लखनऊ से इस दिन शुरू होगी IRCTC की पहली तेजस एक्सप्रेस, जानिए- पूरा रूटीन

भारतीय रेल ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ-दिल्ली और मुंबई-अहमदाबाद दो ट्रेनें IRCTC को चलाने के लिए दी हैं. IRCTC शुरुआत में तीन साल के लिए इन ट्रेनों का संचालन करेगी.

Chandan Kumar | News18 Uttar Pradesh
Updated: September 4, 2019, 11:25 PM IST
लखनऊ से इस दिन शुरू होगी IRCTC की पहली तेजस एक्सप्रेस, जानिए- पूरा रूटीन
इस ट्रेन में हवाई जहाज़ जैसी सुविधा दी जाएगी. इसलिए ट्रेन का किराया भी आम ट्रेनों के मुकाबले ज़्यादा होगा. (सांकेतिक तस्वीर)
Chandan Kumar | News18 Uttar Pradesh
Updated: September 4, 2019, 11:25 PM IST
लखनऊ. IRCTC की पहली तेजस एक्सप्रेस (Tejas Express) ट्रेन 4 अक्टूबर को लखनऊ से शुरू होगी. रेलवे सूत्रों के अनुसार IRCTC  को दी गई पहली तेजस एक्सप्रेस ट्रेन लखनऊ-नई दिल्ली-लखनऊ से बीच सप्ताह में 6 दिन चलेगी. बताया जा रहा है कि यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर हर दिन चलेगी. वहीं मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस ट्रेन को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

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सूत्रों के मुताबिक ट्रेन को मुंबई से अहमदाबाद के बीच इस ट्रेन के केवल दो स्टॉपेज सूरत और वडोदरा दिए गए हैं. लेकिन IRCTC  को आशंका है कि रूट पर केवल दो स्टॉपेज होने से ट्रेन के लिए मुसाफ़िर जुटा पाना संभव नहीं होगा. इसलिए IRCTC,  5 अतिरिक्त स्टेशनों पर भी इस ट्रेन के स्टॉपेज मांग रहा है. जिसमें बोरीवली, वापी, भरूच और नाडियाद स्टेशन भी शामिल हैं.

सूत्रों के मुताबिक ट्रेन को मुंबई से अहमदाबाद के बीच इस ट्रेन के केवल दो स्टॉपेज सूरत और वडोदरा दिए गए हैं.


तीन साल के लिए इन ट्रेनों का संचालन करेगी IRCTC
भारतीय रेल ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लखनऊ-दिल्ली और मुंबई-अहमदाबाद दो ट्रेनें IRCTC  को चलाने के लिए दी हैं. IRCTC  शुरुआत में तीन साल के लिए इन ट्रेनों का संचालन करेगी. इस ट्रेन में हवाई जहाज़ जैसी सुविधा दी जाएगी. इसलिए ट्रेन का किराया भी आम ट्रेनों के मुकाबले ज़्यादा होगा. यह किराया मांग के मुताबिक कम या ज़्यादा होगा यानी कि ये ट्रेनें डायनेमिक फेयर सिस्टम के साथ चलेंगीं.

शताब्दी एक्सप्रेस से ज़्यादा और हवाई किराए से आधा होगा किराया
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इस ट्रेन का किराया उसी रूट पर चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस से ज़्यादा जबकि हवाई किराए से आमतौर पर आधा होगा. लेकिन ट्रेन का किराया इतना ज़रूर रखा जाएगा कि 60-70 फ़ीसदी सीटें बुक होने के बाद ट्रेन BREAK EVEN POINT पर पहुंच सके यानी इसे चलाने पर आने वाला खर्च निकाला जा सके. इसलिए ​IRCTC रेलवे बोर्ड ने हॉलेज चार्ज में भी छूट दी है.

छूट या पास को मान्यता नहीं
वहीं सूत्रों के मुताबिक़ IRCTC की मांग है कि उसे ट्रेन के लिए अलग और स्वतंत्र बुकिंग की अनुमति मिले और रेलवे बोर्ड अपनी तरफ से ट्रेन में टिकट चेकिंग और बाक़ी कुछ ज़रूर स्टॉफ मुहैया कराए. महंगी और विशेष यात्रा सुविधा होने की वजह से इन ट्रेनों में किसी तरह की छूट या पास को मान्यता नहीं दी जाएगी.

दरअसल भारतीय रेल ने नई सरकार में अपने 100 दिन के एजेंडे में निजी क्षेत्र को ट्रेन संचालन के लिए आकर्षित करने की योजना बनाई है. इसी के तहत रेलवे ने प्रयोग के तौर पर अपनी ही कंपनी (PSU) IRCTC दो ट्रेनों का संचालन सौंपने का फ़ैसला किया है. इसके लिए IRCTC रेलवे को हॉलेज चार्ज देगी जबकि ट्रेन से होने वाली आय उसकी होगी. फ़िलहाल IRCTC​ केवल टूरिस्ट या स्पेशल ट्रेनों का संचालन करती है.

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First published: September 4, 2019, 11:20 PM IST
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