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पशुपालन विभाग में ठेके के नाम पर फर्जीवाड़ा: फरार आईपीएस अरविंद सेन पर कस रहा शिकंजा

यूपी में पशुधन फर्जीवाड़ा मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हें
यूपी में पशुधन फर्जीवाड़ा मामले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हें

पशुपालन विभाग में जब फर्जीवाड़ा सामने आया, तब आईपीएस अरविंद सेन (IPS Arvind Sen) डीआईजी, पीएसी आगरा में तैनात थे. उन्हें सरकार ने निलंबित कर दिया है. पता चला है कि व्यापारी को धमकी देने के लिए अरविंद सेन ने 20 लाख रुपए लिए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 10:21 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के पशुपालन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर हुए फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी मामले में आईपीएस अरविंद सेन (IPS Arvind Sen) पर शिकंजा कसता दिख रहा है. जांच मे पता चला है कि सरग़ना आशीष राय ने अरविंद सेन को इंदौर के व्यापारी को धमकी देने के लिए 2 बार में 20 लाख रूपये का भुगतान किया था. इस भुगतान के बारे में जांच कर रही टीम को सबूत भी मिल गए हैं.

ठेका दिलाने के नाम पर व्यापारी से 10 करोड़ की वसूली

बता दें पशुपालन विभाग में ठेका दिलाने के नाम पर एक दर्जन पत्रकारों, अधिकारियों और नेताओं ने मिलकर इंदौर के एक व्यापारी को जमकर ठगा था. इंदौर के इस व्यापारी से क़रीब 10 करोड़ रुपये हड़प लिए गए थे. इसके लिए जालसाज़ों ने बाक़ायदा फर्जी दफ़्तर और निदेशक भी तैयार कर दिया था.



ठेका नहीं मिला तो पैसा वापस मांगने पर धमकाया
बाद में जब ठेका नहीं मिला तो व्यापारी ने पैसे वापस मांगे तो उसे आईपीएस ने धमकाया था. मामला जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा तो सघन जांच शुरू हुई और गिरफ़्तारियां हुईं. इस मामले मे पत्रकार समेत 11 लोगों की गिरफ्तारी की गई है. मामला खुलने के बाद से आरोपी आईपीएस फ़रार है जबकि मंत्री से पूछताछ हो चुकी है.



आईपीएस निलंबित हो चुके हैं, बर्खास्तगी की तलवार लटकी

जब मामला खुला तो आईपीएस अरविंद सेन डीआईजी, पीएसी आगरा में तैनात थे, जिन्हें सरकार ने निलंबित कर दिया. इसके बाद से ही आईपीएस फ़रार चल रहे हैं. उनकी तलाश लगातार जांच टीमें कर रही है. जानकारी के मुताबिक इन आईपीएस की इस मामले में गिरफ़्तारी तय है और बहुत मुमकिन है कि इन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की भी संस्तुति की जाए.
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