पालिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर, वर्कशॉप सुपरिंटेंडेंट और लाइब्रेरियन पदों पर भर्ती के लिए संशोधित विज्ञापन जारी किया है. इसके तहत 1370 पदों पर भर्ती की जानी है. इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है. आयोग ने संशोधित भर्ती विज्ञापन में पदों की संख्या 1261 से बढ़ाकर 1370 कर दिया है. इस भर्ती का विज्ञापन 2017-18 में जब जारी हुआ था तो उस वक्त कुल 1261 पद ही थे. लेकिन बीच में 109 पदों का और अधियाचन आ गया. उसे भी इसी में जोड़ दिया गया है.

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने रिक्त पदों की संख्या के साथ शैक्षिक योग्यता में भी बदलाव कर दिया है. पहले लेक्चरर पद के लिए बीटेक में न्यूनतम 55% अंक होने चाहिए थे. लेकिन अब इसे 60% कर दिया गया है. इसके साथ ही प्रिंसिपल पद की सैलरी में भी परिवर्तन कर दिया गया है. पहले यह 78800 रुपये प्रतिमाह थी. लेकिन अब इसे एक लाख 31 हजारा रुपये कर दिया गया है.

क्यों रद्द हो गया था विज्ञापन

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा इन पदों पर भर्ती की नियमावली में संशोधन करने के कारण आयोग ने इसकी विज्ञप्ति सात सितंबर 2021 को रद्द कर दी थी. नई विज्ञप्ति के अनुसार, प्रिंसिपल के 13 पद, लेक्चरर के 1254 पद, वर्कशॉप सुपरिंटेंडेंट के 16 व लाइब्रेरियन के 87 पद हैं.

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दिल्ली पुलिस और यूपी ATS के ऑपरेशन में गिरफ्तार आमिर का कानपुर कनेक्शन सामने आया

दिल्ली पुलिस और यूपी ATS के ऑपरेशन में गिरफ्तार आमिर का कानपुर कनेक्शन सामने आया

Kanpur News: गिरफ्तार आमिर अपने रिश्तेदार हुमेद के साथ कई बार कानपुर का दौरा कर चुका था. इन्होंने कई इलाकों में रेकी थी. शहर में स्लीपिंग मॉड्यूल का नेटवर्क तैयार करने में लगे थे.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश एटीएस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पकड़े गए कथित आतंकियों का कानपुर कनेक्शन सामने आया है. बताया गया है कि गिरफ्तार आमिर अपने रिश्तेदार हुमेद के साथ कई बार कानपुर आया था. सूत्रों के अनुसार अपनी जड़ें मजबूत करने के लिए आमिर व उसके कई साथी भी यहां आए थे. इन्होंने कई इलाकों में रेकी थी. शहर में स्लीपिंग मॉड्यूल का नेटवर्क तैयार करने में लगे थे.

सूत्रों के मुताबिक़ इस बार हमले में अंडरवर्ल्ड का सहयोग लिया जा रहा था. एक टीम अनीस इब्राहिम के इशारे पर मुंबई अंडरवर्ल्ड से ऑपरेट हो रही थी. उसका खास मोहरा समीर कालिया था, वहीं दूसरी टीम ने दिल्ली में अपना बेस बना रखा था. यहां ओसामा आईएसआई के इशारे पर चालें चल रहा था.इसी आईएसआई के नेटवर्क के जरिए कश्मीर से लखनऊ में आमिर के पास आईईडी डिवाइस पहुंचाई गई थी. बाद में उसने आईईडी प्रयागराज में जीशान के पास पहुंचा दी.प्रयागराज से बरामद आईईडी को नई दिल्ली में डिलीवर करने की जिम्मेदारी अंडरवर्ल्ड के पास थी. इसकी डिलिवरी अंडरवर्ल्ड से जुड़े मूलचंद को करनी थी.

समीर को अपने अंडरवर्ल्ड के नेटवर्क के जरिए इस आईईडी को प्रयागराज से नई दिल्ली पहुंचाना था. प्रयागराज में जीशान से आईईडी लेकर नई दिल्ली तक पहुंचाने का काम मूलचंद लाला, इम्तियाज उर्फ कल्लू और जमील खत्री का था. यूपी एटीएस ने इम्तियाज, जमील और ताहिर को दिल्ली स्पेशल सेल के हवाले कर दिया था.

