लाइव टीवी

नवाबों के शहर लखनऊ में जिंदा हैं 'पतंगबाजी' का शौक...

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 29, 2019, 1:26 PM IST
नवाबों के शहर लखनऊ में जिंदा हैं 'पतंगबाजी' का शौक...
नवाबों के शहर लखनऊ में जिंदा हैं 'पतंगबाजी' का शौक...

इतिहासकार रविभट्ट कहतें हैं कि पूरे देश में मकर संक्रांति को पतंग उड़ाई जाती है, लेकिन लखनऊ एकलौता ऐसा शहर है जहां दीपावली के अगले दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है.

  • Share this:
लखनऊ. दीपावली के अगले दिन सोमवार को जहां पूरा देश गोवर्धन पूजा मनाता है तो वहीं राजधानी लखनऊ में गोवर्धन पूजा के साथ साथ पतंगबाजी भी खूब होती है. और इस दिन को लखनऊ में जमघट कहते हैं. पुराने लखनऊ की हर छत पर खूब पतंगबाजी होती है. इस छत से आवाज आती है ये काटा तो उस छत से वो काटा की आवाजें खूब गूंजती है. पूरा परिवार इस दिन छत पर पतंग उड़ाने पहुंचता है. जमघट को लेकर तमाम तैयारियां भी की जाती हैं.

 5 रुपये से लेकर 500 तक की पतंगे 

वहीं शहर के बाजार भी आज खूब गुलजार हैं, जहां 5 रुपये से लेकर 500 तक की पतंगे बाजारों में शोभा बढ़ा रहीं हैं. रील, सद्दी, मांझा चीजों से दुकान पटी पड़ी है. दुकानदार भी इस त्यौहार के लिए खूब इंतजार करते हैं. इतिहासकार रविभट्ट कहतें हैं कि पूरे देश में मकर संक्रांति को पतंग उड़ाई जाती है, लेकिन लखनऊ एकलौता ऐसा शहर है जहां दीपावली के अगले दिन पतंग उड़ाने की परंपरा है.

दीपावली के अगले दिन पतंग उड़ाने की परंपरा
दीपावली के अगले दिन पतंग उड़ाने की परंपरा


क्या है जमघट की मान्यता

वो कहतें हैं कि असल में पतंगबाजी का शौक नवाबी है. दरअसल नवाब आसिफुद्दौला को पतंग उड़ाने का खूब शौक था. और तब से ये त्योहार का एक अंग बन गया. लखनऊ में यही पतंगबाजी का दौर आगे दीपावली के अगले दिन जमघट के रूप में जुड़ गया. और इसी लिए सालभर लखनऊ में पतंगे उड़ती हैं. लेकिन जमघट मकर संक्रांति से भी ज्यादा जोर-शोर से पतंग उड़ाने के लिए जाना जाता है. लोग जो अपने शहर से दूर पढ़ने या काम करने चले गए वो भी खास तौर से पतंगबाजी करने जमघट में अपने लखनऊ जरूर आते हैं.

पतंगबाजी का कॉपटीशन
Loading...

पतंगबाजी के लिए बड़े-बड़े क्लब बनाए गए हैं. जो पतंगें उड़ाने दूर-दूर जाते हैं. बाकायदा इसके लिए पतंगबाजी का कॉपटीशन भी होता है. जमघट में शहर का हर आम-ओ-खास पतंगबाजी करता हैं. अपनी तमाम नजाकत के लिए पूरी दुनिया में मशहूर लखनऊ अपनी पतंगबाजी के लिए अपने को दूसरे शहरों से अलग खड़ा नजर आता है.

चाइनीज मांझे पर रोक

पतंगबाजी के शौकीन भी न्यूज 18 से बातचीत में बताया कि वह पतंगबाजी के लिए पूरी तैयारियां करते हैं. सालभर कहीं रहे, चाहे किसी दोस्त से साल भर मुलाकात न हो लेकिन जमघट पर उससे पतंग लड़ाने जरूर आते हैं. हालांकि पतंगों की बाजार में इस बार चाइनीज मांझा नहीं बिक रहा है. दुकानदार से लेकर पतंग बाज तक लोगों से अपील करते हैं कि त्यौहार को त्यौहार की तरह मनाए चाइनीज मांझे का प्रयोग कतई ना करें क्योंकि उससे बहुत नुकसान है.

रिपोर्ट- मो शबाब

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 29, 2019, 1:26 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...