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जानिए कौन थे अखिलेश यादव के सियासी गुरु, जिनकी ट्रेनिंग को आज भी याद करते हैं पूर्व CM
Lucknow News in Hindi

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 22, 2020, 3:22 PM IST
जानिए कौन थे अखिलेश यादव के सियासी गुरु, जिनकी ट्रेनिंग को आज भी याद करते हैं पूर्व CM
सपा प्रमुख अखिलेश यादव (File Photo)

जनेश्वर मिश्र जिन्हें लोग 'छोटे लोहिया' के नाम से जानते थे, उन्हें देश के 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने का अनुभव था.

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लखनऊ. यह बहुत ही कम लोगों को मालूम है कि समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को राजनीति में लाने का श्रेय जनेश्वर मिश्र (Janeshwar Mishra) यानी 'छोटे लोहिया' को जाता है. समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) ने जनेश्वर मिश्र की देख-रेख में ही अखिलेश यादव को राजनीति के गुर सीखने की बात कही थी. अखिलेश यादव भी सार्वजनिक मंचों से कई बार कह चुके हैं कि जनेश्वर मिश्र ने जो ट्रेनिंग उनको दी, वह उन्होंने कहीं नहीं सीखी. यही वजह है कि आज जनेश्वर मिश्र के 10वीं पुण्यतिथि के मौके पर अखिलेश यादव ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.

कौन थे जनेश्वर मिश्र?

5 अगस्त 1933 को बलिया जिले में जन्मे जनेश्वर मिश्र की पढ़ाई-लिखाई इलाहाबाद में हुई थी. जनेश्वर मिश्र शुरुआत से ही मेधावी और संघर्षशील नवयुवक के रूप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की राजनीति में भी जाने जाने लगे थे. बाद के दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर भी जनेश्वर मिश्र ने अपनी छाप युवा नेता के तौर पर छोड़ी. आपको जानकर हैरानी होगी कि जनेश्वर मिश्र ने संघर्ष के दिनों में जिस मकान को इलाहाबाद में किराए पर लिया था, आखिर में 22 जनवरी 2010 को उसी मकान में उन्होंने अंतिम सांस ली. छोटे लोहिया के नाम से मशहूर जनेश्वर मिश्र सिर्फ उत्तर प्रदेश की राजनीति में ही नहीं, बल्कि देश में भी जाने गए. उनकी पत्नी का नाम गंगोत्री देवी था.

न था निजी मकान और न कार

उत्तर प्रदेश की विधानसभा में नेता विरोधी दल रामगोविंद चौधरी से न्यूज़ 18 टीम ने जब छोटे लोहिया के बारे में बात की तो उन्होंने कहा, 'ऐसे समाजवादी नेता थे जिन्हें हमेशा गरीबों और दबे लोगों की फिक्र रहती थी.' पुरानी यादों को ताजा करते हुए राम गोविंद ने कहानी सुनाते हुए कहा, 'नेताजी ने छोटे लोहिया जी से एक बार कहा कि आपके पास कोई अपना मकान नहीं है. मैं आपको एक फ्लैट दे देता हूं. नेताजी के इस ऑफर को जनेश्वर मिश्र मना नहीं कर सके, लेकिन नेताजी ने जो फ्लैट उन्हें गिफ्ट किया था, वे कभी भी उस फ्लैट में गए ही नहीं.'

Akhilesh yadav pays tribute to janeshwar mishra
अखिलेश यादव ने दी जनेश्वर मिश्र को श्रद्धांजलि


देश के छह प्रधानमंत्रियों के साथ छोटे लोहिया ने किया कामजनेश्वर मिश्र ने देश के 6 प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया. मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, वीपी सिंह, चन्द्रशेखर, एचडी देवगौड़ा और आईके गुजराल के साथ जनेश्वर मिश्र को काम करने का मौका मिला. केंद्र की सरकार में जनेश्वर मिश्र कई विभागों के मंत्री भी रहे. वे पेट्रोलियम, जल संसाधन, उर्वरक, ऊर्जा, परिवहन, संचार और रेलवे के मंत्री रहे.

जनेश्वर मिश्र ने वीपी सिंह को भी हराया था

1978 के लोकसभा चुनाव में इलाहाबाद से चुनाव लड़ रहे विश्वनाथ प्रताप सिंह के खिलाफ जो व्यक्ति मुखर होकर चुनाव लड़ रहा था, उसका नाम जनेश्वर मिश्र था. जनेश्वर मिश्र ने न सिर्फ विश्वनाथ प्रताप सिंह को इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव में हराया, बल्कि अपनी छाप भी राष्ट्रीय परिदृश्य पर शानदार तरीके से रखी. बाद के दिनों में यही विश्वनाथ प्रताप सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री भी बने. विश्वनाथ प्रताप सिंह की कैबिनेट में जनेश्वर मिश्र बाद के दिनों में केंद्रीय मंत्री भी बने.

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First published: January 22, 2020, 1:40 PM IST
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