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Kisaan Aandolan: अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी ने BJP सरकार पर साधा निशाना

Kisaan Aandolan: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव  (File Photo)
Kisaan Aandolan: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव (File Photo)

Kisaan Aandolan: अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने ट्वीट किया है कि जब बेबस किसान की न सुनी जाती फ़रियाद, हुकूमत के ग़रूर की वो हिला देते हैं बुनियाद! प्रियंका ने लिखा है कि आज बातचीत में सरकार को किसानों को सुनना होगा. कानून के केंद्र में किसान होगा न कि भाजपा के अरबपति मित्र.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 3, 2020, 9:51 PM IST
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लखनऊ. केन्द्रीय कृषि कानूनों (Central agricultural laws) के विरोध में किसानों का आंदोलन (Kisan Andolan) लगातार बड़ा होता जा रहा है. किसान पिछले एक हफ्ते से लगातार दिल्ली के बॉर्डर (Delhi Border) पर जमे हुए हैं, वहीं दिल्ली कूच की तैयारी में जुटे किसानों को मनाने की सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है. इस बीच 2 दिन पहले बेनतीजा रही किसान संगठनों और सरकार के बीच बैठक आज एक बार फिर होने वाली है. वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों ने सियासत भी तेज कर दी है. मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. अखिलेश ने इसके साथ ही सभी पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता से अपील की है कि किसानों को हर संभव मदद करें, डॉक्टर उनकी सहायता करें.

अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है, “जब बेबस किसान की न सुनी जाती फ़रियाद, हुकूमत के ग़रूर की वो हिला देते हैं बुनियाद!”

इससे पहले अखिलेश यादव ने लिखा, “हम कृषि क़ानूनों के इस संघर्ष में अपने अन्नदाता भाइयों के लिए आटा, दाल, चावल की कमी नहीं होने देंगे. हम सपा के कार्यकर्ताओं व आम जनता से अपील करते हैं कि वो अन्नदाता की हर संभव मदद करें. डॉक्टरों से विशेष आग्रह है कि वो बुजुर्ग किसानों का ख़्याल रखें.”
वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट कर बीजेपी पर निशाना साधा है. प्रियंका ने लिखा है, “भाजपा सरकार के मंत्री व नेता किसानों को देशद्रोही बोल चुके हैं. आन्दोलन के पीछे इंटरनेशनल साजिश बता चुके हैं. आन्दोलन करने वाले किसान नहीं लगते बोल चुके हैं. लेकिन आज बातचीत में सरकार को किसानों को सुनना होगा. किसान कानून के केंद्र में किसान होगा न कि भाजपा के अरबपति मित्र.”




उधर, केंद्र सरकार लगातार कोशिश कर रही है कि किसानों की समस्या जल्द से जल्द सुलझा ली जाए. इसको लेकर आज भी बैठक है जिसमें शांतिपूर्ण तरीके से समाधान निकालने पर चर्चा होगी. वहीं किसानों ने संसद का विशेष सत्र बुलाकर तीनों बिल रद्द करने की मांग की है.
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