उधर समीर कालिया मुंबई से नई दिल्ली के लिए ट्रेन से चला था, लेकिन रास्ते में ही राजस्थान के कोटा से स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया. जानकारी के अनुसार नई दिल्ली पहुंचकर समीर को ओसामा से मीटिंग करनी थी. इसके बाद टार्गेट बताया जाता और समीर आईईडी प्लांट करवाकर और धमाका करवाता.

लखनऊ में पिछले 32 घण्टों में 222 मिलीमीटर बारिश, टूट सकता है 1985 का रिकॉर्ड

लखनऊ में पिछले 32 घण्टों में 222 मिलीमीटर बारिश, टूट सकता है 1985 का रिकॉर्ड

UP News: लखनऊ में 24 घण्टे के दौरान हुई बारिश का ऑल टाइम रिकार्ड 1985 का है. तब 24 घण्टे में कुल 177 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. गुरुवार 16 सितम्बर को दिन में ही लखनऊ में 115 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) और आसपास के जिलों में बुधवार से हो रही बारिश (Rainfall) थमने का नाम नहीं ले रही है. वैसे तो अभी तक रायबरेली (Raebareli) के फुर्सतगंज में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गयी है लेकिन, राजधानी लखनऊ में भी बारिश नये रिकार्ड कायम करने की ओर है. गुरुवार सुबह 8.30 बजे से लेकर शाम को 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश लखनऊ में दर्ज की गयी है.

बता दें कि इसी साल 28 जुलाई को इस सीजन की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. तब 24 घण्टे में कुल 115 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. इससे पहले 2012 में 24 घण्टे के दरम्यान कुल 138 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी.

बुधवार से शुरू हुई बारिश अभी भी लगातार जारी है. लखनऊ में इस सीजन में हुई सबसे ज्यादा बारिश के रिकार्ड की बराबरी तो हो चुकी है. अब नये रिकार्ड बनने बाकी है. रात में बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा तो शुक्रवार की सुबह नया रिकार्ड बनेगा. ऐसा लग रहा है कि शुक्रवार की सुबह होते-होते 2012 में हुई बारिश का रिकार्ड टूट जायेगा. यदि शुक्रवार की सुबह तक मात्र 23 मिलीमीटर बारिश भी हुई तो 9 सालों का रिकार्ड टूट जायेगा. इस बात की भी आशंका बढ़ गयी है कि कहीं बारिश ऑल टाइम रिकार्ड न बना दे.

बता दें कि बुधवार सुबह 8.30 बजे से गुरुवार सुबह 8.30 बजे तक 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. गुरुवार को सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक 115 मिलीमीटर बारिश हुई है. यानी लखनऊ में बुधवार की सुबह 8.30 बजे से गुरुवार की शाम 5.30 बजे तक कुल 222 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है.

1985 में हुई थी चौबीस घंटे में सबसे ज्यादा बारिश

बता दें कि लखनऊ में 24 घण्टे के दौरान हुई बारिश का ऑल टाइम रिकार्ड 1985 का है. तब 24 घण्टे में कुल 177 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी थी. गुरुवार 16 सितम्बर को दिन में ही लखनऊ में 115 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है. ऐसे में रात में यदि 62 मिलीमीटर और बारिश हो जायेगी तो एक नया ऑल टाइम रिकार्ड बन जायेगा.

भारी बारिश के कारण शहर के ज्यादातर इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी हो गयी है. नाले भी उफना गये हैं. शहर के वीआईपी इलाके भी जलभराव से बच नहीं पाये हैं. जान और माल का लखनऊ में भारी नुकसान हुआ है. मौसम विभाग का अनुमान है कि बारिश की रफ्तार में शुक्रवार से थोड़ी कमी आ जायेगी.

UP Election Politics: किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, पराली जलाने के 900 केस लिए वापस

UP Election Politics: किसानों पर मेहरबान योगी सरकार, पराली जलाने के 900 केस लिए वापस

Cases Against Farmers Withdrawn: अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास में अहम किरदार निभाते हैं. इसलिए सरकार ने किसानों के ऊपर से पराली जलाने के 868 केस वापस ले लिए हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 16, 2021, 19:23 IST
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लखनऊ. आगामी विधानसभा चुनाव और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान आंदोलन के असर को देखते हुए योगी सरकार ने 900 किसानों को एक राहत राहत दी है. सरकार ने पराली जलाने को लेकर अलग-अलग थानों में दर्ज करीब 900 मुकदमों को वापस ले लिया है. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए हैं. पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी में किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की घोषणा की थी.

