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अयोध्या फैसले के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद आज दाखिल करेगा रिव्यू पिटीशन

News18 Uttar Pradesh
Updated: December 2, 2019, 3:11 PM IST
अयोध्या फैसले के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद आज दाखिल करेगा रिव्यू पिटीशन
रिव्यू याचिका दाखिल करने के बाद अरशद मदनी पांच बजे प्रेस कांफ्रेंस करेंगे.

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक जमीयत अपनी याचिका में कोर्ट (Court) के फैसले के तीन बिंदुओं पर पुनर्विचार करने की अपील करेगा.

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लखनऊ. अयोध्या (Ayodhya) पर आए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के खिलाफ जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiyat Ulema Hind) सोमवार को 2 बजे रिव्यू पिटीशन (Review Petition) दायर करेगा. जमीयत उलेमा-ए-हिंद के चीफ अरशद मदनी (Arshad Madni) की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी. यह याचिका वरिष्ठ वकील राजीव धवन द्वारा दायर की जाएगी. इसके बाद अरशद मदनी शाम 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

इन तीन बिंदुओं पर रिव्यू की होगी मांग
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक जमीयत अपनी याचिका में कोर्ट के फैसले के तीन बिंदुओं पर पुनर्विचार करने की अपील करेगा. अरशद मदनी के मुताबिक याचिका में इस बात का जिक्र होगा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि इस बात के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं कि मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाई गई थी. फिर कैसे फैसला उनके पक्ष में दिया गया? लिहाजा इस पर भी विचार करने की अपील की जाएगी. दूसरी बात ये कि 22-23 दिसंबर 1949 की रात अवैध तरीके से मूर्ति रखी गई. तीसरी बात कि 6 दिसंबर 1992 को मस्जिद तोड़ी गई. फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने इसे गलत बताया है. लेकिन इस पर सजा नहीं दी गई और जमीन उन्हें सौंप दी गई. इस पर भी विचार करने की अपील की जाएगी.

AIMPLB 6 दिसंबर को दाखिल कर सकता है पुनर्विचार याचिका

बता दें इस मामले में कुल चार पुनर्विचार याचिका दाखिल होंगी. एक जमीयत उलेमा-ए-हिन्द की तरफ से आज दाखिल होगी. मुस्लिम पक्षकारों की तीन याचिका आल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से 6 दिसम्बर को दाखिल हो सकती है.

सुन्नी वक्फ बोर्ड नहीं दाखिल करेगा पुनर्विचार याचिका
उधर इस विवाद में सबसे बड़े पक्षकार सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने पुनर्विचार याचिका दाखिल न करने का फैसला लिया है. 26 नवंबर को लखनऊ में हुई बैठक में बहुमत से इस निर्णय पर मुहर लगा दी जा चुकी है. हालांकि बैठक में पांच एकड़ जमीन पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है. इस पर राय बनाने के लिए सदस्यों ने और वक्त मांगा है.

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First published: December 2, 2019, 1:44 PM IST
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