इंस्ट्रक्टरों का योगी सरकार पर आरोप, नहीं निभाया अपना वादा

इंस्ट्रक्टरों का कहना है कि 11 महीने बीत जाने के बावजूद प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी नहीं किया और अब भी इंस्ट्रक्टरों को सिर्फ 8470 रुपये मानदेय ही मिल रहा है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: April 17, 2018, 7:15 PM IST
इंस्ट्रक्टरों का योगी सरकार पर आरोप, नहीं निभाया अपना वादा
अनुदेशक शिक्षकों का प्रदर्शन. Photo: News18
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Updated: April 17, 2018, 7:15 PM IST
यूपी में योगी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत इंस्ट्रक्टर शिक्षकों ने धरना-प्रदर्शन किया. इंस्ट्रक्टर ने दारुलशफा से बीजेपी कार्यालय की तरफ कूच किया तो पुलिस ने बेरिकेटिंग करके उन्हें रास्ते में रोका. इस पर अनुदेशकों ने दोनों तरफ सड़क जाम कर धरना-प्रदर्शन किया. जिसके बाद पुलिस ने धक्के देकर उन्हें खदेड़ा.

जुलाई, 2013 में प्रदेश के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब 31 हजार अंशकालिक इंस्ट्रक्टरों की नियुक्ति हुई थी. अनुदेशकों का कहना है कि 2017-18 के बजट में केंद्र सरकार ने प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड की बैठक में उनका मानदेय 17 हजार रुपये करने की सैद्धांतिक सहमति दी थी. इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने इसकी पहली किश्त भी जारी कर दी. लेकिन 11 महीने बीत जाने के बावजूद प्रदेश सरकार ने शासनादेश जारी नहीं किया और अब भी इंस्ट्रक्टरों को सिर्फ 8470 रुपये मानदेय ही मिल रहा है.

इतना ही नहीं प्रदेश सरकार 2018-19 के बजट और 51वीं वार्षिक कार्य योजना के लिए 9800 रुपये का प्रस्ताव भेज रही है. इंस्ट्रक्टरों की मांग है कि उनको 17 हजार रुपये मानदेय देने का आदेश तत्काल राज्य सरकार की तरफ से जारी किया जाए. इसके अलावा इंस्ट्रक्टरों का स्वत: नवीनीकरण होने और महिला इंस्ट्रक्टरों को 6 माह का वैतनिक अवकाश देने का भी आदेश जारी करने की मांग अनुदेशक कर रहे हैं.
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