यूपी में पराली जलाने के आरोप में किसानों के ऊपर 868 केस दर्ज थे. अब सरकार ने मुकदमे वापस ले लिए हैं. अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था और विकास में अहम किरदार निभाते हैं. इसलिए सरकार ने किसानों के ऊपर से पराली जलाने के 868 केस वापस ले लिए हैं. अवस्थी ने कहा है कि कोरोना महामारी के दौरान किसानों के हित देखते हुए अलग-अलग जनपदों में दर्ज पराली जलाने के मुकदमों को वापस लेने का आदेश दिया है. प्रदेश में 868 किसानों पर आईपीसी और 1860 की धारा 188, 278, 290 और 291 दर्ज किए गए थे.

CM योगी ने दिया था भरोसा
पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने कहा था कि पराली जलाने के दर्ज मुकदमों को वापस लिया जाएगा. साथ ही अगर कोई जुर्माना लगा है तो उसकी भी माफ़ी होगी। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने गन्ना के समर्थन मूल्य बढ़ाने की बात पर भी विचार करने का भरोसा दिलाया था.

Explained: UP में 300 यूनिट फ्री करने से ज्यादा आसान है बिजली सस्ती करना, जानिए कैसे?

Explained: UP में 300 यूनिट फ्री करने से ज्यादा आसान है बिजली सस्ती करना, जानिए कैसे?

आपके लिए इसका मतलब: उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दोनों विकल्पों फ्री बिजली और सस्ती बिजली के निर्णय पर अध्ययन कर बताया कि सस्ती बिजली सभी उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा कारगर है, जबकि फ्री बिजली का विकल्प दूरगामी नहीं है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Assembly Elections-2022) में सस्ती और फ्री बिजली (Free Electricity) मुख्य मुद्दा होगा, यह बात बिलकुल तय है. सभी राजनीतिक पार्टियां अभी से बिजली के मुद्दे पर लामबंदी में लग गई हैं. आम आदमी पार्टी (Aam Admi Party) ने 300 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सत्ता में आने पर फ्री बिजली देने व किसानों को भी फ्री बिजली देने का एलान किया है. इससे पहले पश्चिम बंगाल के चुनाव में बीजेपी (BJP) ने कहा था कि उनकी सरकार बनी तो 200 यूनिट फ्री होगी. इसके बाद उत्तराखंड में बीजेपी सरकार के ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 100 यूनिट बिजली जल्द होगी फ्री. जानकारों का मानना है कि फ्री बिजली सरकारें एक निश्चित समय के लिए दे सकती हैं, वह भी सब्सिडी देकर. लेकिन सस्ती बिजली लम्बे समय तक सभी उपभोक्ताओं को सरकारें दे सकती हैं. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत  उपभोक्ता परिषद का मानना है कि सस्ती बिजली सभी को आसानी से प्रदेश में दी जा सकती है.

परिषद का कहना है कि सभी पार्टियां चुनाव आते ही बड़ी-बड़ी बातें करती हैं लेकिन उसके पीछे कोई प्रस्ताव नहीं घोषित करती हैं. उपभोक्ता परिषद ने दोनों विकल्पों फ्री और सस्ती पर जब अध्ययन किया तो जो स्थिति सामने आई, उसमें सस्ती बिजली सभी उपभोक्ताओं के लिए ज्यादा कारगर साबित हुई. क्योंकि फ्री बिजली का विकल्प दूरगामी नहीं है.

34 प्रतिशत सस्ती हो सकती है बिजली दरें

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि वैसे देश में उत्तर प्रदेश पहला राज्य है, जहां प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर उदय व ट्रूप में अब तक कुल लगभग 20596  करोड़ रुपया निकल रहा है. जिसके एवज में उपभोक्ता परिषद् ने नियामक आयोग में बिजली दरों में एक साथ 34 प्रतिशत. और यदि एक साथ न सम्भव हो तो अलग-अलग वर्षों में अगले 5 वर्षों तक 6.8 प्रतिशत बिजली दरों में कमी किए जाने की याचिका दाखिल की है. जाहिर है यूपी सरकार आज चाहे तो प्रदेश के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में कमी हो सकती है.

