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कमलेश तिवारी हत्याकांड: भड़काऊ बयान बना हत्या की वजह, गुजरात से 3 लोग गिरफ्तार: DGP

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 19, 2019, 4:14 PM IST

हिंदू महासभा (Hindu Mahasabha) के पूर्व अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या (Kamlesh Tiwari Murder) मामले में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के डीजीपी ओपी सिंह (OP Singh) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश पुलिस (UP Police) ने हिंदू महासभा (Hindu Mahasabha) के पूर्व अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या (Kamlesh Tiwari Murder) मामले को सुलझा लेने का दावा किया है. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह (OP Singh) ने इस संबंध में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि पुलिस ने अपराध के 24 घंटे के अंदर केस को सुलझा लिया है. हत्या के सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है. जांच में हत्या के तार गुजरात से जुड़े हुए पाए गए. डीजीपी ने कहा कि कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या हुई है, अभी तक इसके पीछे किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता अभी तक नहीं मिली है. उन्होंने बताया कि जांच में तीन लोगों को गुजरात पुलिस के साथ साझा अभियान में हिरासत में लिया गया है.

आरोपी 21 और 23 साल के नौजवान
डीजीपी ने बताया कि इनमें से एक मोहसिन शेख सलीम है, जो सूरत का रहने वाला है और ये साड़ी की दुकान पर काम करता है. वहीं दूसरा फैजान है, जो सूरत में ही जिलानी अपार्टमेंट का रहने वाला है. ये 21 साल का है और जूते की दुकान पर काम करता है. डीजीपी के अनुसार मौका ए वारदात से बरामद मिठाई के डिब्बे की खरीद में फैजान लिप्त पाया गया है. वहीं तीसरा शख्स रशीद अहमद पठान हैं. ये 23 साल का है इसे कंप्यूटर चलाने की जानकारी भी है. उन्होंने कहा कि इसके अलावा दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है. लेकिन उन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया है. उन पर भी नजर रखी जा रही है.

kamlesh CCTV
कमलेश तिवारी हत्याकांड में सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें तीन संदिग्धों का पता चला है.


भड़काऊ भाषण हत्या का अहम कारण : डीजीपी
डीजीपी ने कहा कि हत्याकांड में बिजनौर के दौ मौलानाओं के खिलाफ नामजद मुकदमा भी दर्ज किया गया था. 2015 में दोनों मौलानाओं ने कमलेश के सिर पर इनाम रखा था. इनकी भी जांच की जा रही है. अभी शुरुआती जांच में इन मौलानाओं के ऐलान और सूरत में हिरासत में लिए गए 3 आरोपियों के बीच संबंध खंगाला जा रहा है. ऐसा लगा रहा है कि साम्प्रदायिक भावनाएं भड़काकर हत्याकांड करवाया गया है.
डीजीपी ने कहा कि कल महत्वपूर्ण सुराग मिले थे. हमने कई टीमों को यूपी और बाहर भेजा था. हमारी टीम गुजरात भेजी गई. मौके पर मिला मिठाई का डिब्बा और तकनीकी सबूत मिले. मैंने गुजरात के डीजीपी से तुरंत बात कर जानकारी दी. सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से अध्ययन किया गया. हत्यारे एक विशेष पोशाक पहन कर आए हत्यकांड को अंजाम दिया.
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DGP
डीजीपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर
कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में 3 लोगों के हिरासत में लेने की जानकारी दी है.


हिरासत में लिए गए तीनों शख्स को लखनऊ ला सकती है स्पेशल टीम

डीजीपी ने कहा कि गुजरात और यूपी पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है. तीन संदिग्धों मौलाना मोहसिन शेख, फैज़ान, रशीद अहमद पठान से पूछताछ हो रही है. दो और संदिग्धों को पूछताछ के बाद छोड़ा गया. ये तीनों कमलेश तिवारी की हत्या की साज़िश में शामिल हैं, जिन्होंने हत्या को अंजाम दिया है उनकी तलाश चल रही है. लखनऊ से स्पेशल टीम तीनों को रिमांड पर लखनऊ ला सकती है.

साजिश में मौलनाओं से भी पूछताछ जारी

डीजीपी ने बताया कि एफआईआर में साज़िश रचने में मौलाना अनवारुल और मुफ़्ती काज़मी से पूछताछ कर रही है. लखनऊ, बिजनौर और सूरत को जोड़कर विवेचना की जा रही है. रशीद पठान ने हत्या की प्लानिंग की. मौलाना मोहसिन शेख ने मृतक के पुराने बयानों पर भड़काया गया. मौलाना ने कहा कि कमलेश का कत्ल होना चाहिए. फैज़ान ने मिठाई खरीदी थी. राशीद के भाई और गौरव तिवारी को पूछताछ के बाद छोड़ा. गौरव ने कमलेश को फोन कर उनके संगठन में काम की इच्छा ज़ाहिर की. गुजरात एटीएस की सहायता हमें मिल रही है. अभी तक किसी आतंकी संगठन का मामले में नाम नहीं आया है. किसी संगठन के जिम्मेदारी की बात सामने नहीं आई है.

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First published: October 19, 2019, 11:54 AM IST
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