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भगवान राम से भी जुड़ी है मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा!
Lucknow News in Hindi

Mohd Shabab | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 14, 2020, 3:28 PM IST
भगवान राम से भी जुड़ी है मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा!
मकर संक्रांति पर पतंगबाजी की परंपरा काफी पुरानी है.

मशहूर ज्योतिष आचार्य राजेश कहते हैं कि धर्मग्रंथों में भगवान राम द्वारा भी पतंग उड़ाने का जिक्र है.

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लखनऊ. मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के दिन पतंग (Kite) उड़ाने की लंबे समय से चली आ रही परंपरा आज भी बदस्तूर कायम है. आधुनिक जीवन की भाग-दौड़ में भले ही लोगों में पतंगबाजी का शौक कम हो गया हो, लेकिन मकर संक्रांति के दिन लोग पतंग जरूर उड़ाते हैं. इसी परंपरा की वजह से मकर संक्रांति को पतंग पर्व भी कहा जाता है. हिंदू मान्यता के मुताबिक पतंगबाजी की शुरुआत त्रेता युग से चली आ रही है. पुराणों में इस बात का जिक्र मिलता है कि बाल्यकाल में भगवान राम ने पतंग उड़ाई थी, जो इंद्रलोक तक पहुंच गई थी. तभी से मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने की परंपरा चली आ रही है.

भगवान राम ने भी उड़ाई थी पतंग

मशहूर ज्योतिष आचार्य राजेश कहते हैं कि हिंदू मान्यताओं और कथाओं में भगवान राम के द्वारा भी पतंग उड़ाने का जिक्र है. आचार्य राजेश एक चौपाई का उदाहरण देते हुए कहते हैं कि 'राम इक दिन चंग उड़ाई, इन्द्रलोक में पहुंची जाई'. जिसका अर्थ है कि भगवान राम ने भी आज के दिन पतंग उड़ाई थी, और वो इंद्रलोक तक पहुंच गई थी. उस समय से लेकर आज तक पतंग उड़ाने की परंपरा चली आ रही है. वर्षों पुरानी यह परंपरा वर्तमान समय में भी बरकरार है.

पतंगबाजी को लेकर लोगों में उत्साह हुआ कम

हालांकि समय के साथ आसमान में रंग-बिरंगी पतंगें.. 'ये काटा, वो काटा का शोर' थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन आज भी लोगों को आकर्षित करती हैं. हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन लोग चूड़ा-दही खाने के बाद मकानों की छतों और खुले मैदानों की ओर दौड़े चले जाते हैं. पतंग उड़ाकर दिन का मजा लेते हैं. मकर संक्रांति के दिन पतंगबाजी करते लोगों का उत्साह देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मकर राशि (मकर रेखा पर) में प्रवेश कर चुके सूर्य को पतंग की डोर के सहारे उत्तरी गोलार्द्ध (कर्क रेखा) की ओर खींचने की कोशिश की जा रही हो.

लखनऊ में भी पतंगों के बाजार गुलजार है. 5 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की पतंगे बाजारों में शोभा बढ़ा रहीं हैं. रील, सद्दी, मांझा चीजों से दुकान पटी पड़ी है. दुकानदार भी इस त्यौहार के लिए खूब इंतजार करते हैं.

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First published: January 14, 2020, 2:49 PM IST
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