AAP यूपी में लाई दिल्‍ली का फॉर्मूला, सिसोदिया का बड़ा ऐलान- हमारी सरकार बनी तो 300 यूनिट बिजली फ्री

अवधेश वर्मा आगे कहते हैं कि अब सवाल उठता है कि क्या प्रदेश में 300 यूनिट तक बिजली फ्री दी जा सकती है? तो यह सरकारों को तय करना है क्योंकि फ्री बिजली देने का मतलब सरकार उसके एवज में सब्सिडी बढ़ाये.

300 यूनिट बिजली फ्री करने पर सरकार पर बढ़ जाएगा बोझ

पूरे प्रदेश में वर्ष 2021 -22 के आकड़ों पर गौर करें तो प्रदेश में कुल लगभग 2 करोड़ 75 लाख घरेलू उपभोक्ता हैं, जिनसे कुल राजस्व, जो विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित किया गया, वह लगभग 26741 करोड़ है. वर्तमान में सरकार द्वारा कुल घोषित सब्सिडी लगभग 11 हजार करोड़ है. अब सवाल यह उठता है कि अगर 300 यूनिट तक घरेलू उपभोक्ताओं को प्रदेश में फ्री बिजली दी जाय तो उनकी कुल संख्या लगभग 2 करोड़ 43 लाख के करीब होगी और उनसे वर्तमान में जो राजस्व अनुमोदित है, वह लगभग 21186 करोड़ है. यानी फ्री बिजली देना है तो लगभग 21182 करोड़ की अतिरिक्त सब्सिडी देनी होगी.

वहीं किसानों की बात करें तो उनकी कुल संख्या लगभग 13 लाख है. उनका जो कुल राजस्व अनुमोदित है, वह लगभग 1845 करोड़ है. यानी किसानों की बिजली फ्री करने के लिए अतिरिक्त लगभग 2000 करोड़ की सब्सिडी सरकार को देना होगा.

UP Weather Report: लखनऊ सहित कई इलाकों में जोरदार बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी

UP Weather Report: लखनऊ सहित कई इलाकों में जोरदार बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी

UP Rain Forecast: पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों को छोड़ दें तो प्रदेश के लगभग सभी जिलों में पिछले 24 घंटे से बारिश का सिलसिला जारी है. लखनऊ और आसपास के जिलों में तो तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यह सिलसिला अभी कई दिनों तक जारी रह सकता है.

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लखनऊ. मान्यता है की हथिया नक्षत्र के चढ़ते ही लगातार बारिश होती है, लेकिन मान्यता से हटकर कुछ अलग हो रहा है. हैं. क्योंकि हथिया नक्षत्र अक्टूबर के पहले हफ्ते में चढ़ेगा, लेकिन उससे पहले ही लगातार बारिश हो रही है पश्चिमी यूपी के कुछ जिलों को छोड़ दें तो प्रदेश के लगभग सभी जिलों में पिछले 24 घंटे से बारिश जारी है. लखनऊ और इसके आसपास के जिलों में तो तेज बारिश हो रही है. मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक यह सिलसिला अभी कई दिनों तक जारी रह सकता है. हालांकि यह सिलसिला अगले 24 घंटे बाद थम सकता है.

राजधानी लखनऊ और इसके आसपास के जिलों में बुधवार रात से शुरू हुई तेज बारिश लगातार जारी है. वैसे तो बुधवार की दोपहर में भी तेज बारिश हुई थी, लेकिन जोरदार बारिश का सिलसिला बीती रात से चल रहा है. राजधानी लखनऊ में तो बुधवार की सुबह से गुरुवार की सुबह तक 107 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. .

कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट
विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है इन जिलों में बारिश या तो जारी रहेगी या फिर बारिश की संभावना बनी रहेगी . बारिश के साथ साथ 87 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चलेंगे। जिन जिलों में बारिश जारी रहेगी वह जिले हैं – अमेठी, अयोध्या, बाराबंकी, बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, कासगंज, एटा, मथुरा, अलीगढ़, बुलंदशहर और नोएडा. इन सभी जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, यानी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है.

इन इलाकों में भी बारिश की संभावना
इसके अलावा कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, जौनपुर, अंबेडकर नगर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, संत कबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, बस्ती, गोंडा, श्रावस्ती, फतेहपुर, बांदा, झांसी, महोबा, हमीरपुर, जालौन, इटावा, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, कासगंज, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, संभल, अमरोहा और हापुड़ में भी बारिश या तो हो रही है या अगले कुछ घंटों में होने की संभावना है.

