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भगवान राम के घर से उनकी ससुराल तक चलेगी बस सेवा, PM मोदी ने की थी शुरूआत
Lucknow News in Hindi

Mohd Shabab | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 21, 2020, 12:58 PM IST
भगवान राम के घर से उनकी ससुराल तक चलेगी बस सेवा, PM मोदी ने की थी शुरूआत
भगवान राम के घर से उनकी ससुराल तक चलेगी बस सेवा (file photo)

यूपी रोडवेज के एमडी राज शेखर ने बताया कि आलमबाग बस टर्मिनल से जनकपुर नेपाल के लिए सुबह 7 बजे हर दूसरे दिन जनरथ बस रवाना होगी. यह बस अयोध्या, गोररखपुर, कुशीनगर होते हुए सुबह 10 बजे जनकपुर धाम पहुंचेगी.

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लखनऊ. भारत और नेपाल के तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लखनऊ से अयोध्या होते हुए नेपाल के जनकपुर तक बस सेवा की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 11 मई 2018 शुरूआत की थी. इसी कड़ी में लखनऊ के आरएम पल्लव बोस, अयोध्या के आरएम धर्मेंद्र कुमार यादव और मातारानी यातायात समिति जनकपुर धाम के अध्यक्ष मनोज चौधरी के बीच हुई कई दौर की बैठकों में इसे दोबारा शुरू करने पर सहमति बन गई. सोमवार रात दोनों पक्षों ने सहमति पत्र एक दूसरे को सौंप दिए हैं.

जिसके बाद ये सेवा फिर से बहाल हो गई है. यूपी रोडवेज के एमडी राज शेखर ने बताया कि आलमबाग बस टर्मिनल से जनकपुर नेपाल के लिए सुबह 7 बजे हर दूसरे दिन जनरथ बस रवाना होगी. यह बस अयोध्या, गोररखपुर, कुशीनगर होते हुए सुबह 10 बजे जनकपुर धाम पहुंचेगी. राजशेखर के मुताबिक वापसी में जनकपुर धाम से सुबह 8 बजे रवाना होने वाली बस रात 11 बजे आलमबाग टर्मिनल पहुंचेगी. इस बस से जनकपुर तक जाने पर 1350 रुपये किराया खर्च करना होगा, जबकि अयोध्या से जनकपुर तक 950 रुपये किराये के देने होंगे.

लखनऊ में बैठक के बाद बनी सहमति
लखनऊ में बैठक के बाद बनी सहमति


आपको बता दें कि लखनऊ से जनकपुर की दूरी करीब 497 किलोमीटर की होगी जो 11-12 घंटे के सफर में पूरी होगी. सस्ते किराये वाली एसी जनरथ बस आलमबाग बस टर्मिनल से रवाना होकर कमता बस अड्डा होते हुए अयोध्या व गोरखपुर के रास्ते जनकपुर तक जाएगी.

क्यों खास है जनकपुर?

नेपाल के जनकपुर के केन्द्र में स्थित जानकी मंदिर देवी सीता को समर्पित है. इस मंदिर को जनकपुरधाम भी कहा जाता है. हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोग इस मंदिर के विशाल परिसर को देखकर दंग रह जाते हैं. मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ की रानी ने इस मंदिर को 1911 में बनवाया था. इसके निर्माण में तकरीबन 16 साल लगे थे. मन्दिर के विशाल परिसर के आसपास कुल मिलाकर 115 सरोवर हैं. इसके अलावा कई कुण्ड भी हैं, जिनमें गंगासागर, परशुराम कुण्ड एवं धनुष-सागर अधिक प्रसिद्ध हैं. गौरतलब है कि रामायण सर्किट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है जिसमें जनकपुर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है.

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First published: January 21, 2020, 12:58 PM IST
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