आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने सरकार के खिलाफ फिर खोला मोर्चा, घर की नेम प्लेट पर लिखवाया- 'जबरिया रिटायर्ड'

घर के बाहर घड़े अमिताभ ठाकुर.

घर के बाहर घड़े अमिताभ ठाकुर.

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) कैडर के चर्चित आईपीएस ऑफिसर अमिताभ ठाकुर (IPS Amitabh Thakur) एक बार फिर से मीडिया की सुर्खियों में हैं. जबरन दिए गये वीआरएस के बाद आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने फिर से सरकार के खिलाफ ताल ठोक दी है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) कैडर के चर्चित आईपीएस ऑफिसर अमिताभ ठाकुर (IPS Amitabh Thakur) एक बार फिर से मीडिया की सुर्खियों में हैं. जबरन दिए गये वीआरएस के बाद आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने फिर से सरकार के खिलाफ ताल ठोक दी है. उन्होंने राजधानी लखनऊ स्थित अपने आवास पर लगे नेप प्लेट पर अपने नाम के आगे लिखा जबरिया रिटायर्ड का पर्चा चस्पा कर दिया है. इस नेम प्लेट के साथ उनकी फोटो भी वायरल हो रही है. तमाम कवायदों के बाद उन्हें सरकार द्वारा समय से पहले रिटायरमेंट दे दिया गया था. अमिताभ ठाकुर द्वारा नेम प्लेट पर पर्चा चस्पा करने को सरकार के खिलाफ फिर से मोर्चा खोलने के रूप में देखा जा रहा है.

बता दें कि गृह मंत्रालय की स्क्रीनिंग में उत्तर प्रदेश अमिताभ ठाकुर सहित 3 आईपीएस अफसरों को सरकारी सेवा के लिए अनुपयुक्त पाया गया. तीनों अधिकारियों पर गंभीर आरोपों की बात कही गई है. अमिताभ ठाकुर फिलहाल आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर थे. अमिताभ ठाकुर के अलावा आईपीएस राजेश कृष्ण और आईपीएस राकेश शंकर को रिटायर किया गया है. अमिताभ ठाकुर ने कहा है कि वे इस आदेश के खिलाफ कोर्ट जाएंगे.

विवादों से नाता

बता दें कि 1992 बैच के आईपीएस अमिताभ ठाकुर मूलत: से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं. वह अच्छे लेखक, कवि और आरटीआई ऐक्टिविस्ट भी हैं. उत्तर प्रदेश की बीती सपा सरकार में उन्होंने सीधे तौर पर सपा संरक्षक मुलायम सिंह से विवाद मोल ले लिया था. उन्होने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के खिलाफ धमकी का केस भी दर्ज करावाया था. इसके बाद अखिलेश सरकार ने भी उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया. यही नहीं अमिताभ ठाकुर के खिलाफ कई विभागीय कार्रवाई भी हो चुकी हैं. अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर भी आरटीआई ऐक्टिविस्ट हैं. अमिताभ ठाकुर ने योगी सरकार में भी कई बार बदहाल कानून व्यवस्था को लेकर आवाज उठाई है.
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