कई इलाकों में मकान गिरे और जलजमाव
कई शहरों में जलजमाव हो गया है.कुछ जिलों में कच्चे मकानों के गिरने से लोगों की जानें भी गई हैं. हवा के तेज झोंके से किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं. हवा के तेज झोंके से धान की फसल गिर रही है.

वेस्ट यूपी में किसान आंदोलन के असर से BJP चिंतित, नुकसान कम करने को CM योगी कर सकते हैं बड़ा ऐलान

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Kisan Aandolan Effect: यूपी विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी और राज्य सरकार के स्तर पर फीडबैक लेने के साथ-साथ कई स्तर पर सर्वे कराये जा रहे हैं. बीजेपी के एक क़द्दावर नेता ने बताया कि VAT यूपी में किसानों की दूसरी समस्या है.

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लखनऊ. दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन (Kisan Aandolan) के कारण बीजेपी (BJP) का शीर्ष नेतृत्व काफी चितिंत है. क्योंकि अगर यही माहौल रहा तो आने वाले विधानसभा चुनावों (UP Assembly Election 2022) में काफी सियासी नुकसान हो सकता है. यूपी के पश्चिम क्षेत्र में इस आंदोलन का काफी असर देखा जा रहा है, ऐसे में बीजेपी नेतृत्व हर वो कोशिश कर रहा है, जिससे किसान आंदोलन की धार को कुंद किया जा सके.

यूपी विधानसभा चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी और राज्य सरकार के स्तर पर फीडबैक लेने के साथ-साथ कई स्तर पर सर्वे कराये जा रहे हैं. बीजेपी के एक क़द्दावर नेता ने बताया कि वेट (VAT) यूपी में किसानों की समस्या दूसरी है. पश्चिम उत्तर प्रदेश में खासकर मेरठ और मुजफ्फरनगर बेल्ट में गन्ना किसानों की बड़ी संख्या है. इन गन्ना किसानों में भी एक जाति विशेष का वर्चस्व है, इसलिये अगर सटीक रणनीति अपना कर इन गन्ना किसानों को साध लिया जाये तो योगी सरकार काफी हद तक अपना सियासी नुकसान कम कर सकती है.

इन तीन मुद्दों को साधने की कोशिश
पिछले 3-4 सालों से गन्ने पर सरकार ने रेट नहीं बढ़ाया है, जिसके कारण खासी नाराजगी का असर देखा जा सकता है. बिजली के महंगे रेट और आवारा पशुओं की समस्या भी इस क्षेत्र में काफी विकराल है. बीजेपी नेता के मुताबिक़ अगर सरकार इन तीन प्रमुख समस्याओं का समाधान कर दे तो किसानों और समाज विशेष की बीजेपी सरकार से दूरी को पश्चिम उत्तर प्रदेश में पाटा जा सकता है.

क्या है यूपी के गन्ना किसानों की मांग
यूपी के गन्ना किसानों की मांग है कि पंजाब के बराबर उनको भी समर्थन मूल्य मिलना चाहिए. अभी यूपी में 325 रूपये प्रति कुंतल का रेट है, जबकि पंजाब में 360 रूपये और हरियाणा में 362 रूपये का रेट है. ऐसे में योगी सरकार के लिए इतना रेट बढ़ाना एक बड़ी चुनौती भी है, क्योंकि इससे राज्य सरकार पर काफी बोझ बढ़ जाएगा.

गन्ना का समर्थन मूल्य बढ़ाया जा सकता है
रणनीति के तहत बीजेपी किसान मोर्चा लगातार सक्रिय है. इसी कड़ी में किसान मोर्चा 18 सितंबर को एक बड़ा किसान सम्मेलन लखनऊ में आयोजित करेगा, जिसमें प्रदेश के सभी ज़िलों से करीब 20 हजार किसान सहभागिता करेंगे. न्यूज़ 18 इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक इसी किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गन्ना के समर्थन मूल्य को बढ़ाने का एलान कर सकते हैं. इसके साथ ही बाकी समस्याओं के समाधान पर भी मुख्यमंत्री किसानों को बड़ी राहत दे सकते हैं. अगर बीजेपी की ये योजना सफल हो जाती है और किसान संतुष्ट हो जाते हैं तो पश्चिम उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों का पासा उलट सकता है.

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