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कमलेश तिवारी हत्याकांड: 74 सीसीटीवी फुटेज और 24 घंटे की मशक्कत के बाद यूपी पुलिस को मिली कामयाबी

यूपी पुलिस द्वारा बरामद खून से सने कपड़ों की जांच फॉरेंसिक टीम ने शुरू कर दी है.(आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज)

यूपी पुलिस द्वारा बरामद खून से सने कपड़ों की जांच फॉरेंसिक टीम ने शुरू कर दी है.(आरोपियों का सीसीटीवी फुटेज)

कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder Case) का खुलासा करने के लिए यूपी पुलिस (UP Police) ने लखनऊ (Lucknow) में ही लगभग 74 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज (CCTV Footage) खंगाला है.

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नई दिल्ली. हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के अध्यक्ष कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) की हत्या मामले में लखनऊ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. लखनऊ पुलिस (Lucknow Police) ने रविवार को नाका इलाके के एक होटल से आरोपियों के खून से सने भगवा कपड़े बरामद किए हैं. यूपी पुलिस द्वारा बरामद खून से सने कपड़ों की जांच फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने शुरू कर दी है. फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर फिंगर प्रिट आदि साक्ष्यों का मिलान किया है. यूपी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अगर जरूरत हुई तो खून से सने कपड़ों को सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब, दिल्ली (Central Forensic Science Laboratory, Delhi) भी भेजा जा सकता है.

यूपी के एक आईपीएस (IPS) अधिकारी के मुताबिक, इस हत्याकांड में शामिल लगभग सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है. अब इस हत्याकांड में शामिल और लोगों के तार खंगाले जा रहे हैं. हत्याकांड में शामिल अन्‍य संदिग्‍धों की तलाश में यूपी पुलिस कई जगहों पर छापा मार रही है. यह छापामारी बीते 24 घंटों से लगातार चल रही है. यूपी पुलिस के लगभग एक दर्जन आईपीएस अधिकारी और 100 से अधिक इंस्पपेक्टर लेवल के तेज-तर्रार अधिकारियों को इस काम में लगाया गया है. उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह खुद दिन-रात इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.

यूपी के एक आईपीएस अधिकारी के मुताबिक इस हत्याकांड में शामिल लगभग सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है.


इस हत्याकांड का खुलासा करने के लिए यूपी पुलिस ने लखनऊ में ही लगभग 74 से ज्‍यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली है. कमलेश तिवारी की हत्या में शामिल युवक 31 फुटेज में दिखाई दिए हैं. साथ ही यूपी पुलिस ने 24 घंटे के दौरान लगभग 160 फोन कॉल्स को भी खंगाला है, तब जाकर आरोपियों का लिंक मिल पाया है. इस मामले में यूपी पुलिस, महाराष्ट्र पुलिस और गुजरात पुलिस मिलकर काम कर रही हैं. लगभग 300 से अधिक लोगों से इस मामले में पूछताछ की गई है, जो अभी भी जारी है.

कई सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद कामयाबी हाथ लगी
बता दें यूपी पुलिस भविष्य में किसी किरकिरी से बचने के लिए ठोस साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है. कई सीनियर फॉरेंसिक एक्पर्ट्स की एक टीम बनाई गई है, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर उसे जांच के लिए लखनऊ की विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है. अगर जरूरत हुई तो दिल्ली और हैदराबाद की फॉरेंसिक लैब में भी ये सैंपल भेजे जा सकते हैं. फॉरेंसिक टीम डीएनए सैंपल कलेक्शन किट, फिंगर प्रिंट डेवलपिंग लिफ्टिंंग किट, क्राइम सेशन प्रोफेशन किट, एविडेंस कलेक्शन एंड सैंपलिंंग किट, ब्लड एंड सीमेन डिटेक्शन किट के साथ घटनास्थल पर पहुंची थी.

फॉरेंसिक टीम में कई वरिष्ठ वैज्ञानिकों की एक टीम है
कई सीनियर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम बनाई गई है.


बीते शुक्रवार को कमलेश तिवारी की हत्या करने के बाद आरोपियों ने लखनऊ के नाका इलाके के होटल में कपड़े बदले थे. 17 अक्टूबर को आरोपियों ने उस होटल में कमरा लिया था और वहीं 18 अक्टूबर को वारदात को अंजाम देने के बाद होटल जाकर खून से सना हुआ कुर्ता बदला था. लखनऊ पुलिस ने आरोपियों की मोबाइल लोकेशन का भी पता लगा लिया है.

गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के अध्यक्ष कमलेश तिवारी (Kamlesh Tiwari) की हत्या (Murder) कर दी गई थी. इस हत्याकांड में गुजरात से तीन और यूपी से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. यूपी के बिजनौर के दो मौलानाओं की भी भूमिका की जांच अभी भी लखनऊ पुलिस द्वारा की जा रही है. वर्ष 2015 में इन दोनों मौलानाओं ने ही कमलेश तिवारी का सिर कलम करने वालों को डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी.

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